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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिल ब्राह्मण समुदायक कल्याण आवश्यक छैक

  धार्मिक महत्वक कतेको गूढ बात (रहस्य, यथा मंत्र अथवा साधनाक कतेको उपाय आदि) सिर्फ सुपात्र केँ बतेबाक चाही – ई सिद्धान्त हमहुँ-अहाँ बेर-बेर सुनैत होयब। एतय सुपात्रक मतलब भेल जे जाहि सज्जन (व्यक्ति) केँ स्वयं एहि तरहक ज्ञानोपदेश ग्रहण करबाक इच्छा आ उत्कंठा (जिज्ञासा) आदि हो। बाकी केकरो लेल एहि तरहक महत्वपूर्ण आ उपयोगी मैथिल ब्राह्मण समुदायक कल्याण आवश्यक छैक

नेपालक प्रदेश २ केर नाम आ राजकाजक भाषा तय करबाक झंझटिया सवाल पर धर्मेन्द्र झाक लेख

लेख – धर्मेन्द्र झा (मूल लेख नेपाली मे नयाँ पत्रिका मे प्रकाशित – मैथिली अनुवाद प्रवीण नारायण चौधरी) प्रदेश २ मे नाम आर भाषाक बेहाली प्रदेश २ मे नेपाली बाद सरकारी कामकाजक पहिल भाषाक रूपमे मैथिलीकेँ मान्यता प्रदान करबाक चाही।   प्रदेश दुइमे खूबे चर्चामे रहल राजधानी आर प्रदेशक नामकरणमध्य आ राजधानीक चर्चाकेँ हाललेल विराम नेपालक प्रदेश २ केर नाम आ राजकाजक भाषा तय करबाक झंझटिया सवाल पर धर्मेन्द्र झाक लेख

विजिट नेपाल २०२० वर्ष मे ब्रिटेन सँ आबि रहल पर्यटक लेल मिथिलाक्षेत्र मे कोन पकवान परसब

साभार – श्री भरत साह केर फेसबुक स्टेटस हाल सिमरौनगढ (मिथिलाक पूर्वकालिक एक राजधानी) मे पुरातात्विक सर्वेक्षण पूर्वक किछु विशेष अध्ययन ब्रिटिश विज्ञजनक टोली द्वारा कयल जा रहल अछि। एहि अध्ययनक क्रम मे सामाजिक-सांस्कृतिक-पुरातात्विक अध्येता व अभियन्ता लोकनि विदेश सँ आयल विज्ञजनक टोलीक संग विभिन्न सहकार्य कय रहल छथि। हुनका लोकनि द्वारा सर्वेक्षण पूर्व अध्ययन विजिट नेपाल २०२० वर्ष मे ब्रिटेन सँ आबि रहल पर्यटक लेल मिथिलाक्षेत्र मे कोन पकवान परसब

सरस्वती पूजा पर विशेष – ५ माता आ ५ पिताक परिचय

पाँच गो माय आ पाँच पिता होयबाक तथ्य   मनुष्य जीवन मे ओना तऽ ज्ञानक स्रोत अनेक अछि, कहल गेल छैक जे अपना सँ छोटो सँ ज्ञान भेटय त ओकरा निश्चित ग्रहण करबाक चाही। मुदा मुख्य रूप सँ हिन्दू धर्मावलम्बी व आनो धर्मक लोक लेल धर्मग्रन्थ, ऋषिवाणी, सन्तवाणी, गुरुवाणी, विद्वानक वाणी आदि सेहो ज्ञानक मुख्य सरस्वती पूजा पर विशेष – ५ माता आ ५ पिताक परिचय

बाबा बैद्यनाथक दर्शन – विशिष्टता ओ संस्मरणक संग

बाबा बैद्यनाथक दर्शन   माता सतीक हृदयस्थल पर विराजित मनोकामना लिंग – रावणेश्वर लिंग देवाधिदेव महादेव केर गाथा आ महत्ता के नहि जनैत होयब! खास कय मिथिलावासी – सम्पूर्ण मिथिलाक लोकजीवन मे बाबा एक-एक साँस मे रहैत छथि। किसान, मजदूर, विद्यार्थी, विद्वान्, कवि, राजनेता, सभक आशा छथिन देवाधिदेव महादेव केर ई महत्वपूर्ण स्वरूप – कय बाबा बैद्यनाथक दर्शन – विशिष्टता ओ संस्मरणक संग

नेपाल तराई विद्यार्थी नवजागरण संघ द्वारा शारदे-पूजनोत्सव पर फोटो प्रदर्शनी धरान मे

पूर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस धरान केर ‘नेपाल तराई विद्यार्थी नवजागरण संघ’ केर छात्र समूह एहि वर्ष ‘विजिट नेपाल २०२०’ मे किछु खास करय जा रहला अछि। खास माने केहेन खास?   क. राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्य मे अपन तरहक सहभागिता। विजिट नेपाल २०२० मे बाहरी मुलुक सँ बेसी लोक घूमय आबथि आर से अपन मिथिला (तराई नेपाल तराई विद्यार्थी नवजागरण संघ द्वारा शारदे-पूजनोत्सव पर फोटो प्रदर्शनी धरान मे

मैथिली आन्दोलनक असल मीमांसा – १९९३ केर ओ शोधपत्र – ३ दशक बादो स्थिति जस के तस

मैथिली भाषिक पहिचान अथवा मिथिलाक क्षेत्रीय पहिचान आखिरकार बहुल्यजनक मन-मस्तिष्क मे कियैक नहि स्थान बना सकल? एहि प्रश्नक ईमानदार उत्तर लेल पहिचानक लगभग प्रत्येक दृष्टिकोण आ मापदंडक कसौटी पर वृहत् व्याख्याक संग शोधकार अजय कुमार सिंह अपन शोधपत्र १९९३ ई. मे जेएनयू मे सुपरिवेक्षक डा. एस. एन. झाक गाइडेन्स मे रखलनि। पूर्व मे एकटा गम्भीर मैथिली आन्दोलनक असल मीमांसा – १९९३ केर ओ शोधपत्र – ३ दशक बादो स्थिति जस के तस

महत्वपूर्ण शिक्षा – प्रेरणास्पद श्लोक

पढ रे बौआ पढ – १ सागर केर उपमा सँ धीर-गम्भीर आ शान्त स्वभावक परिचय भेटैत छैक। वैह सागर केर कतेको फीटक लहर सेहो ओतेक हल्ला नहि करैत छैक जतेक थोड़बे पानिक मात्रा संग बहयवाली झरनाक पानि। ताहि सागर सँ सेहो कियो महान भऽ सकैत अछि। के? प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः। सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि महत्वपूर्ण शिक्षा – प्रेरणास्पद श्लोक

मैथिली आन्दोलन पर आधारित महत्वपूर्ण शोधपत्र

डा. अजय कुमार सिंह – शोधकर्ता आ डा. एस. एन. झा सुपरवाइजर – जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय मे १९९३ ई. मे जमा कयल गेल ई शोधपत्र साभार शोधगंगाक १४८५७ संख्याक शोध जे २०१४ ई. मे अपलोड कयल गेल अछि तेकर ई अंश थिक। एहि शोधपत्रक मात्र एक गोट शीर्षक “संगठन, उच्चवर्गीय लोकक समझ आ मैथिली आन्दोलन मैथिली आन्दोलन पर आधारित महत्वपूर्ण शोधपत्र

डा. लक्ष्मण झाक स्मरण मे

लेख – विकास वत्सनाभ डा. लक्ष्मण झाक स्मरण मे (५/९/१९१६ – २३/१/२०००) मिथिला राज्य आन्दोलनक बीजि पुरुष, उद्भट विद्वान्, मैथिलीक डलबाह, भोर-दुपहर-साँझ-राति आ विशेषतः एखनुका काल-समय मे सदिखन स्मरणीय डा. लक्ष्मण झा केँ हुनक पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। अपन छात्र जीवनहि सँ अद्भुत प्रतिभा संपन्न डा. झा लंदन विश्वविद्यालय सँ पीएचडी छलाह आ हिनकर शोधक डा. लक्ष्मण झाक स्मरण मे