राजनीति आ जातिवादः प्राकृतिक न्याय केर विरुद्धक काज बन्द हो
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी वर्तमान युग मे विभिन्न राजनीतिक सोच आ मानुषिक विचार मे पर्यन्त पैघ-छोट हेबाक किंवा देखाबा करबाक भावना बसि गेलाक कारण उद्वेलित होएत रहबाक कारणे वर्ण व्यवस्थाक मौलिक परिकल्पना मे नोच-पटक भेल अछि आर स्थिति एहि विन्दु तक पहुँचि चुकल अछि जे जातीय प्रथाक अन्त कयला सँ समाजक बेसी हित होयत … राजनीति आ जातिवादः प्राकृतिक न्याय केर विरुद्धक काज बन्द हो









