संस्कृति केर सहज व्याख्या
महावाक्य ‘संस्कृति’ केर अर्थ छैक – ‘संस्कार कयल गेल’। ई संस्कार व्यक्तिक चेतना केर होइत छैक। मोनक गुण-धर्म व्यक्तिक सहज वृत्ति सब सँ व्यक्त होइत छैक। एकटा बच्चा नंगटे रहैत छैक। माँ-बाप ओकरा कपड़ा पहिराबैत छैक। बच्चा पैखाना-पेशाब कय केँ कपड़ा गन्दा कय देल करैत छैक। माँ कपड़ा साफ करैत छैक और फेर दोसर कपड़ा … संस्कृति केर सहज व्याख्या









