Search

प्रवीण नारायण चौधरी

आजुक मैथिलानी अपन गृहस्थी आ बाल-बच्चाक पालन पोषण केना करथि (विज्ञ विचार)

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर जतय चाह ओतय राह “अहाँ केना मैनेज करैत छी ?” ई प्रशन हमरा स अनगिनत बेर पूछल जा चुकल अछि । और हर बेर हम ईहे जवाब दैत छी जे हम एक टा औरत छी और माँ भी, हम किछुओ कय सकैत छी । एक टा औरत खुद भी अपन आजुक मैथिलानी अपन गृहस्थी आ बाल-बच्चाक पालन पोषण केना करथि (विज्ञ विचार)

हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

लघुकथा – रूबी झा बेटी-बहिन केँ बहुतो व्यक्ति बड आन कय केँ बुझति छथि। जुग बदललैया, बेटीक प्रति पिताक बहुत हद तक सोच बदललैन्हें, लेकिन बहिन के प्रति एखनो लगभग ओहने सोच हावी देखैत छी। एहि बात केर उदाहरण समाज में बहुतो जगह अपने लोकनि देखने हेबैय। देवचन्द्रबाबू सरकारी आला अधिकारी छलथि। बहिनक विवाह में हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

अद्भुत आ समर्पित युवा समाजसेवी मनोज शर्मा

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः मनोज शर्मा – दहेज मुक्त मिथिलाक दरभंगा संयोजक, एक अद्भुत समर्पित युवा समाजसेवी – प्रवीण नारायण चौधरी अभियानी हुअय त एहेन!   बात २०१७ ईस्वीक थिकैक। दहेज मुक्त मिथिला अभियान सँ प्रेरित भेनिहार मे २ टा मिथिलाक बेटा शामिल भेलाह। एकटा पूणे सँ, एकटा मद्रास सँ। दुनू वीर सपूत छथि अपन धरतीक। अद्भुत आ समर्पित युवा समाजसेवी मनोज शर्मा

टूटैत परिवार केँ बचेलक दहेज मुक्त मिथिला अभियान

३० अगस्त २०१९। मैथिली जिन्दाबाद!! दहेज मुक्त मिथिला केर कुशेश्वरस्थान इकाई केर अगुवाई मे आइ बाबा कुशेश्वरनाथ मन्दिर प्रांगन मे आयोजित एक सामाजिक बुझारत केर माध्यम सँ दुइ टूटैत जोड़ी केँ एक करायल गेल अछि। पैछला कतेको मास सँ ढांगा ग्राम केर प्रभाष शर्माक सुपुत्री नीतू देवी केँ हुनक पति ग्राम चौकिया (ईटहर) निवासी रामउदगार टूटैत परिवार केँ बचेलक दहेज मुक्त मिथिला अभियान

२६म् वर्ष मे प्रवेश पर मैथिल समाज द्वारा दहिसर मुम्बई मे कि सब विशेष भेल कृष्णाष्टमी पर

दीपक कुमार खाँ ‘मैथिल’, मुम्बई। ३० अगस्त २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! दहिसर – मुंबई मे मैथिल समाज द्वारा धूमधाम स मनाओल गेल श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव!! मुंबई केर उपनगर दहिसर में रहि रहल मैथिल समाज द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव बहुत धूमधाम स मनाओल गेल। एहि परम्पराक शुरुआत सन् 1993 में श्री अर्जुन झा एवं अन्य सहयोगी २६म् वर्ष मे प्रवेश पर मैथिल समाज द्वारा दहिसर मुम्बई मे कि सब विशेष भेल कृष्णाष्टमी पर

१८ सितम्बर केँ हरिमोहन झा जयंती पर कथा-कानन केर विमोचन दिल्ली मे

३० अगस्त २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली साहित्य मे एकटा भागिरथ प्रयास भ’ रहल अछि। संभवत: पहिल बेर एहन युवा कथाकारक साझा संग्रह प्रकाशित भ’ रहल अछि जाहि मे मैथिलीक व्यापक भूगोल आ व्या‍पक समाजक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कएल जा रहल अछि। ई काज मैथिली साहित्य सम्मेलन दिल्ली क’ रहल अछि।   मैथिली साहित्य सम्मेलन द्वारा कथासम्राट १८ सितम्बर केँ हरिमोहन झा जयंती पर कथा-कानन केर विमोचन दिल्ली मे

सफल महिलाक जीवन मे पतिक महत्व ‍- स्नेहा प्रकाश ठाकुरक लेख ‘हमर जीवनसाथी’

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर हमर जीवनसाथी मैथिली में एक टा फकरा छैक जे हाथी चढ़ि क गौरी पूजलौं जे एहेन वर भेटल, सैह हम अपन दिया बुझइ छी। आइ हम बात करब अपन जीवनसाथी प्रकाश कुमार ( B.E electrical) के । हमर बियाह भेल 24 फरवरी 2012 केँ । हम ओहि समय एमए द्वितीय सफल महिलाक जीवन मे पतिक महत्व ‍- स्नेहा प्रकाश ठाकुरक लेख ‘हमर जीवनसाथी’

मिथिलाक इतिहासः धारावाहिक – मिथिला निर्माण केना भेल तेकर रोचक पौराणिक गाथा

मिथिलाः उत्पत्ति एवं नाम – डा. उपेन्द्र ठाकुर (निरन्तरता मे… क्रमशः सँ आगू) एहि भूमिक उद्भवक एकटा रोचक कथा विष्णुपुराण मे भेटैछ जकर अनुसरण श्रीमद्भागवत कयलक अछि। एहि विवरणक अनुसार इक्ष्वाकुक पुत्र निमि सहस्रवर्षव्यापी यज्ञ प्रारम्भ कयलनि तथा वसिष्ठकेँ आचार्य बनबा लेल कहलथिन। वसिष्ठ उत्तर देलथिन जे “अहाँ पाँच सय वर्ष धरि प्रतीक्षा करू, कारण मिथिलाक इतिहासः धारावाहिक – मिथिला निर्माण केना भेल तेकर रोचक पौराणिक गाथा

किरण आ गुड्डू: रूबी झाक लोकप्रिय लघुकथा

लघुकथा – रूबी झा किरण बेर-बेर अपन माता-पिता सँ कहि रहल छलखिन्ह, माँ-बाबूजी बौआ केँ लऽ जेबैइ तँ लँ जइयौ, लेकिन अहाँ सब राखि नहि पेबइ । असल मे किरण केर माँ-बाबूजी किरण ओतय गेल रहथिन्ह, गुड्डु (किरण केर बेटा)क गर्मी छुट्टी रहनि। आ गुड्डु अपन ईच्छा जतेलखिन्ह मात्रिक जाय केँ नाना-नानीक संग। गुड्डु सात किरण आ गुड्डू: रूबी झाक लोकप्रिय लघुकथा

मृत्युक बाद लोह आ पाथर छुबाक मानवीय मर्म पर वाणीक आवाज

विचार-विमर्श – वाणी भारद्वाज जेना कहल गेल छैक जे कोनो तरहक अनुभव अपना पर बीतत तखने होयत. पिताजीक अचानक मृत्यु हमरा सब केँ शून्य क देने छल. एकदम हस्तप्रत छलहुँ. ऐतेक जिन्दादिल इन्सान एना कोना जा सकैत छैथ? प्रकृति के नियम छैक. तथापि, संस्कार मे जाय सं पहिने गामक काका सब कहि गेलाह, जखन कर्त्ता मृत्युक बाद लोह आ पाथर छुबाक मानवीय मर्म पर वाणीक आवाज