युवा प्रतिभा एस. के. मैथिल आर मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण ओ सेवाक अनुपम दृष्टान्त

मिथिलाक युवा मे प्रतिभाक कमी नहि

व्यक्तित्व परिचयः युवा सर्जक एस. के. मैथिल

मातृभाषा मैथिली लेल जैड़ पटेबाक काज मे नेपालक मिथिलाक योगदान भारतक मिथिला सँ बहुतो मामिला मे भिन्न आ श्रेष्ठ छैक। भिन्न एहि लेल जे भारत मे जातिवादी नेतागिरी मे लागल कुटिचालि कयनिहार अगुआ द्वारा मैथिली केँ सेहो उच्च जातिक भाषा कहिकय दुष्प्रचार कयल गेलैक जाहि सँ बहुल्यजन मैथिल समाज मे एकटा भ्रमक स्थिति साफ देखाएत छैक, न अपन भाषा, न अपन साहित्य आ नहिये अपन ऐतिहासिकता मे ओ सब कोनो गौरव ताकि पबैत अछि आ नहिये कोनो विशिष्ट सृजनकर्म मे ओ सब आगू बढि पबैत अछि। लेकिन नेपालक मिथिला मे बहुत प्राचीनकाल सँ सामान्य जनमानस द्वारा मैथिली-मिथिला मे अपन स्वामित्व स्थापित रहबाक कारण एतय नेता सब कतबो फरफराइत अछि, मुदा आम जनता अपन मातृभाषा सँ अलग हँटबाक नाम तक नहि लैछ। सृजनकर्म मे सब जाति, वर्ग, समुदायक लोक समानरूप सँ बहुत आगू रहैछ। एतय शिक्षा प्रति सजगता सेहो सब समुदाय मे अत्यन्त उच्च आ उपयोगी देखल जाएछ। जहिना सलहेश, दीना-भद्री, कृष्णा राम समान लोकदेवता सँ लैत वैदिक कालखंडक जनक आ जानकी सहित हिमालय मे तपस्यारत अनेकानेक ऋषि-मुनिक तपस्थलीक रूप मे नेपालक मिथिलाक योगदान अकाट्य छैक तहिना एतुका जन-गण-मन मे एखनहु अपन भाषा, संस्कृति, समाज आदिक लेल स्वयंसेवा आ व्यवसायिकताक बहुतो रास उदाहरण देखल जाएत छैक। एहने एक युवा भेटलाह अछि – नाम छन्हि “एस. के. मैथिल”।
 
बहुत दिन सँ लम्बित हुनक मित्रताक अनुरोध केँ आइ जहिना जोड़ि पेलहुँ तथा आजुक गीति-रचना हुनका नव मित्र मानि पहिल उपहार रूप मे पठेलहुँ त मैसेज भेटल, “भाइजी नमस्कार! ओना त अपने सँ फेसबुक के जरिये अपने सँ परिचित छी मुदा आजु पहिल बेर अपने संग बात भ रहल अछि।” बहुत प्रभावित केलक हुनकर ई बात। हमर लेखनी आ तेकरा सब संग शेयर करबाक सुखद परिणाम छी जे एस. के. मैथिल समान हजारों युवा नित्य नव-नव उर्जा संग किछु न किछु कार्य करैत अपन मिथिला केँ आगू बढेबाक लेल गछैत छथि। आगाँ ई कहला, “हमर संक्षिप्त परिचय – हमर नाम सुजित कुमार साह (एस के मैथिल) अछि। घर हमर जनकपुरधाम, मिल्स एरिया, सीता चौक, शिवपथ रोड में अछि। भाइजी, हम मैथिल आ मिथिलाक लेल एक ब्लॉग/वेबसाइट चलबैत छी। ई अछि लिंक www.mithilanchalshayari.blogspot.com – अखन हम मुम्बई में काज क रहल छी संगे सोशल मीडिया फेसबुक पर पेज सब सेहो चला रहल छी, जाहि में सँ एक पेज के नाम @अप्पन मिथिलाञ्चल जाहि के 46,000 हजार सँ ज्यादा लाइक अछि।”
 
पूर्व मे अप्पन टिवी – जनकपुर मे कार्य अनुभव प्राप्त एस. के. मैथिल आग्रह करैत कहला, “भाइजी हमरो रचना सब केँ मैथिली जिन्दाबाद पर अपलोडिंग के मौका मिलतै की नइ?” एतेक खुशी भेटल हिनकर ई बात सुनिकय जे वर्णन करय वास्ते शब्द कम पड़ि रहल अछि। कहलियनि – जरूर! पठाउ न। आर, मैथिलजी तुरन्त अपन एक सुन्दर रचना पठबैत छथिः देखू हिनक रचनाशीलता आ रचनाक मिठास।
 
◆◆◆ गज़ल ◆◆◆
 
दिल धडकलै तऽ धडकलै कोना
ई मोनमें हलचल मचलै कोना
 
सब टाऽ जादू अहिंक कएल अछि
पागल दिल हमर सम्हल्लै कोना
 
वर्षो सँ प्यासल छली अहाँ
बिन बादलक वर्षा बरस्लै कोना
 
नसोनस टूटि रहल अछि तनबदन
आजु हमरा पऽ ई गरजलै कोना
 
छोड़ि अप्पन पिया के आँगन उ
एस के कऽ सीना सँ सिमटलै कोना
 
मिथिलांचल शायरी केर वेब पेज सँ एस. के. मैथिल सदिखन अपन मातृभाषा मैथिलीक सुन्दर-सुन्दर मोती समान रचना सबकेँ समेटैत अपडेट करैत रहैत छथि। मैथिलीक रचनाकार राजदेव राज, मैथिल प्रशान्त, धनेश्वर ठाकुर, राम सोगारथ यादव, दिनेश कुमार राम, विन्देश्वर ठाकुर, दिनेश यादव, महेश यादव, सहित दर्जनों युवा आ नवतुरिया सर्जक लोकनिक रचना सभक नीक संग्रह करैत छथि। अक्षय आनन्द सन्नी, अब्दुर रज्जाक राइन, अमित कुमार मण्डल, अशोक कुमार सहनी, उदगार यादव, गायत्री सिंह, दिनेश कुमार राम, दिनेश यादव, दिनेश रसया, धनेश्वर ठाकुर, नारायण मधुशाला, नीरज मिश्र “मुन्नू”, पूनम झा मैथिल, प्रयास प्रेमी मैथिल, प्रियरंजन झा, प्रेमी रविन्द्र, बिजय कुमार झा, बेचन महतो, मणिकांत झा, महेश यादव, मैथिल प्रशान्त, मो. अशरफ राइन, राजदेब राज, राम सोगारथ यादव, विद्यानन्द वेदर्दी, विनीत ठाकुर, विन्देश्वर ठाकुर, शत्रुधन मुखिया, संजु सीरियस, सत्या यादव, हरेकृष्णा ठाकुर एहि मिथिलांचल शायरीक योगदान कयनिहार सदस्यक रूप मे सेहो सूचीकृत छथि।
 
कविता, गजल, कथा, रचना, चुटकुला, शायरी, त्योहार स्पेशल, फोटो स्पेशल, एसके स्पेशल आ अनमोल वचन जेहेन कतेको रास वेब पेज केँ समेटैत हिनक वेबसाइट पर आरो बहुत रास महत्वपूर्ण सब-लिंक्स मिथिलांचल शायरीक बहुमुखी आ प्रखरता केँ देखबैत अछि। एडल्ट शायरी, अनमोल वचन, बरखा शायरी, बेस्ट विशेज, एसएमएस, बेवफा शायरी, बर्थडे शायरी, बोलबम स्पेशल, चैरपतिया, चौठचंद्र विशेष, छठ स्पेशल, दिवाली स्पेशल, ईद स्पेशल, फ्रेन्डशीप शायरी, फन्नी शायरी, गुरू पूर्णिमा स्पेशल, होली जोगीरा, होली पिक्स, होली शायरी, होली स्पेशल, कथा लप्रेक, लव शायरी, मैथिली फकरा, मिस यू शायरी, रक्षा बन्धन स्पेशल, रोमान्टिक शायरी, सैड शायरी, सरस्वती पूजा स्पेशल, शिवरात्रि स्पेशल, एसके स्पेशल, सोंग्स, लिरिक्स, टैग पिक्चर्स, तिला संक्रान्ति विशेष, वैलेन्टाइन डे स्पेशल, वेलेन्टाइन शायरी – एतेक रास कन्टेन्ट्स (सामग्री) सहितक सुन्दर वेबसाइट चलेनिहार मिथिलाक एक गौरवमयी युवा चेहरा छथि एस. के. मैथिल। हिनक सफलताक शुभकामना! मैथिली जिन्दाबाद!!
एक साधारण परिवार लेकिन सच्चा मातृभूमि सपुत एस. के. मैथिल बहुतो युवा लेल प्रेरणा छथि। होनहार सपुत केर होएछ चिक्कन पात वाली कहाबत केँ ई सिद्ध करैत रहला अछि। अपन सीमित आमदनी सँ मातृभाषा मैथिली लेल एकटा वृहत् वेबसाइट केर संचालन करब, ताहि मे दर्जनों अन्य युवा सर्जक-स्रष्टा केँ जोड़ि लेब आ निर्धक्क भाव सँ बिना कोनो पोंगापंथी मे पड़ने सदिखन आगू बढैत रहब – ई सब हिनकर खासियत छन्हि। यैह सेवा आ परोपकारक भावना जँ बेसी सँ बेसी सपुत मे होयत त हेरायल मिथिला पुनः अपन यथार्थ समृद्ध स्वरूप केँ जरूर प्राप्त करत। जानकीक अष्ट सिद्धि व नव निधि फेरो मिथिला मे चहुँदिस देखाय लागत।