कतय खुजत एम्स?

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हालहि बजट भाषण सँ भारत सरकारक घोषणा भेल जे बिहार मे एकटा आरो एम्स केर स्थापना कैल जायत। सोशियल मिडिया तक ई बात पहुँचय मे देरी नहि भेल आ विभिन्न जिलावासी अपना-अपना जिला लेल एम्स स्थापनाक माँग संग आवाज उठबैत अपन-अपन जनप्रतिनिधि सब पर दबाव बनबय लगलाह। एहि मे दरभंगा आ सहरसा सबसँ बेसी आगाँ रहल। फेसबुक पर सक्रिय विभिन्न सरोकारवाला सब एहि लेल आवाज उठौलनि। पहिल एम्स बिहारक राजधानी पटना मे खुजि चुकल अछि। पटना राज्यक सब भाग सँ सुविधाजनक ढंग सँ जुड़ल रहबाक कारणे स्वास्थ्य सेवाक्षेत्र मे उल्लेखनीय योगदान दैत आयल अछि। उत्तर बिहार यानि मिथिलाक्षेत्र मे एकमात्र भरोस दरभंगा टा बचैत छैक जे सीमावर्ती नेपाल सहित दूर-दूर तक लोक लेल स्वास्थ्य संबंधी जाँच-इलाज लेल स्वर्गक रूप मे कतेको दशक सँ मानल जाइत छैक। तैँ सहरसा मिडियाकर्मी व सामाजिक कार्यकर्ता सब द्वारा लगायल गेल आवाज सर्वाधिक औचित्यक संग मुखर भेलैक अछि। अवस्था ई छैक जे केन्द्रीय मंत्री तक सहरसाक जनप्रतिनिधि अपन माँग पहुँचा देलनि, लेकिन फेर वैह बात, बिहार सरकारक सिफारिश होयब जरुरी कहि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री विधायल आलोक रंजन केँ संतोष करबाक उम्मीद दैत फोटो खिंचाय आपस पठा देलनि। एम्हर धरातल पर कतेक आन्दोलन भेल से नगण्य अछि, हिन्दुस्तान आ जागरण अपन-अपन पीठ धरि थपथपा रहल अछि, श्रेय लेबाक होड़ एम्सक स्थापना सँ पूर्वहि होमय लागल अछि। ई तय छैक जे बिहार सरकार मे मिथिला क्षेत्रीय नेतागणक मजबूत गठबंधन आइ धरि निर्माण नहि हेबाक कारण कोनो विकासात्मक कार्य लेल दबाव बनेनाय संभव नहि भेल अछि, एतेक तक जे मिथिलाक्षेत्रक मंत्री रहितो हुनक बात नहि चलि पबैत अछि। एहन अवस्था मे आब इन्तजार एहि बातक अछि जे बिहार सरकार तक समुचित प्रतिनिधि मंडल कतए सँ आ कोन धुरफनिये सिफारिश करबैत अछि, एम्स ओतहि खुजत। खुजत जरुर, कारण केन्द्रक योजना आ मोदी सरकारक ‘अच्छे दिन’ लेल लोक मुह बाबि टकटकी लगौने अछि, जाहि मे एक ठोप अमृतक एम्सक स्थापना मिथिलाक्षेत्र मे कयला सँ अवश्य हेतैक।