मैथिल ब्राह्मण समुदायक कल्याण आवश्यक छैक
धार्मिक महत्वक कतेको गूढ बात (रहस्य, यथा मंत्र अथवा साधनाक कतेको उपाय आदि) सिर्फ सुपात्र केँ बतेबाक चाही – ई सिद्धान्त हमहुँ-अहाँ बेर-बेर सुनैत होयब। एतय सुपात्रक मतलब भेल जे जाहि सज्जन (व्यक्ति) केँ स्वयं एहि तरहक ज्ञानोपदेश ग्रहण करबाक इच्छा आ उत्कंठा (जिज्ञासा) आदि हो। बाकी केकरो लेल एहि तरहक महत्वपूर्ण आ उपयोगी … मैथिल ब्राह्मण समुदायक कल्याण आवश्यक छैक








