Search

प्रवीण नारायण चौधरी

गुरु पूर्णिमा पर गुरुजन केँ प्रणाम संग अपन समाज लेल सन्देश

लेख – गुरु पुर्णिमा – विन्देश्वर ठाकुर, दोहा, कतार आजु अखार महिनाक २१ गते २०७७ साल पुर्णिमा तिथि। तदनुसार २०२० साल जुलाई महिनाक ५ तारिक रवि दिन। आजुए दिन हरेक बर्ष गुरु पुर्णिमा एवं व्यास ज्यन्ती मनाओल जाइत अछि। आजुक दिन मनाएल जाइ बला एहि गुरु पुर्णिमाक विशेष महत्व रहल अछि। सनातन धर्ममे गुरु परम्परा गुरु पूर्णिमा पर गुरुजन केँ प्रणाम संग अपन समाज लेल सन्देश

समकालीक मैथिली लेखकक डाइरेक्टरी प्रकाशित कयल जायत, लेखक सँ परिचय पठेबाक अपील

विराटनगर, ५ जुलाई २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली एसोसिएशन नेपाल, विराटनगर द्वारा एक अपील जारी करैत मैथिलीक समकालीक लेखक लोकनि सँ अपन-अपन परिचय डा. रविन्द्र कुमार चौधरी जी केँ पठेबाक अनुरोध कयल गेल अछि। डा. रविन्द्र कुमार चौधरी झारखंडक जमशेदपुर-गोल्मुरी स्थित एबीएम कालेजक एसोसिएट प्रोफेसर एवं मैथिली विभागाध्यक्ष छथि जे विगत किछु मास सँ सामाजिक समकालीक मैथिली लेखकक डाइरेक्टरी प्रकाशित कयल जायत, लेखक सँ परिचय पठेबाक अपील

राजदरबारक दरबज्जा खोलबाक सूत्र (लघुकथा)

लघुकथाः राजदरबाक दरबज्जा खोलबाक सूत्र – किशोर कुमार झा, सुपौल एकटा राजा एकटा विशाल महल बनेलथि । ओहि महल केर प्रवेशद्वार पर एकटा गणितक सूत्र लिखि देलखिन्ह आ घोषणा कयलखिन्ह जे एहि सूत्र केर हल करलाक बादे एहि महल केर प्रवेश द्वार खुजत । आर, जे कियो ई हल कऽ पेता तिनका आधा राजपाट देल राजदरबारक दरबज्जा खोलबाक सूत्र (लघुकथा)

नीलम बाबू आ गर्मी छुट्टी – लघुकथा

लघुकथा – “गर्मी छुट्टी” – नेहा झा, वाराणसी छोटका पंडित जीक मैझला बेटा नीलम बाबू केर पुलिस मे भर्ती भेलन्हि, माँ-दादा बड़ खुश भेलाह । हेता कोना नहि! बड्ड गरीबी मे ताहि जमाना मे बी.एच.यू. सँ पढ़ेने छलाह बेटा सभ केँ, ओ भरि गाम मे मिठाई बँटला, पूजा-पाठ करेलाह । बेटा चलि गेलखिन । पोस्टिंग भ’ नीलम बाबू आ गर्मी छुट्टी – लघुकथा

गीतकार विजय झा मुन्नू केर दुइ गोट भक्ति रचना

भक्ति-रचना – विजय झा ‘मुन्नू’ नचारी दिय प्रलोभ लोभ मद त्यागी, चरणक करि सेवा शिव यौ पाबि हम भक्ति सन मेवा   दया धर्म ने कनिको बांचल सबतर हम अन्याय देखैय छी भाई भाई मे रक्त के प्यासल धिरज ने हम कतौउ देखैय छी माय बाप के बेटा पुतोहु, देखाबैय छै ठेंगा शिव यौ पाबि गीतकार विजय झा मुन्नू केर दुइ गोट भक्ति रचना

पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – दरेग

विहनि कथाः दरेग – झा सृष्टि कारक पट्टा खुजिते चिलका के ओकर दादीमाँ आह्लादित होयत कोरा मे लेलनि। आहा! देखियौ त, कतेक फकसियारि काटि रहल अछि नेना। एकदम स लहालोट भ गेल अछि। – ऐँ ये कनियाँ, बौआकेँ दूध लगा लेबै से नै? – माँ, दूध कहाँ होय छै, ओ त कहिया ने सुखा गेलै। पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – दरेग

पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – प्रमाणपत्र

लघुकथा – प्रमाणपत्र  – ईशनाथ झा, नरुआर (झंझारपुर), मधुबनी हम अत्यंत रूपवती छी। गोर-नारि, सुगठित देहयष्टि, कारी मुलायम केश, पैनगर पैघ आँखि, नमगर, सुरेबगर, मृदुभाषी — सबटा गुणे अछि हमरामे मुदा एकर कोनो अहंकार नहि अछि। दुनिया हमरा सन लोकसँ भरल छै। दसे बरखक भेल रही तँ पहिने माय, आ तकर बरखियो नै भैल रहै पुरस्कृत मैथिली लघुकथा – प्रमाणपत्र

मिथिला मालाक मोती अछि बिखड़ल – आवश्यकता चुनबाक आ माला बनेबाक छैक

विशिष्ट व्यक्तित्व “श्री सुधीर कुमार ठाकुर” संग वर्चुअल भेंट-परिचय   मिथिलाक अनेकों पुरुषार्थसम्पन्न सपूत संग सोशल मीडिया मे भेंट होइत रहैत अछि। ई सौभाग्य केवल अपन मातृभाषा ‘मैथिली’ केर सेवा आ लेखन केर कारण नसीब होइत अछि, ई स्वीकार करय मे कनिकबो हर्ज नहि। निज भाषाक चुम्बकत्व मात्र एहेन होइत छैक जे अपन लोक संग मिथिला मालाक मोती अछि बिखड़ल – आवश्यकता चुनबाक आ माला बनेबाक छैक

अगबे घोषणा नहि, धरातल पर काज सम्पन्न करबाक मंत्र सेहो सीखू

घोषणा अनेक – काज कतेक   गौर करू त! डेली किछु न किछु नव घोषणा सोशल मीडिया पर देखैत छी अपने लोकनि। मैथिली भाषा, मिथिला संस्कृति, समाज या आर्थिक विकास सँ जुड़ल, मानव जीवन सँ जुड़ल कइएक सरोकार पर, संचार या फिल्म संग कला सम्बन्धित विषय सब पर सेहो, कतेको तरहक घोषणा ‘हम ई करब, अगबे घोषणा नहि, धरातल पर काज सम्पन्न करबाक मंत्र सेहो सीखू

अहाँक नजरि मे मैथिली-मिथिलाक सक्रिय संस्था-संगठनक परिचय हो त उपलब्ध कराउ

अभियान ‍- प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली-मिथिला लेल समर्पित संस्थाक परिचय संकलनक अभियान (उद्देश्य समुचित दस्तावेजीकरण) प्रसंगवश काल्हि एक आदरणीय सज्जन मैथिली-मिथिला संस्था द्वारा जमीनी अभियान नहि चला पेबाक बात कहलखिन। हमर दिमाग मे तत्क्षण किछु बात आयल से हुनका सहित आरो गणमान्य लोकनि सँ आग्रहपूर्वक जानकारी कराओल।   हमर कहब छल –   प्रयास त अहाँक नजरि मे मैथिली-मिथिलाक सक्रिय संस्था-संगठनक परिचय हो त उपलब्ध कराउ