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प्रवीण नारायण चौधरी

रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग-१ः मैथिली साहित्यक सर्वोत्तम उपयोगिता पर केन्द्रित (अत्यन्त पठनीय)

१५ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ सँ एकटा नव अवधारणा पर चलबाक संकल्प संग मैथिली पाठक लेल सर्वोपयोगी रचना सभक संकलनक धारावाहिक आरम्भ कय रहल छी। मैथिली जिन्दाबाद वेब न्यूजपोर्टल पर साभार फेसबुक आ विशेष रूप सँ ‘दहेज मुक्त मिथिला’ समूह जतय एक सँ बढिकय एक विद्वान् आ विदुषी सदस्य सभ उपस्थित छथिन हुनका रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग-१ः मैथिली साहित्यक सर्वोत्तम उपयोगिता पर केन्द्रित (अत्यन्त पठनीय)

प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप

अर्पण स्मारिका लेल समर्पित ई लेख – प्रवीण नारायण चौधरी प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप मध्य विद्यालय, कुर्सों जेकर स्थापना १८९२ ई. ब्रिटिश सरकार कएने रहय, जाहि विद्यालय सँ हजारों छात्र अपन प्रारम्भिक पढाई कय आइ राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र मे अपन अलग ख्याति बनौलनि अछि, जे विद्यालय ओहि इलाकाक दर्जनों गाम केर एकमात्र आधार रहय आर जतय एक प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप

दहेजक हिसाब – मिथिलाक कथा

मैथिली कथा – प्रवीण नारायण चौधरी दहेजक हिसाब पिताम्बर बाबू जमीन्दार परिवार सँ रहथि। हुनकर एकमात्र पुत्र आ दुइ गोट पुत्री रहथिन। बेटा सब सँ पैघ रहथिन। बेटा केँ शहर पठा छात्रावास मे राखि उच्च अध्ययन करौलाह। बेटा सँ बहुत आशा पोसने रहथि। बेटी सब विवाह कय केँ आन घर चलि जायत से सोचि गामहि दहेजक हिसाब – मिथिलाक कथा

विराटनगर सँ मैथिली मासिक पत्रिका ‘मिथिला टाइम्स’ केर पुनर्प्रकाशन भेल आरम्भ

१० सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! सूचित करैत अपार हर्ष भ रहल अछि जे मिथिला टाइम्स आब विराटनगर सँ रेगुलर प्रकाशित होयत। ई जनतब सम्पादक-प्रकाशक रामरिझन यादव सर सँ भेटल। लगभग 25 वर्ष पहिने एकर प्रकाशित अंक सँ हमरा प्रथम दर्शन भेल छल। ओना उपलब्ध जानकारी अनुसार 29 वर्ष भ गेल एहि पत्रिका के आयु। विराटनगर सँ मैथिली मासिक पत्रिका ‘मिथिला टाइम्स’ केर पुनर्प्रकाशन भेल आरम्भ

मिथिला मे केक काटिकय बर्थडे मनेबाक परम्परा नहि मुदा……….

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी केक काटि बर्थडे मनेनाय मिथिलाक परम्परा नहि मुदा…..   हम-अहाँ सब बात अपनहि मोनक हिसाब सँ करब त दुनियाक लोक केँ ई बात हमेशा पसिन नहि पड़त। दुनिया कहला सऽ फेर अहाँ सँ अन्जान आ संगत सँ दूर केर बात हम नहि कहब, या फेर जे बाद मे अहाँक सम्बन्ध मिथिला मे केक काटिकय बर्थडे मनेबाक परम्परा नहि मुदा……….

हमर आदर्श व्यक्तित्व – कथा-संस्मरण

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी हमर आदर्श व्यक्तित्व   दहेज मुक्त मिथिला समूह मे एतेक रास क्रिएटिव विचारधाराक संगम एक संग अछि जेकर परावार नहि। समूहक एक अत्यन्त सक्रिय बहिन सुश्री राधिका झा (सीतामढ़ी) एक महत्वपूर्ण विषय रखलीह अछि – ‘हमर आदर्श व्यक्तित्व’ केर फोटो संग किछु अनुकरणीय संस्मरण लिखू। संगहि हमरा विशेष रूप सँ हमर आदर्श व्यक्तित्व – कथा-संस्मरण

नेपालक मैथिली भाषाभाषी समाज मे शिक्षाक वर्तमान अवस्था पर कौशल गोपालवंशीक लेख

लेख – कौशल गोपालवंशी मैथिली भाषाभाषी समाजमे शिक्षाके बर्तमान अबस्था महान मिथिलादेश, जे अङ्ग्रेजके पालामे बिभाजित भ के मिथिलाके सिर (राजधानी जनकपुर सहित) नेपालमे और धर भारतमे बिलिन भ गेल। बिलिन भेलाके बादो मिथिलावासी सब अपना-आपके मैथिली नै कहाबेमे मन पड़बैत अछि। एक समयमे समृद्ध राष्ट्र रहल मिथिला बर्तमान अवस्थामे नेपाल और भारत दुनू देशमे नेपालक मैथिली भाषाभाषी समाज मे शिक्षाक वर्तमान अवस्था पर कौशल गोपालवंशीक लेख

नेपाल मे मगही के जनम आ विकास ऊपर दुइ टप्पी

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी सब कोइ पढय, सब कोइ बढय   हमर एक मित्र-भाइ संतोष कुमार साह (रौतहट) आइ अपन एक संवाद से ध्यानाकर्षण कयलाह। ओ लिखने रहथि निम्न पोस्ट केर बारे मे जे ई एक नौटंकी थिक – सन्दर्भ पोस्ट जहिनाक तहिना लिखि रहल छीः   “नाम :- दिपेन्द्र कुमार कापरी ठेगाना :- नेपाल मे मगही के जनम आ विकास ऊपर दुइ टप्पी

मैथिली भाषा केँ सहज बनेबाक विमर्श – कारण आ उपाय

कतेक सहज छैक कोनो भाषाक क्लीष्टता केँ दूर करब – प्रवीण नारायण चौधरी, संपादक, मैथिली जिन्दाबाद   संसार मे एहेन कतेको भाषा भेलैक जेकर क्लीष्टताक कारण जनसामान्य ओकर शुद्ध आ प्रचलित मानक पर आधारित लिखित वा मौखिक स्वरूप केँ नहि अपना सकल अछि। लेकिन कोनो भाषा केँ नहि अपनेबाक कारण केवल क्लीष्टता केँ नहि देल मैथिली भाषा केँ सहज बनेबाक विमर्श – कारण आ उपाय

मैथिली लेल नवारम्भ प्रकाशनक अभूतपूर्व क्रान्ति – आब पोथी सदेह के बदला विदेह रूप मे सेहो कीनि सकैत छी

२४ अगस्त २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! आब मैथिलीक पोथी आनलाइन कीनि आ पढि सकैत छी – नवारम्भ प्रकाशनक नया उपाय   मैथिली भाषा-साहित्य केँ नव प्राणदान देबाक काज नवारम्भ प्रकाशन मधुबनी कय रहल अछि। काल्हि कुमार पद्मनाभ केर रचित उपन्यास ‘पपुआ ढपुआ सनपटुआ’ पर आयोजित एक वेबिनार समीक्षा मे लाखों दर्शकक यैह प्रतिक्रिया छल। गुन्जन मैथिली लेल नवारम्भ प्रकाशनक अभूतपूर्व क्रान्ति – आब पोथी सदेह के बदला विदेह रूप मे सेहो कीनि सकैत छी