कोन बढियां – पहिने या आब (सन्दर्भः दिनचर्या आ स्वास्थ्य)
अपन परम्परा मे हमर माय आ हम (सन्दर्भ – दिनचर्या आ स्वास्थ्य) – प्रवीण नारायण चौधरी अपने सब मिथिलावासी दिन मुताबिक देवता विशेषक आराधना करैत आबि रहल छी। हमरा त ओतेक नहि बुझल अछि लेकिन माय-काकी-बाबी सब केँ देखैत रहलियनि अछि। शैन-रवि, सोमवारी, मंगलबारी, एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी… विभिन्न तरहक दिन, विभिन्न तरहक देवता आ … कोन बढियां – पहिने या आब (सन्दर्भः दिनचर्या आ स्वास्थ्य)









