मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री सीता-त्रिजटा संवाद
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद श्री सीता-त्रिजटा संवाद दोहा : जहिं तहिं गेल तखन सबटा सीता मन मे सोच। मास दिन केर बितिते मारत निशिचर पोच॥११॥ भावार्थ : तखन (ओकर बाद) ओ सब जहाँ-तहाँ चलि गेल। सीताजी मन मे सोच करय लगलीह जे एक महीना बीत गेलापर नीच राक्षस रावण हमरा … मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री सीता-त्रिजटा संवाद









