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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपाली गायन सँ मैथिली गायन मे नव तारा नितिन गजुरेलक जोरदार प्रस्तुति

विद्यानन्द बेदर्दी, २१ अक्टूबर २०१९ । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली सङ्गीत आकासमे नव ताराक उदय ई पहिल गीतसँ “चान सन रूप ई देखि देखि, मिलैय अइ जिनगीमे आराम अप्पन दिलके डायरीमे लहूक कलमसँ, लिखि देलौँ अहीँकेर नाम सङ्ग छोड़ब नइ कहैछी कसमसँ, मिलि सजेबै हम सपनाके गाम ” सिरहा, मिर्चैया आर हाल विराटनगर, मोरङ्ग रहनिहार (जिनक नेपाली गायन सँ मैथिली गायन मे नव तारा नितिन गजुरेलक जोरदार प्रस्तुति

गौतम बाबूक शक्ति पूजा

कथा – किरण प्रभा गौतम बाबू क शक्ति पूजा न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो, न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथा:॥ अहि प्रकारे गौतम बाबू पहिल दिन अपन शक्ति पूजा क विराम देलैन। पूजा समाप्तिक संगे कानियां केँ आवाज लगेलैथ, “कतय छी यै! मरि गेलौं की जिबैत छी! हमर पूजा गौतम बाबूक शक्ति पूजा

गोपाल मोहन मिश्रक आधा दर्जन रचना

साहित्यः किछु कविता – गोपाल मोहन मिश्र १. जिंदगी एक रहस्य जिबैत जिबैत जिंदगी नै पता कखनि जुआ भै गेल। समझलहुं जेकरा आगि, एक फूंक में धुआँ भै गेल। सभ किछु लगा दांव पर सभ किछु गेलहुं हम हारि। मन रहल पाषाण सन, ठाढ़ बीच बाज़ारि। गलत कौन सन बाज़ी, ग़लत कौन सन छल दांव। गोपाल मोहन मिश्रक आधा दर्जन रचना

शंभूक कनियाँक करबाचौथक व्रत (एकांकी नाटक)

एकांकी नाटक – रूबी झा सरपंच बाबू ‌आबि रहल छलाह ‌बाजार दिश सँ, बाटहि मे भेट गेलन्हि शंभू।   शंभू – काका प्रणाम।   सरपंच बाबू – खुश रह बच्चा। कतय चललें हें झोरा-झंडा टांगि।   शंभू – काका, काल्हि करबाचौथ छैक ने, तोहर पुतोहु (शंभू के कनियाँ) व्रत करथुन्ह, ताहि लेल किछु-किछु सामान आनय शंभूक कनियाँक करबाचौथक व्रत (एकांकी नाटक)

प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग २

१७ अक्टूबर २०१३, मैथिली जिन्दाबाद!! २०१३ ई. प्रवीणक जीवन मे बड़ा महत्वपूर्ण रहल, कारण यैह ओ वर्ष थिक जाहि मे मैथिली-मिथिलाक लेल सर्वाधिक प्रयास संभव भेल। दिसम्बर २०१३ केर सब पोस्ट ‘प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग १’ मे समेटलाक बाद आब नवम्बर २०१३ केर पोस्ट केँ एतय समेटबाक प्रयास कय रहल छी। दिसम्बर १, २०१३ प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग २

मैथिली केँ भेटल एकटा आर दूर-दूर धरि ख्याति प्रदान करयवला भक्तिगीत – जलेश्वरनाथक स्तुतिगान

https://youtu.be/gqIbBZaVzK4 जय जलेश्वरनाथ – जय जलेश्वरनाथ – गंगा खेलथि जिनक जटा मे छथि जलेश्वरनाथ, नित दिन जल मे वास करैत छथि अपन जलेश्वरनाथ, जय जलेश्वरनाथ जय जय जलेश्वरनाथ एतेक सुन्दर बोलक रचना आ ततबे सुन्दर आवाज मे सुनील मल्लिक जी समान वरिष्ठ गायक द्वारा गायन – एकटा आरो दूर धरि अपन प्रभाव छोड़यवला भक्तिगीतक सृजन मैथिली केँ भेटल एकटा आर दूर-दूर धरि ख्याति प्रदान करयवला भक्तिगीत – जलेश्वरनाथक स्तुतिगान

सुशीला जेहेन सुशील कन्याक संग एहेन दुर्व्यवहार कियैक

कथा – सविता झा आइ जे कथा लिखल जा रहल अछि ओ वास्तविक घटना पर आधारित अछि। कलुवाही केर ढेंगा में सुशीला नामक लड़की रहैत छल्थिन्ह। जेहेने नाम छलन्हि सुशीला तेहने ओ सुशील स्वभाव केर छलथि। ओ मधुबनी सँ पढल-लिखल छलथि। पढ़य में ओ मेधावी छात्रा छलथि। देखय में सेहो बड़ सुन्दर रहथि। मिला-जुला कय सुशीला जेहेन सुशील कन्याक संग एहेन दुर्व्यवहार कियैक

थाईलैन्ड राज परिवार संग मिथिला नरेश जनक केर सम्बन्ध केँ स्पष्ट उजागर करबाक लेल पत्राचार

१७ अक्टूबर २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली साहित्यकार सभा – जनकपुर द्वारा थाईलैन्ड राज परिवार सँ पत्राचार करैत प्राचीन मिथिलाक सुप्रसिद्ध नरेश जनक संग पारिवारिक सम्बन्ध केँ उजागर व स्पष्ट कय देबाक लेल वंशावली उपलब्ध करेबाक मांग कयल गेल अछि। ई जनतब मैथिली साहित्यकार सभाक सभापाल प्रेम विदेह ‘ललन’ मैथिली जिन्दाबाद केँ करौलनि, संगहि ओ बतेलनि थाईलैन्ड राज परिवार संग मिथिला नरेश जनक केर सम्बन्ध केँ स्पष्ट उजागर करबाक लेल पत्राचार

आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद)

आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद)   कइएक दिवस सँ दिमाग मे एकटा बात अबैत अछि – प्रवीण! तोरा स्वयं मे कतेक अभिमान छौक आ तूँ दोसर अभिमानी केँ देखैत देरी कतेक जल्दी उताहुल भऽ अपन अभिमान केँ उजागर करय लगैत छँ से कहियो आत्मनिरीक्षण कयलें? ई सवाल अपना आप आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद)

दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत

संस्मरण – रूबी झा वाणी दीदी के संस्मरण पढिकय हमरो अपन बालपन के दुर्गा पूजा मोन पड गेल।आ बहुत रास दृश्य आँखिक सामने आबि गेल। ओहि मे सँ किछु अपन पाठक लोकनि संग साझा कय रहल छी। हमरा गाँव मे तँ दुर्गा पूजा नहि होइत छलय, लेकिन अगल-बगल केर गाम मे होइत छलैक। बगले मे दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत