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संपूर्ण साधन रहितो नैतिक मूल्यक अभाव मे मानव सुखी संसार नै बना पबै अछि

418 भ्यूज

लेख विचार
प्रेषित : कीर्ति नारायण झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- ” बढ़ैत शिक्षाकेँ संग घटैत नैतिक व्यवहार—-आबय वाला समयमे एकर दुष्प्रभाव!! दुनूमे सामंजस्य बना कऽ रखबाक लेल कि उपाय!”

विद्या ददाति विनयम् विनया ददाति पात्रताम् अर्थात विद्या सँ विनय अबैत छैक आ विनय सँ पात्रता अबैत छैक आ पात्रता सँ नीतिगत दृष्टिकोण प्रवल होइत छैक। शिक्षाक अर्थ नैतिक पतन किन्नहुँ नहिं भऽ सकैत अछि एकरा लेल सम्पूर्ण शिक्षा के आवश्यकता होइत छैक, डिग्री बला शिक्षा के नहिं। एकटा बृद्ध के मुंह सँ सुनैत छलहुँ जे “बौआ पढलनि तऽ मुदा गुणलनि नहिं” अर्थात मात्र किताबी ज्ञान भेटलाक उपरान्त विद्वान के श्रेणी में कियो नहिं आबि सकैत अछि। शिक्षा मनुख के विनम्रता सीखबैत छैक, नीति केर पाठ सम्पूर्ण शिक्षा सँ प्राप्त कयल जा सकैत अछि।
मात्र डिग्री डिप्लोमा के लेल शिक्षा वास्तविक शिक्षा नहिं होइत छैक, शिक्षा के तह तक जयवाक आवश्यकता पड़ैत छैक आ तखने लोक असल मे विद्वान् के श्रेणी मे अबैत छैथि। शिक्षा के अर्थ त्याग आ समर्पण होइत छैक। शिक्षित लोक के ओकर चाम सँ नहिं चिन्हल जाइत छैक, ओकर उच्च आचार विचार, सरल स्वभाव, सुलभ रहन सहन, उचित ब्यवहार ऒकरा विद्वान के रूप मे प्रतिष्ठित करैत छैक। नैतिक पाठ मनुष्य के अपन माता पिता आ परिवारक अन्य सदस्य सँ प्राप्त होइत छैक मुदा आइ काल्हि के माता पिता नीति सँ बेसी भौतिक सुख सुविधा के बेसी महत्व दैत छथिन्ह, हुनका सभक हिसाबे जँ उच्च शिक्षा प्राप्त कऽ कऽ उच्च श्रेणी के रोजगार पाबि जँ नैतिकता मे कमी रहतै तैयो ओ जिनगीमे सफल रहत तें ओ ओकर नैतिक शिक्षा के गौण बुझैत छथिन्ह जाहि कारणे धिया पूता रोजगारोन्मुखी शिक्षा तऽ प्राप्त कऽ लैत छैथि मुदा परिवार आ समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी वहन करवाक लेल नैतिक शिक्षा सँ दूर रहैत छैथि जकर परिणामस्वरूप पाई रहितो ओ सफल जिनगी नहिं जीबि पबैत छैथि। माता पिता, परिवार आ समाजक अन्य सदस्य संग ब्यवहार कोना कयल जाए, कतय बजबाक अछि आ कतय चुप रहवाक अछि एकर नैतिक विचार ओ नहिं कऽ पबैत छैथि जाहि कारणे ओ परिवार सँ समाज सँ कटि जाइत छैथि। घर परिवार आ समाज मे कलह के वातावरण उत्पन्न भऽ जाइत अछि जाहि कारणे शिक्षा पर लोक समाज आंगुर उठबैत छैथि जखन कि शिक्षा पर प्रश्न चिन्ह सर्वथा अनुचित अछि एकरा लेल पूर्ण रूप सँ जिम्मेवार छैथि ओ शिक्षा ग्रहण करय बला संगहि हुनक माता पिता अभिभावक जे नैतिक शिक्षा के महत्व नहिं बुझलनि तें नव पीढी के रोजगारोन्मुखी शिक्षा के संग संग नैतिक शिक्षा के समुचित जानकारी देवाक चाही तखने हमरा लोकनि नीक परिवार आ नीक समाजक परिकल्पना कऽ सकैत छी ।

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