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प्रवीण नारायण चौधरी

फोकब्रेन आ ब्रेनकोठी संग मैथिली-भोजपुरी अकादमी मे महत्वपूर्ण भूमिका कयनिहार डा. के. के. केर योगदान

सामाजिक संजाल मे कयल योगदानक एक छोट समीक्षा – प्रवीण नारायण चौधरी डा. के. के. मात्र कहला सँ बहुत लोक नहि चिन्हि सकबनि, लेकिन ‘कैलाश कुमार मिश्र’ केर नाम सँ बेसी लोक चिन्हैत होयब। एक चर्चित विद्वान् – एन्थ्रोपोलोजी केर अध्ययन सँ स्वयं केँ मानवीय पक्ष प्रति साकांक्ष कयनिहार डा. कैलाश कुमार मिश्र द्वारा मैथिली-मिथिला फोकब्रेन आ ब्रेनकोठी संग मैथिली-भोजपुरी अकादमी मे महत्वपूर्ण भूमिका कयनिहार डा. के. के. केर योगदान

ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय

परम्पराक अगबे दोख देनाय कतेक उचित?   कखनहुँ-कखनहुँ हमरा दिमाग मे ईहो बात अबैत अछि जे अपन पुरुखाजनक परम्परा केँ हम सब सीधे गलत कहि बैेसैत छी से हमरे सभक गलती छी। युग (देश, काल आ परिस्थिति) अनुसारे कोनो सामाजिक नियम केँ बनब या जियब शास्त्रीय पद्धति कहल गेल अछि। पुरुखाजनक समय मे जाहि तरहक ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय

कोना के सुधरत मिथिलाक दिन (अभियान गीत)

कोना सुधरतै मिथिलाक दिन   (तुकबन्दी – प्रवीण नारायण चौधरी, १८.०८.२०२०, विराटनगर, नेपाल)   बड़-बड़ गप बादहु मे देबय, यौ सरकार!   पहिने अपनहि टा सुधरू, से अछि आवश्यक दरकार!!   पूरे मिथिला दहेज मुक्त बनत से विश्वस्त रहू!   परिवर्तन अपनहि टा सँ से पहिने आश्वस्त करू!!   जा धरि स्वाबलम्बी नहि बनय आब कोना के सुधरत मिथिलाक दिन (अभियान गीत)

मिथिला संस्कृति आर परम्परा सत्संग सम्पन्न

काठमाडौँ, १ भाद्र । मैथिली जिन्दाबाद!!   सहृदयता समाज नेपालक आयोजनामे मिथिला संस्कृति आर परम्परा विषयक सत्संग सम्पन्न भेल अछि । मिथिला संस्कृति आर परम्पराक मौलिक दर्शन तथा चिन्तन-धाराक लौकिक अभ्यास कयल जेबाक बात उजागर करैत सहभागी लोकनि एकर संरक्षण आर प्रवर्धन करबाक विन्दु पर जोर देने रहथि ।   कार्यक्रमक प्रमुख वक्ता मिथिला साहित्य मिथिला संस्कृति आर परम्परा सत्संग सम्पन्न

मिथिला, मैथिली आ मैथिल केर पौराणिक परिचय

लेख – आध्यात्मिक अध्ययनक आधार पर मिथिलाक सम्पूर्ण परिचय – प्रवीण नारायण चौधरी अहो मित्र,   कि अहाँ ओहि मिथिला सँ छी जतय स्वयं जगदम्बा जानकी अवतार लेलनि?   पराम्बा जानकी मिथिला धरा सँ अवतार लेलनि, हमरो जन्म एहि धराधाम मे भेल, तैँ ‘जानकी’, ‘किशोरी’, ‘जनकलली’ हमर बहिन छथि!   मिथिलाक रीत-रेबाज आ लोकरीति-संस्कृति सब मिथिला, मैथिली आ मैथिल केर पौराणिक परिचय

१७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन पर प्रकाशित स्मारिका “अधिकार” – अपन प्रति जरूर मंगाउ

समीक्षा – प्रवीण नारायण चौधरी अधिकार सतरहम अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन (स्मारिका)   गत वर्ष २०१९ केर २२ आ २३ दिसम्बर यानि विक्रम संवत साल २०७६ केर पुस मास केर ६ आ ७ गते नेपालक ऐतिहासिक व औद्योगिक नगरी विराटनगर मे आयोजित भेल छल १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन। एहि सम्मेलनक आयोजन ‘मैथिली एसोसिएशन नेपाल, विराटनगर’ द्वारा १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन पर प्रकाशित स्मारिका “अधिकार” – अपन प्रति जरूर मंगाउ

सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ श्रद्धाञ्जलि

श्रद्धाञ्जलि सन्देश: सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ – कौशल किशोर झा One of the great pillar and patriarch of irrigation fraternity octogenerian Er. R.K Thakur breathed his last two three days ago. He was instrumental in planning, design and construction of Kamala irrigation system . Thakur saheb as he was सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ श्रद्धाञ्जलि

बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा

लेख – पिताम्वरी देवी कन्यादान “दीदी मां! दीदी मां! अहाँ केँ बड खिस्सा अबैत ये, हमरा एकटा खिस्सा कहु ने।” रेणू केर सात वर्षक भतीजी आँचर पकड़िकय कहय लगलनि । ओ भतीजी केँ कोरा में बैसबैत कहलनि, “आ! तोरा एकटा खिस्सा कहै छियौ ।” ओ भतीजी केँ दुलार करैत कहलनि, “जखनि तोँ पैघ भऽ जेवहिन बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा

गर्व

विचार – ईशनाथ झा मिथिलामे बास कयनिहार समस्त मैथिल मध्य दू टा नैसर्गिक गुण हमरा अत्यंत रोमांचकारी लगैत अछि। पहिल तँ ककरो मृत्यु पर श्रद्धांजलि देबाक हड़बड़ी आ दोसर बात-बातमे गर्व करबाक सुदीर्घ परंपराक पालन। ई गर्व करबाक पुनीत कार्य सभकें एकताक सूत्रमे बन्हबाक अभूतपूर्व काज करैत अछि। एक आदमी कोनो काज केलक वा किछु गर्व

कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

कन्यादान आ मिथिला   आशा करैत छी राखी नीक सँ मनेलहुँ, भाइ-बहिन बीच स्नेहबन्ध केर रक्षासूत्र बन्हबाक ई परम्परा सच मे मिथिलाक प्राचीन परम्परा सँ इतर हिन्दी सिनेमा द्वारा ‘भाइ-बहिनक प्रेम आ रक्षाबन्धन’ केर महिमामंडन केर असर मानल जाइत अछि – लेकिन भावना उच्च छैक, मानवीय सम्बन्ध मे प्रेम केर महत्व केँ बढेबाक कोनो भी कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी