Search

प्रवीण नारायण चौधरी

एक अति महत्वपूर्ण लेख जे पढिते बदलि जायत अहाँक जीवन – सार्थक मार्गदर्शन

स्वाध्याय सँ प्राप्त सुन्दरतम् लेख – मैथिली अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी ई बदैल सकैत अछि अहाँक जीवन!! (It can change your life!) (स्कन्दपुराण सँ लेल गेल एक कथा) श्रीनारदजी ऐतरेय मुनि आ हुनक माताक बीच भेल संवादक उल्लेख कएने छथि, जाहि मे कहल गेल अछि जे ऐतरेय मुनि अपन माय केँ वैराग्यक उपदेश देलनि एक अति महत्वपूर्ण लेख जे पढिते बदलि जायत अहाँक जीवन – सार्थक मार्गदर्शन

परदेश नहि जेता त ब्याहो पर आफद – सन्दर्भ मिथिला सँ पलायन पर युवा विचार

युवा विचार – सागर झा (दहेज मुक्त मिथिला पर लेखनीक प्रवाह अन्तर्गत लिखल गेल लेख जाहि मे एक युवा अपन विचार रखलनि अछि, पठनीय आ मननीय लेख) मिथिलांचलक लोक कs लगातार अपन छेत्र सs पलायन के मुख्य कारण हमरा अनुसारे एक्के टा अछि औऱ ओ कारण अछि आर्थिक रूप सs कमज़ोर होइ के, एकरा बेरोजगारी परदेश नहि जेता त ब्याहो पर आफद – सन्दर्भ मिथिला सँ पलायन पर युवा विचार

विराटनगर मे १२म् मैथिली मासिक कवि सम्मेलन सम्पन्न भेल

विराटनगर, २१ मार्च २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!!   मैथिली मासिक कवि सम्मेलन सम्पन्न   मैथिली साहित्य अभियान विराटनगर द्वारा कर्ण संजय केर संयोजन सह अध्यक्षता में प्रत्येक मासक प्रथम शनि दिन नियमित रूप सँ होयवला मासिक कवि सम्मेलन केर चैत्र मास के आयोजन आइ हिपमत मीडिया प्रा. लि. के स्टूडियो में भव्यता संग सम्पन्न भेल विराटनगर मे १२म् मैथिली मासिक कवि सम्मेलन सम्पन्न भेल

विराटनगर मे मैथिल संचारकर्मी संघ केर गठन सँ मैथिलीभाषी मे प्रसन्नताक संचार

विराटनगर, २१ मार्च २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक इतिहास मे अनेकन प्रसिद्धि लेल जानल जायवला मोरंगक्षेत्र आ वर्तमान समय नेपालक अत्याधुनिक औद्योगिक महानगर विराटनगर मे पैछला शनि (१३ मार्च २०२१) दिन नेपाल पत्रकार महासंघक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मैथिली-नेपाली भाषा-साहित्यक चर्चित विद्वान् व्यक्तित्व धर्मेन्द्र झाक अभिनन्दन समारोह आयोजन भेल छल जाहि मे श्री झाक सम्मान-अभिनन्दनक विराटनगर मे मैथिल संचारकर्मी संघ केर गठन सँ मैथिलीभाषी मे प्रसन्नताक संचार

भाषाभटकाव मिथिला सभ्यताक अन्तक संकेत त नहि?

भाषाभटकल लोक   १९८७ ई. मे बाढि सँ बेहाली आयल। जहाँ-तहाँ नदीक तटबन्ध सब टूटि जेबाक कारण बेहिसाब पानि सँ खेत-पथार, एतेक तक कि खरिहान, घर-अंगना सबटा डूबि गेल छल। लोक खाना कोना पकायत ताहू लेल समस्या रहैक। ऊँच-ऊँच बान्ह आ घरक छत पर आश्रय लय येन-केन-प्रकारेण संघर्ष कय केँ प्राण-रक्षा मे लागल छल। शायद भाषाभटकाव मिथिला सभ्यताक अन्तक संकेत त नहि?

सप्तरीक राजगढ बेल्हीचपेना मे विष्णु महायज्ञ चैत २ गते सँ

साभार – शुभचन्द्र झा, राजविराज १४ मार्च २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! सप्तरी जिलाक राजगढ ४ बेल्हीचपेनामे इएह २०७७ साल चैत महिना २ गतेसं हाेएबला विष्णु महायज्ञक तैयारी अन्तिम चरणमे पहुँचि गेल अछि। एहि यज्ञ लेल कलश यात्रा, शाेभा यात्रा बिभिन्न बाजा गाजा सहित साेमदिन शुभारम्भ हुअ जा रहल अछि । जनकपुरक पगला बाबाक प्रत्यक्ष निगरानीमे सप्तरीक राजगढ बेल्हीचपेना मे विष्णु महायज्ञ चैत २ गते सँ

एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी

ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि   जे स्वयं अपन भाषाक सम्मान नहि करय ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि भऽ सकैत अछि। हालांकि एहि भ्रम मे बहुतो लोक फँसल अछि, ओकरा अपना होइत छैक जे अपन भाषाक बदला हिन्दी या अंग्रेजी बाजब त लोक बेसी पैघ आ पढ़ल-लिखल विद्वान् बुझत, लेकिन ओकर स्वयं केर आत्मा पर्यन्त एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी

कियैक नहि भ रहल अछि मैथिल ब्राह्मण समुदाय केर लड़काक विवाह

मैथिल ब्राह्मण समुदाय आ कुमार लड़काक बढैत संख्या हम मैथिल ब्राह्मण समुदाय सँ छी। ओना त मिथिला सँ सब जाति सिर्फ आ सिर्फ मैथिल कहाइत छी, कारण हमरा सभक राजा मैथिल कहाइत छलाह – हुनकहि पालित राज्य मिथिला आ प्रजा सेहो राजा समानहि मैथिल कहाइत छी – मुदा आइ एहि लेख मार्फत हम अपन जातीय कियैक नहि भ रहल अछि मैथिल ब्राह्मण समुदाय केर लड़काक विवाह

प्रसंग अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस केर – प्रवीण विचार

अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस विशेष अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस २०२१   आर, अधिकार केर लड़ाई मे महिला अधिकार प्रति विश्व भरि मे सचेतना जगबाक/जगेबाक विशेष दिवस यानि ८ मार्च पर अपन माय, पत्नी, बहिन, बेटी सहित समस्त नारी समाज प्रति पूर्ण श्रद्धाक संग सम्मान आ वाजिब समान अधिकार लेल शुभकामना!!   अन्तर्राष्ट्रीय तथ्यांक मुताबिक एखन धरि महिलाक प्रसंग अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस केर – प्रवीण विचार

मिथिला विभाजन दिवस यानि ४ मार्च पर उपवास कार्यक्रमक संग वेबिनारक आयोजन

८ मार्च २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! (ई समाचार विलम्ब सँ देबाक लेल अग्रिम क्षमायाचना) ४ मार्च १८१६ ई. सुगौली सन्धि लागू हेबाक तारीख थिक। यैह दिन सँ मिथिलाक पुण्यभूमि क्रमशः दुइ सार्वभौम सम्पन्न राष्ट्रक सीमा मे बँटि गेल, कहि सकैत छी बाँटि देल गेल। चूँकि मिथिला कतेको शताब्दी सँ अपन राजकीय स्वरूप मे नहि अछि, मिथिला विभाजन दिवस यानि ४ मार्च पर उपवास कार्यक्रमक संग वेबिनारक आयोजन