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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली संग-संग हिन्दी भाषा-साहित्यक महान कवि बुद्धिनाथ मिश्रक जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

परमादरणीय मैथिलीस्रष्टा सूर्य “श्री बुद्धिनाथ मिश्र” सर केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना   संलग्न तस्वीर छी “मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल” केर कवि सम्मेलनक गीति-काव्य सत्रक। प्रवीणक सौभाग्य जे बैसबाक जगह भेटल सम्माननीय सत्राध्यक्ष श्री बुद्धिनाथ मिश्र सरक बाम भागक कुर्सी पर, आर हमर बाम भाग मे छथि बहुप्रतिभावान मित्र-भाइ-ओझा “हेमन्त झा”। आजुक अवसर थिक सम्माननीय महापुरुष मैथिली संग-संग हिन्दी भाषा-साहित्यक महान कवि बुद्धिनाथ मिश्रक जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

पराम्बा जानकी जीक प्राकट्य दिवस पर प्रवीण शुभकामना

१ मई २०२०, विराटनगर। मैथिली जिन्दाबाद!! जानकी नवमी पर शुभकामना   आइ पराम्बा जानकी केर प्राकट्य दिवस थिक। वैसाख मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि – शास्त्र मतानुसार आजुक दिन हलेष्ठि यज्ञ सँ घट (घैल) मे जगज्जननी जानकी मिथिलाक महाराजा शिरध्वज जनक केँ प्राप्त भेलखिन। बाल्यकालहि सँ अद्भुत क्षमताक लीला कयनिहाइर साक्षात् लक्ष्मीक अवतार नारायणावतार श्रीराम पराम्बा जानकी जीक प्राकट्य दिवस पर प्रवीण शुभकामना

मिथिलाक मूल्यवान् धरोहरः भैरवस्थान – भैरव बाबाक स्थापनाक कथा सहित

धरोहर-परिचय – सोहन कुमार झा मिथिला के धरोहर: भैरव बाबा (भैरव स्थान) हमर गाम समया-महिनाथपुर (जिला मधुबनी) के नजदीक (लगभग 1 KM पस्चिम) म अवस्थित छैथ, वाया-झंझारपुर, जिला-मधुबनी, बिहार। एहि स्थान क बारे में निम्न लिखित बात प्रचलित छै, पढ़ल जाऊ : एक समय के बात अछि, विश्वामित्र जी जखन राम – लक्ष्मण क संग मिथिला मिथिलाक मूल्यवान् धरोहरः भैरवस्थान – भैरव बाबाक स्थापनाक कथा सहित

पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

धूर्त ठक आ ब्राह्मण (पंचतंत्रक खिस्सा, अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी)   एकटा नगर मे पूजा-पाठ करै वाला एगो पन्डित के हुनकर जजमान हुनका दान मे बकरी देने छेलखिन जेकरा लऽ कऽ ओ वापस आइब रहल छेलखिन। अबैतकाल रस्ता मे ओहि बकरी पर चाइर गो ठक लोकक नजरि पैड़ गेलै। एकदम नीक बकरी केँ देखिकय ठक पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

बरहरा गामक भैरव पूजा – मिथिलाक एक महत्वपूर्ण धरोहर

अभियान आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी बरहरा गामक भैरव पूजाः मिथिलाक एक धरोहर बरहरा गाम मधुबनी जिला मे पड़ैत अछि। झंझारपुर सँ लौकहा जेबाक रेलवे रूट जे एखन अमान-परिवर्तनक प्रक्रिया मे रहबाक कारण बाधित अछि ताहि पर पड़ैत अछि बरहरा हाल्ट। आसपासक अन्य स्टेशन सभक नाम अछि वाचस्पतिनगर (अंधड़ाठाढी), खुटौना, आदि। बलिराजगढ सेहो आसेपास अवस्थित बरहरा गामक भैरव पूजा – मिथिलाक एक महत्वपूर्ण धरोहर

मिथिलावादी नहि फँसथि भारतीय कांग्रेसक क्षुद्र रणनीति मेः सोनिया गांधी संग सीताक तुलना गलत

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी हालहि भारतीय कांग्रेस द्वारा जारी एक पोस्टर मे एहि पार्टीक अध्यक्षाक तस्वीर लगाकय ‘सीता माँ नेपाल सँ, सोनिया माँ इटली सँ’ कहिकय एक तरहक रणनीतिक वातावरण बना स्वयं केँ तोषित करबाक असफल प्रयास कयल गेल अछि। एकर प्रत्युत्तर मे मिथिलावाद केर नेतृत्व प्रदान करनिहार किछु युवा लोकनि ट्विटर पर #सीता_भारतीय मिथिलावादी नहि फँसथि भारतीय कांग्रेसक क्षुद्र रणनीति मेः सोनिया गांधी संग सीताक तुलना गलत

मूर्ख मित्र सँ विद्वान् शत्रु नीक

कथा पंचतंत्र सँ अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी (संपादनः प्रवीण नारायण चौधरी) मूर्ख मित्र खराब एकटा राजा बड़ा मोन सँ एकटा बानर पोसलथि। राजा आ बानर मे बहुत प्रेम छल। ओ बानर सेहो राजाक सच्चा सेवक रहय। जे राजा केँ बहुतो काज अपने-आप कय दैत छल। एक दिन दुपहर मे राजा सुतल छलखिन। राजा केँ गर्मी मूर्ख मित्र सँ विद्वान् शत्रु नीक

मैथिली भाषा-साहित्य मे स्वयंसेवी सृजनकर्मीक अकूत भंडार अछि

लेखक परिचयः पप्पू कुमार ठाकुर मैथिलीक सेवा आ परमार्थ-पुरुषार्थक उपलब्धि मैथिली भाषा-साहित्यक सेवाक लाभ सामान्य दृष्टि सँ देखल जाय तँ कोनो खास नहि देखायत, लेकिन गहींर दृष्टि रखनिहार एहि मर्म केँ नीक सँ बुझैत अहर्निश एहि भाषा लेल सृजनकर्म करैत छथि। एहि मे भेटयवला आत्मसन्तोष केर परमानन्द एकमात्र सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि होइछ जे सर्वसाधारण पर्यन्त बुझि मैथिली भाषा-साहित्य मे स्वयंसेवी सृजनकर्मीक अकूत भंडार अछि

चर्चित आ लोकप्रिय गीतकार प्रकाश झा औता लाइव ‘दहेज मुक्त मिथिला’ पर ८ बजे आइ

२५ अप्रैल २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! प्रकाश झा – मैथिलीक एक महान गीतकार आइ दहेज मुक्त मिथिला पर लाइव औता   एडमिन वंदना चौधरी ई जानकारी शेयर करैत दहेज मुक्त मिथिला समूह केर सदस्य लोकनि सँ आइ २५ अप्रैल रातिक ८ बजे उपस्थित रहबाक निवेदन कयलीह अछि।   विदिते अछि जे दहेज मुक्त मिथिला एक चिर-परिचित चर्चित आ लोकप्रिय गीतकार प्रकाश झा औता लाइव ‘दहेज मुक्त मिथिला’ पर ८ बजे आइ

मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि”

मैथिली साहित्य आ जनसरोकार पर आधारित हमर विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि” मैथिली भाषाक अत्यल्पे रचना सँ हमरा समान कतेको अल्पबुद्धि परिचित होयत, परञ्च ताहि अत्यल्प रचनहु मे किछेक रचना एहेन अछि जे संसार रीति-थीति देखि बेर-बेर मोन पड़ैत अछि। एहने एक रचना अछि मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि”