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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्-रावण संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्‌-रावण संवाद पूर्वदृश्यः अशोक वाटिका मे सीताजी सँ हनुमान्‌जी भेंट कयला उपरान्त फल खेबाक लेल सीतामाता सँ आज्ञा मांगि चलि पड़लाह आ तदोपरान्त फल खेबाक संग-संग वाटिका मे उजाड़-उपाड़ करय लगलाह, ताहि पर जे रखबार हंटय-दबारय आयल ओकरा मसलि-मसलि कय मारय लगलाह। बाद मे रावण लग गोहारि कयलक रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्-रावण संवाद

मैथिली भाषा संग राज्य द्वारा शत्रुताक सब सँ पैघ प्रमाणः पटना हाई कोर्ट के निर्णय

अध्ययनशील मैथिलजन – याद करू ओ दिन (सन्दर्भ मैथिली भाषा सँ राज्यक शत्रुता आ पटना हाई कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक निर्णय) लालूराज द्वारा कयल गेल ऐतिहासिक अत्याचार ‘बिपीएससीसँ मैथिलीकेँ हंटेनाय’ कियो नहि बिसरल होयब। नवतुरिया (युवा)केँ एहि मामिला केँ खूब नीक सँ बुझबाक चाही। १९९२ मे सरकारक आदेश भेल छल। लेकिन एकरा विरूद्ध पटना हाई कोर्ट मैथिली भाषा संग राज्य द्वारा शत्रुताक सब सँ पैघ प्रमाणः पटना हाई कोर्ट के निर्णय

महिला आत्मनिर्भरता

लेख – संगीता मिश्र महिला आत्मनिर्भरता आइ अपन मिथिला समाज मे पुरुष पर आर्थिक उपार्जनक एकल भार (जिम्मेदारी) रहबाक कारण समाज मे असन्तुलन स्पष्ट अछि, एकर कतेको प्रकार के दुष्परिणाम सब सेहो सोझाँ अभैर रहल अछि। मिथिला मे, खास कय केँ कथित बड़का जाति के लोक महिला केँ बाहरी संसार मे अन्य क्षेत्रक महिला सँ महिला आत्मनिर्भरता

गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान

लेख – संगीता मिश्र गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान ‘पति-पत्नी आ ओ’ ‍– फिल्मक लोकप्रियता संग मिथिला समा मे सेहो ई ‘ओ’ प्रकरण आ ‘प्रेम प्रकरण’ कतेको रास परिवार केँ ध्वस्त कय देलक। ई ‘ओ’ के कारण बहुतो गृहस्थी खराब हेबाक बात सर्वविदिते अछि। ‘ओ’ के कारण पति-पत्नी बीच दरार अबैत अछि आ गृहस्थीक अवलम्बा स्त्री शक्तिः दुराचारिणी सँ सावधान

सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा

लेख – संगीता मिश्र सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा आजुक स्थिति-परिस्थिति मे गामक शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा भारी सवाल ठाढ़ भेल छैक । एहेन नहि छैक जे गाम-घर मे पढाई करबाक माहौल नहि छैक, लेकिन शहरी परिवेश संग शहरी विद्यालयक एडवान्स्ड शिक्षा प्राप्त कयल लोक लेल करियर बनबय सँ लयकय शहरहि मे सिंगल मदर के आन्तरिक पीड़ा आ संघर्षक कथा

स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन

लेख – संगीता मिश्र स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन (महिला सच मे दोसर महिलाक दोस्त होइत छथि आ कि दुश्मन? हमर कटु अनुभव) आइ जतेक टूटल-बिखड़ल परिवार देखाइत अछि तेकर जड़ि मे महिलाक भूमिका रहिते टा छैक। आ सब सँ दुखद बात ई जे बेसी केस मे कोनो महिले दोसर महिलाक हक-अधिकार आ इच्छा-मनोरथ विपरीत स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन

विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण)

दृष्टि-विचार (लेख) – संगीता मिश्र विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण) विवाह ओ थिक जे स्त्री-पुरुष दुनू केँ बंधन मे बान्हि एकजुट करैत अछि । एहि बंधन केँ “विवाह” कहल जाइत छैक आ एकर बादक जीवन केँ वैवाहिक जीवन कहल जाइत छैक । दंपति माने स्त्री-पुरुषक जोड़ी, जे धार्मिक, पारिवारिक, सामाजिक, नैतिक, विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण)

दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन

लेख – संगीता मिश्र दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन एकटा बच्चा लेल माता-पिता दुनिया के सबसे अनमोल रत्न होयत अछि, हुनक प्रेम आ आशीर्वादक बिना संसार मे किछु संभव नहि अछि । बच्चाक लेल पहिल आ सब सँ पैघ आदर्श ओकर माता-पिता अछि जिनका सँ जीवन मे बहुत किछु सिखैत छथि। बच्चाक उचित दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन

टुटैत परिवार और समाजक भूमिका

लेख – संगीता मिश्र टुटैत परिवार और समाजक भूमिका प्रत्येक मनुष्य लेल अनुशासन आ सामाजिक मान-सम्मान लेल बनल नियम-कायदा पालन करब आवश्यक छैक। स्त्री लेल समाज बेसी बन्धन आ लाज-पर्दा आदिक विधान बनेने अछि। लेकिन समाज पर गोटेक सवाल अपनहि बनायल नियम के विपरीत जेबाक आरोप सेहो लगैत छैक। अपन जीवनक कठिन संघर्षपूर्ण दिन मे टुटैत परिवार और समाजक भूमिका

विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?

लेख – संगीता मिश्र विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के? प्रत्येक मनुष्य के जीवन मे कोनो तरहक आपदा-विपदा पड़ि जाइत छैक, ओकर पीड़ा मे असगरे ओ तड़पैत आ छटपटाइत रहैत अछि, समाधान के बाट तक नहि सुझाइत रहैत छैक, एहेन दुरावस्था मे कियो संग देनिहार विरले अभरि पबैत छैक…. हमर अनुभव एहने कड़ू आ तीत विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?