मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री सीता-हनुमान् संवाद
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद श्री सीता-हनुमान् संवाद सोरठा : कपि कय हृदय विचार देलनि मुद्रिका सोझाँ खसा। जेना अशोक अंगार देला हरखि उठि हाथ लेली॥१२॥ भावार्थ:- तखन हनुमान्जी हदय मे विचारिकय (सीताजीक सामने) अँगूठी खसा देलनि, मानू अशोक अंगार दय देला (से बुझिकय) सीताजी हर्षित होइत उठिकय ओ हाथ … मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री सीता-हनुमान् संवाद









