मैथिली भाषा-साहित्य मे स्वयंसेवी सृजनकर्मीक अकूत भंडार अछि
लेखक परिचयः पप्पू कुमार ठाकुर मैथिलीक सेवा आ परमार्थ-पुरुषार्थक उपलब्धि मैथिली भाषा-साहित्यक सेवाक लाभ सामान्य दृष्टि सँ देखल जाय तँ कोनो खास नहि देखायत, लेकिन गहींर दृष्टि रखनिहार एहि मर्म केँ नीक सँ बुझैत अहर्निश एहि भाषा लेल सृजनकर्म करैत छथि। एहि मे भेटयवला आत्मसन्तोष केर परमानन्द एकमात्र सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि होइछ जे सर्वसाधारण पर्यन्त बुझि … मैथिली भाषा-साहित्य मे स्वयंसेवी सृजनकर्मीक अकूत भंडार अछि









