कोरोना – हमर विचार काव्य
कोरोना – हमर विचार – अम्बिका चौधरी, बीए (जर्नलिज्म), सीएमएस, जैन युनिवर्सिटी, बंगलुरु बहुत प्रताड़ित कयलहुँ अहाँ सब हमरा अपन हड़बड़ाहट सँ आबि गेल हमर बारी, करय दिअ मोहित अहाँ सबकेँ अपन चहचहाहट सँ जहिना पागल लेल नहि होइत अछि कोनो विचारधारा नहि कोनो घेरा May be they are sane! तहिना कोरोना बनि … कोरोना – हमर विचार काव्य









