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प्रवीण नारायण चौधरी

हिन्दू रेबाज मे कुल ८ तरहक विवाह

लेख – पराग शर्मा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) हिन्दू रेबाज मे कुल ८ तरहक विवाह मनुस्मृति मे विवाहक ८ प्रकार कहल गेल अछि। जाहि मे तीन तरहक विवाह केँ खराब मानल जाइछ। असुर, राक्षस एवं पैशाच – विवाहक ई तीन प्रकार केँ मनुस्मृति मे नीक नहि कहल गेल अछि। आउ, देखी आर कोन-कोन तरहक विवाह हिन्दू रेबाज मे कुल ८ तरहक विवाह

मैथिली मनोरंजनक दुनिया मे गीत-संगीतः नितिन गजूरेलक नव सनेश पर विद्यानन्द बेदर्दीक रिपोर्ट

मनोरंजन – गीत-संगीत – विद्यानन्द बेदर्दी मैथिली सङ्गीत आकासमे नव ताराक उदय पहिल Music Video सँ,शीघ्र release भऽ रहल अछि। “चान सन रूप ई देखि देखि, मिलैय अइ जिनगीमे आराम अप्पन दिलके डायरीमे लहू क’ कलमसँ, लिखि देलौँ अहीँकेर नाम सङ्ग छोड़ब नइ कहैछी कसमसँ, मिलि सजेबै हम सपनाके गाम “ सिरहा, मिर्चैया हाल: विराटनगर, मैथिली मनोरंजनक दुनिया मे गीत-संगीतः नितिन गजूरेलक नव सनेश पर विद्यानन्द बेदर्दीक रिपोर्ट

चर्चित बहुभाषिक कवि लक्ष्मण नेवटियाक दुइ मैथिली रचना

साहित्य मैथिली सँ हमरा बहुत बेसी लगाव अछि नेपाली, मारवाड़ी, हिन्दी, मैथिली, भोजपुरी आदि अनेकन भाषा मे साहित्यिक सृजन कयनिहार बहुचर्चित व्यक्तित्व श्री लक्ष्मण नेवटिया जी काल्हि मैथिली साहित्यिक अभियानक छठम् मासिक गोष्ठी मे अपन विचार व्यक्त करैत बजलाह – “मैथिली सँ हमरा बहुत बेसी लगाव अछि।” मैथिली भाषा-साहित्यक इतिहास आ ऐतिहासिक स्रष्टा विद्यापति सँ चर्चित बहुभाषिक कवि लक्ष्मण नेवटियाक दुइ मैथिली रचना

विनोद कुमार झा उर्फ सरकार केर जन्मदिन पर

प्रवीण शुभकामना बेर बेर ई क्षण नहि अबैत छैक। बर्थडे बॉय सरकार (मैथिली लेखक संघक महासचिव श्री विनोद कुमार झा) अत्यंत महत्वपूर्ण अतिथि छलाह 17म अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 2019 में। मिथिला रत्न सम्मान सँ सम्मानित स्रष्टा सेहो छथि। आइ जन्मदिन पर शुभकामना संदेश दैत जीवनक हर मोड़ पर सफल बनैत रहबाक शुभकामना दैत छियनि। एखन विनोद कुमार झा उर्फ सरकार केर जन्मदिन पर

कतार एयरवेज मे एशेला संग ओ भेंट आ प्रेम प्रस्ताव

कथा – विन्देश्वर ठाकुर, दोहा, कतार #कतार_एयरवेजमे_एक_दिन बात सम्भवत: एक बरख पुरान अछि। खाड़ी सँ अपन देश नेपाल जाइत रही। एक दिस गाम जएबाक अकुलाहटि रहए.. दोसर दिस टिकटके मंहगी। कि करू कि नै! समझमे नै अबैत रहे..। एहनमे कम्पनीद्वारा कतार एयरवेजके टिकट देनाइ बुझू जे पाथर तकैतमे महादेव भेटनाइ भेल। मोन प्रसन्नता सँ झुमि कतार एयरवेज मे एशेला संग ओ भेंट आ प्रेम प्रस्ताव

कतय जा रहल अछि मिथिला समाज – फिजूलखर्ची आ आडम्बरी व्यवहार पर विमर्श

विचार – शुभचन्द्र झा, राजविराज कतय जा रहल अछि समाज? धिक्कार अछि ओहि समाजके जे एखनहुँ बेटीके रानी पुताेहुके नाैकरानी बुझैत अछि। बडका बडका ठाेप, पाग पहिर अपनाके बडका कहाबैके साेच रखैत छथि। कथीके बडका ? माेनक बडका कि कर्मक बडका छी? काेनाे बेटीबला नञ चाहैत छै बेटी दु:खी रहए, अपन साकरता अनुसार बेटीके बिआहमे कतय जा रहल अछि मिथिला समाज – फिजूलखर्ची आ आडम्बरी व्यवहार पर विमर्श

बिना समुचित पढाई-लिखाई कएने कोनो भाषाक ज्ञान भेटब सहज नहि

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी पठन-पाठन बिना भाषाक बोध सहज नहि मैथिली सेहो विद्वानक भाषा थिक, ई आरोप लागल करैत अछि। एकर कारण स्पष्ट अछि – जहिना संस्कृत उच्च महत्वक भाषा रहितो समुचित पठन-पाठनक अभाव मे जन-जन मे प्रिय नहि बनि सकल, ठीक तहिना मैथिली भाषाक पढाई-लिखाई प्राथमिक विद्यालय सँ आरम्भ नहि करायल जेबाक कारण बिना समुचित पढाई-लिखाई कएने कोनो भाषाक ज्ञान भेटब सहज नहि

सार्थक होली ( लघुकथा )

लघुकथा – गोपाल मोहन मिश्र सार्थक होली ( लघुकथा ) पिछला साल के होली दिनक बात छै । करुणा अप्पन घर के पूजा स्थल में विराजित अप्पन कान्हा जी के सुगन्धित पुष्प सं होली खेला रहल छलीह, तखने करुणाक बारह साल के पोती पलक आयल आ कहलक – “दादी माँ, अहाँ एतs बैसल छी आ सार्थक होली ( लघुकथा )

जनकपुर मे मिनाप द्वारा आयोजित होरी महोत्सव – महामूर्ख सम्मेलनक पहिल दिन सम्पन्न भेल

जनकपुर, ९ मार्च २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! प्रत्येक वर्ष होलीक अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ‘होरी महोत्सव – महामूर्ख सम्मेलन’ अहु वर्ष जनकपुर मे काल्हि ८ मार्च शनि दिन बड़ी धूमधाम सँ मनायल गेल । आयोजक मिथिला नाट्कला परिषद् जनकपुर यानि मिनाप द्वारा आइ कतेको वर्ष सँ होली पाबनिक सुअवसर पर एहि तरहक आयोजन करैत एहि मे जनकपुर मे मिनाप द्वारा आयोजित होरी महोत्सव – महामूर्ख सम्मेलनक पहिल दिन सम्पन्न भेल

नहि रहलाह दयानाथ बाबू – मैथिली रंगकर्मक एक पुरोधा व्यक्तित्वक परलोक गमन पर शोक

९ मार्च २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! सामाजिक संजाल पर आइ भोरे-भोर एकटा दुखद समाचार आयल जे मैथिली भाषा-साहित्यक एक पुरोधा व्यक्तित्व – वयोवृद्ध दयानाथ झा आइ भोरे परलोक गमन कय गेलाह। बुझले बात अछि जे मैथिली भाषा-साहित्यक कतेको महापुरुष लोकनिक परिचिति आम जनमानस मे पठन-पाठनक अभाव मे बहुत कम अछि, लेकिन सौभाग्यवश मैथिलीक वर्तमान सृजनकर्मी लोकनि नहि रहलाह दयानाथ बाबू – मैथिली रंगकर्मक एक पुरोधा व्यक्तित्वक परलोक गमन पर शोक