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सैनिक पर परिवारक संग समूचा देश गर्व करैत अछि

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लेख विचार
प्रेषित: कीर्ति नारायण झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- युद्धकाल में सेना आओर ओकर परिवारक योगदान –

जखन देश पर कोनो प्रकारक संकट अबैत छैक तखन सभ सँ पहिले लोक राष्ट्र केर सुरक्षा के लेल जे सभ सँ आगू बढैत अछि ओ होइत छैथि हमर सभक सेना। युद्धकाल मे सेनाक भूमिका मात्र सीमाक सुरक्षा धरि सीमित नहिं होइत छैक अपितु ओ एकटा एहेन स्तम्भ बनि जाइत छैथि जे सम्पूर्ण देशक सुरक्षा, अखंडता आ गौरव के मजबूत रखबा मे काज करैत छैथि। ओ दिनराति सभ परिस्थिति मे ऊँचाइ बला इलाका, रेगिस्तान, बर्फ सँ भरल चोटी, समुद्री सीमा पर अपन सेवा दैत छैथि। हुनक अनुशासन, साहस आ बलिदान पर देशवासी गर्व करैत छैथि। युद्धकाल मे सेना शारीरीक बल प्रयोग के अतिरिक्त मानसिक रूप सँ अत्यन्त सुदृढ रहैत छैथि। ओ अपन घर परिवार के सभ सुख सुविधा छोड़ि ओहेन सुदूर संवेदनशील इलाका मे तैनात रहैत छैथि जाहि ठाम मूलभूत सुविधाक सामान सेहो उपलब्ध नहि रहैत अछि। सेना के परिवारक योगदान सेहो ओतबे महान आ उल्लॆखनीय होइत छैक। जखन सैनिक सीमा पर तैनात होइत छैथि तखन हुनक परिवार, परिवारक सभटा जिम्मेदारी अपन कंधा पर लऽ लैत छैथि। माय बाप अपन बेटा के सकुशल होयवाक कामना करैत रहैत छैथि आ हुनकर परिवार असगरे अपन बच्चाक सेवा करैत छैथि आ बच्चा अपन पिता के छवि फोटो मे निहारैत रहैत अछि। सम्पूर्ण परिवार के सदिखन एकटा भय के वातावरण मे बीतावय पड़ैत छैक। ओकरा नहिं बूझल रहैत छैक जे ओकर प्रियजन वापस अओताह की नहि मुदा तैयो ओ हिम्मत नहि हारैत छैथि। एकटा राष्ट्र तखने मजबूत होइत छैक जखन ओ सेना आ ओकर परिवारक योगदान के राष्ट्र स्मरण राखय आ ओकर सम्मान करय। सरकार आ समाज के जिम्मेदारी होइत छैक जे ओ सेना के परिवार के हर संभव सहायता आ सहयोग कयल जाय। युद्ध मे विजय मात्र लड़ाई के मोर्चा पर नहिं अपितु घरक मोर्चा पर सेहो लड़ल जाइत छैक.

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