झारखंड मे मैथिली सेहो होयत दोसर राजभाषा
विशेष संपादकीय झारखंड मे मैथिली – लेखक डा. रविन्द्र कुमार चौधरी द्वारा लिखल एकटा गंभीर शोधमूलक पोथी जाहि मे झारखंडक विभिन्न जिला मे मैथिलीक उपस्थिति केर सुन्दर दस्तावेजीकरण कयल गेल अछि। झारखंड मे मैथिलीभाषीक बसोवासक इतिहास लगभग १००० वर्ष सँ २००० वर्ष केर कालखण्ड निर्धारित करैत देवघर मे बसल मैथिल पंडा समाजक संग डा. जार्ज … झारखंड मे मैथिली सेहो होयत दोसर राजभाषा









