Search

प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली फ़िल्म केँ नव ऊंचाई देनिहार झा विकास केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

11 अक्टूबर 2020 । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फ़िल्म केँ ऊंचाई देनिहार झा विकास केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना मधुर मैथिली यूट्यूब चैनल सँ नीक नीक लघुफिल्म आ प्रहसन सह समसामयिक विषय पर आलोचना, समीक्षा आ दृष्टिकोण फ़िल्म रूप में निर्माण आ प्रकाशन करैत आबि रहला अछि। एहि में कतहु दुइ मत नहि जे मैथिली में मैथिली फ़िल्म केँ नव ऊंचाई देनिहार झा विकास केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

समाज मे गदहा नहि उड़यवला घोड़ा बनेबाक होड़ हो

झूठक प्रशंसा सँ गदहा टा बनैत अछि   ई अनुभव हम सब कियो जरूर करैत होयब जे प्रशंसा असली आ नकली दू प्रकार केर होइछ, असली प्रशंसा मे नीक भविष्यक निर्माण होइत अछि ओत्तहि नकली प्रशंसा मे क्षणिक आनन्द प्राप्त होइतो ओ दीर्घकालीन प्रभाव नहि छोड़ि पबैत अछि। मैथिली केर पठन-पाठन या सृजन-पोषण केर कार्य समाज मे गदहा नहि उड़यवला घोड़ा बनेबाक होड़ हो

दलित आ वंचित वर्गक नेता रामविलास पासवान नहि रहलाह, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति व अन्य द्वारा शोक प्रकट

९ अक्टूबर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!!   भारतक एक लोकप्रिय नेता तथा दलित वर्गक प्रतिनिधित्व लेल जानल-मानल नाम केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) केर संस्थापक राम विलास पासवान केर काल्हि वृहस्पति दिन सन्ध्याकाल काफी समय सँ बीमारी सँ संघर्ष करैत मृत्यु भऽ गेलनि। ओ ७४ वर्षक आयु मे दिल्लीक एक अस्पताल मे अन्तिम दलित आ वंचित वर्गक नेता रामविलास पासवान नहि रहलाह, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति व अन्य द्वारा शोक प्रकट

मैथिली जिन्दाबाद पर समाचार अपडेट टीम केर नेतृत्व अम्बिका चौधरी करती

विराटनगर, ८ अक्टूबर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ दिनांक ८ अक्टूबर २०२० वृहस्पति दिन मैथिली जिन्दाबाद वेब पत्रिका केर संपादक एवं सर्वर केर बीच एक बैसार सम्पन्न भेल। एहि बैसार मे मैथिली भाषाक सुन्दरतम आ विश्वसनीय वेब पत्रिकाक रूप मे मैथिली जिन्दाबाद पर स्थानीय एवं राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय समाचार सेहो उल्लेख्य मात्रा मे अपडेट करबाक जरूरत मुताबिक मैथिली जिन्दाबाद पर समाचार अपडेट टीम केर नेतृत्व अम्बिका चौधरी करती

दहेज मुक्त मिथिलाः वैवाहिक समस्याक समाधान लेल विश्वसनीय मंच

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी समस्या आ समाधान पराम्बा जानकी केर कृपा अद्भुत अछि, कियैक त अपने लोकनि मे एक-दोसरक प्रति निष्ठा आ विश्वास मे कहियो कतहु कमी नहि देखल। दु-चारि-दस उचक्का केर बात छोड़ि दी त मोटामोटी एहि समूह पर आपसी विश्वास सर्वोत्कृष्ट अछि। से जरुरियो अछि। आखिर विवाह सँ जुड़ल विमर्श आर आदर्शतम दहेज मुक्त मिथिलाः वैवाहिक समस्याक समाधान लेल विश्वसनीय मंच

बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ

बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ बंग भंग भेलाक बाद प्रान्तीय संरचना मे बनल बिहार – १९१२ ई. मे, पुनः १९३६ ई. मे उड़ीसा अलग भेल आर फेर २००० ई. मे झारखंड अलग भेल – आर आब जे बचल अछि से बिहार भारतक प्रान्तक रूप मे मात्र नहि राजनीतिक स्वरूप केँ बिहार चुनाव २०२० – पटना सँ शासनक बागडोर केकर हाथ

शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार

दर्शन-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कि कहैत अछि अपन शास्त्र-पुराण   उमेर केर आजुक पौदान धरि अबैत ई बात कतेको बेर मस्तिष्क मे आयल अछि जे शास्त्र-पुराण केर वचन आखिर हमरा सब वास्ते एतेक महत्वपूर्ण कियैक मानल जाइछ। आब ई प्रश्न गुरुजन सँ पूछब त ओहो लोकनि कहता जे ओ सिद्ध कयल सत्य (प्रमेय, अकाट्य शास्त्र-पुराण संग हम मानवक अन्योन्याश्रय सम्बन्ध – दर्शन आ विचार

दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार १ – अपन योगदान – जमीनी अभियान

२७ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार – १   अपन योगदान – जमीनी अभियान   काल्हि २६ सितम्बर सन्ध्याकाल ९ बजे सँ ११ बजेक समय मे ‘अपन योगदान – जमीनी अभियान’ विषय पर दहेज मुक्त मिथिला द्वारा प्रथम वेबिनार केर आयोजन कयल गेल। एहि आयोजन मे स्वेच्छा सँ सदस्य लोकनि अपन दहेज मुक्त मिथिला वेबिनार १ – अपन योगदान – जमीनी अभियान

कि थिक मलमास आ एहि मासक कि सब होइछ विशेषता – आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र संग मन्थन

आध्यात्मिक चर्चा – आचार्य धर्मेन्द्र नाथ मिश्र कियैक होयत अछि पुरूषोत्तम मास मलमास के पुरूषोत्तममास, अधिमास आ अधिकमास केर नाम सँ जानल जायत अछि। समान्यतया अधिकमास ३२ महीना १६ दिन ४ घड़ी केर अन्तर सँ आबैत अछि। धर्मग्रंथ में प्रत्येक २८ मासक पश्चात आ ३७ मास सँ पहिने अधिकमास होबाक बात कहल गेल अछि। अधिकमास कि थिक मलमास आ एहि मासक कि सब होइछ विशेषता – आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र संग मन्थन

कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह ई हमर नितान्त व्यक्तिगत विचार छी। हमर एहि विचार सँ किनको निर्णय केँ हम परिवर्तित करय लेल नहि चाहि रहल छी, बल्कि यदि विचार मे स्पष्टता, यथार्थता आ सतर्कताक कोनो भान हुअय तऽ अपन विचार मे जरूर बदलाव आनू तेँ ई लेख लिखि कोन नीकः प्रेम विवाह कि पारम्परिक विवाह