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प्रवीण नारायण चौधरी

की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

विचार-संग्रह २६ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ सँ किछु महत्वपूर्ण विचार सब केँ संग्रह करबाक लेल पुनः फेसबुक आ सामाजिक संजालक अन्य स्रोत सँ मैथिलीक गोटेक उत्कृष्ट लेख केँ समेटब आरम्भ कय रहल छी। एहि क्रम मे आजुक प्रस्तुति श्री ईशनाथ झा, ग्राम – नरुआर, जिला मधुबनी सँ लेल जा रहल अछि। ई फेसबुक सँ की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

मिथिला सँ जे कटि गेल से मरि गेल बुझू

२५ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! बहुतो बेर एकटा सवाल मोन मे अबैत अछि जे हमरे घरक लोक केँ बाहरी लोक अपन समाज मे जोड़ि ओकरा माथ पर बाहरी साज-सज्जा-सम्मानक कइएक आवरण चढाकय हमर भाइ हमरा सँ छीनि लैत अछि।   भाइ केँ बुझाउ जे बाहरक सम्मान, बाहरक मान, आ कि मान्यता सँ पहिने अपन निजताक मिथिला सँ जे कटि गेल से मरि गेल बुझू

लिखनाइ आ लेखक भेनाइ दुइ अलग प्रक्रिया थिक, मैथिली लिखनिहार लेल किछु सुझाव

किछु सुझाव – अजित आजाद लिखनाइ आ लेखक भेनाइ, दुनू अलग-अलग प्रक्रिया थिक। शुद्धि-अशुद्धिक चिंता कयने बिना अरबो लोक लिखि रहल छथि मुदा ओ लेखक नहि छथि। मोनक बात अथवा विचार लिखबा काल अहाँ जेना बजैत छी, तेना लिखू। गाम-घर मे अधिसंख्य लोक अपन परिचित केँ चिट्ठी-पुर्जी कोना लिखैत अछि, गौर करबै। एहि मे शुद्धिक लिखनाइ आ लेखक भेनाइ दुइ अलग प्रक्रिया थिक, मैथिली लिखनिहार लेल किछु सुझाव

मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित समाचारक असर – भूल सुधार कयलनि पुष्पानि म्यूजिक कम्पनी

२४ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली जिन्दाबाद समाचार केर असर   काल्हिये ई समाचार प्रकाश मे आयल छल जे पंडित मधुकान्त झा ‘मधुकर’ केर साहित्यिक रचना केँ अपना नाम सँ जोड़िकय पुष्पानि म्यूजिक द्वारा राहुल मिश्र केर गायन मे एकटा गीत रिलीज कयल गेल अछि। एहि पर मधुकर बाबाक दोभित्र कुमुदानन्द झा प्रियवर विरोध जनबैत मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित समाचारक असर – भूल सुधार कयलनि पुष्पानि म्यूजिक कम्पनी

नकली गीतकार बनबाक होड़ मिथिला मे, प्रसिद्ध रचनाकार मधुकरक भक्ति रचनाक चोरी दरभंगा मे

प्रसिद्ध गीतकार पंडित मधुकरक रचनाक चोरी https://youtu.be/PPF1rjSbBaw एकटा आर दुखद घटना सोझाँ आयल अछि, एक महान् साहित्यकार आ गीतकार – भक्तिरचनाक सुप्रसिद्ध स्रष्टा पंडित मधुकान्त झा मधुकरक एक प्रसिद्ध रचना केँ अपन नाम सँ गीत रचबाक आ तेकर रेकर्डिंग करेबाक निन्दनीय प्रकरण प्रकाश मे आयल अछि।   जाले प्रखंड केर मुरैठ गामक निवासी डा. रविन्द्र नकली गीतकार बनबाक होड़ मिथिला मे, प्रसिद्ध रचनाकार मधुकरक भक्ति रचनाक चोरी दरभंगा मे

प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

युवा आ किशोर मे बढैत कुलत पर संबोधनार्थ ई गीत थिक। सप्तरी जिलाक भारदह कर्मक्षेत्रक एक युवा लेकिन सुप्रतिष्ठित गीतकार सुमन झा केर अनुरोध पर ई रैप गीत थिक।   सुने सुने बबुआ मोरे सोने बबुआ दुनिया मे मैथिल बौआ खूबे अगुआ…   लोक गेल चान पर मैथिल भेलौ पाछू अगबे टंगघिच्ची फुसिये के नाचू प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी

लघुकथा – रूबी झा फूलदाय भरि टोल में सबसँ बेसी बज्जैकर रहैथि। उचित-अनुचित केर ओतेक बोध नहि रहैन, सिर्फ बजनाय बुझथिन्ह। बिना बातक-बात में सब केँ टोकि देथिन, आ भरि टोल घूमल फिरैथि। नवारी में अहि स्वभावक कारण सँ घरवाला सँ कतेक दिन माइर तक खा लैथि, लेकिन ओहि सँ हुनका पर कोनो प्रभाव नहि फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी

The Maithili Movement – A Book Review By Prof. Mohammad Sazzad

The Maithili Movement – Prof. Mohammad Sazzad, AMU, India Courtesy: https://frontline.thehindu.com/books/article24200882.ece A nuanced study of the Maithili language and the movement that led to the formation of a modern Maithili community, and its speakers’ resistance to Hindi hegemony. BIHAR is linguistically complex and diverse with spoken languages such as Maithili, Bhojpuri and Magahi, and dialects The Maithili Movement – A Book Review By Prof. Mohammad Sazzad

मिथिलावाद केर जन्म २०१४ मे, २०१९ मे गन्तव्य समीप आबि चुकल अछि

संस्कृतक ‘वाद’ अर्थात् अंग्रेजीक ‘इज्म’   मिथिलाक केन्द्रस्थली दरभंगा मे आगामी विधानसभा चुनाव लेल मिथिलावादी कइएक अभियन्ता आ विचारक मे एकटा नया जोश आ जागरण आयल देखल जा रहल छैक। एकटा छात्र विशेष संगठन मे मिथिलावाद केत तत्त्व आब आगामी विधानसभा चुनाव लड़बाक प्रेरणा देलकैक, तऽ दोसर दिश गोटेक राष्ट्रवादक पूजक-समर्थक सेहो मिथिलावाद केँ जड़ि मिथिलावाद केर जन्म २०१४ मे, २०१९ मे गन्तव्य समीप आबि चुकल अछि

मैथिली भाषाक पढौनी दिल्ली मे होयत – ताहि सँ ई लोकनि एतेक ईर्ष्या-डाह मे कियैक पड़ैत छथि

एहेन पैघ लोक सँ सावधान   सन्दर्भः मातृभाषा मे पढौनीक लेल दिल्ली सरकार द्वारा देल जा रहल अछिकार सँ के आ कियैक ईर्ष्या डाह मे फँसि रहल अछि   (एहि तरहक कुतर्कपूर्ण बहस केर एकटा जीवन्त पोस्ट आ ताहि पर चर्चाक स्क्रीन शौट संलग्न)   गौर सँ देखला पर पता चलैत अछि जे मैथिलीक बड़का मैथिली भाषाक पढौनी दिल्ली मे होयत – ताहि सँ ई लोकनि एतेक ईर्ष्या-डाह मे कियैक पड़ैत छथि