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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपाल मे चीन आ भारत केर कथित राजनीतिक हस्तक्षेपरूपी खेलपर प्रवीण कमेन्टरी

काठमांडू मे भारत आ चीन केर खेल पर हमर कमेन्टरी नेपालक सम्बन्ध चीन सँ नजदीक बनि रहल अछि – ई पंक्ति एखन नेपालक पहाड़ व पहाड़ी मूलक निवासी मे बहुत अधिक लोकप्रियता हासिल कय रहल अछि। देखल जाय त वर्तमान नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी केर सरकार सेहो भारत सँ खुलिकय बिना कोनो तरहक संकोच या सहमपन नेपाल मे चीन आ भारत केर कथित राजनीतिक हस्तक्षेपरूपी खेलपर प्रवीण कमेन्टरी

लघुकथा – बाबूक चीट

लघुकथा – किरण झा बाबूक चीट एकटा पंडितजी छलाह । हुनका एकटा बेटा छलखिन । हुनक नाम छलनि बौआ । जखन ओ मैट्रीकक परीक्षा देबय जाइत छलाह तऽ पंडितजी कहलखिन – बौआ चीटक आवश्यकता हुए तऽ हमरा कहब बेटा कहलखिन ठीक छै । बौआ परीक्षा हलमें गेला, खिड़की लगमें सीट छलनि । बैसला आ चीट लघुकथा – बाबूक चीट

पुरस्कृत मैथिली कथाः फूलमतिया

मैथिली कथा – पीताम्बरी देवी, कबीर चक, दरभंगा (दहेज मुक्त मिथिला समूह पर आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता मे ई कथा तृतीय स्थान लेल पुरस्कृत कयल गेल अछि।) फूलमतिया बेचना भोलाबाबू के ओतय सबदिन हुनकर बेगारि खटलक। भोलाबाबू सब किछु बेचना पर छोड़ि देने छथिन। माल जाल खेत पथार सबटा के भार बेचना के छै। कोन खेत पुरस्कृत मैथिली कथाः फूलमतिया

पुरस्कृत मैथिली लघुकथा ‍‍- हुनर

मैथिली लघुकथा – आशा चौधरी, दरभंगा दहेज मुक्त मिथिला समूह पर आयोजित लघुकथा प्रतियोगिताक तेसर स्थानक पुरस्कृत कथा श्रीमती आशा चौधरी लिखलनि अछि। श्रीमती चौधरी कंशी (दरभंगा) सँ छथि, एक सामाजिक कार्यकर्ता तथा १९९५ सँ शिक्षा-साक्षरता पर काज करैत छथि। एखन महिला शिक्षा पर काज कय रहली अछि। हिनक कार्यक्षेत्र बहादुरपुर प्रखण्ड छन्हि – हिनकर पुरस्कृत मैथिली लघुकथा ‍‍- हुनर

मैथिली ठाकुर केँ बरगलेबाक काज बन्द हुअय – मैथिली सँ सम्पूर्ण मिथिला केँ नीक अपेक्षा

सन्दर्भः सौराठ सभागाछी पर मैथिली ठाकुर केँ बरगलेबाक विषय पर एक पत्र (सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक भावना) बेटी मैथिली (ठाकुर)! अहाँ केँ हम सब जानकी मनने छी। अहाँ मे मिथिला आ मैथिली लेल जे ललक देखलहुँ ताहि आधार पर सम्मानित करैत स्वयं सम्मानित होयबाक अनुभूति भेल छल २०१७ मे। कलर्स चैनल पर अहाँ केँ विजेता मैथिली ठाकुर केँ बरगलेबाक काज बन्द हुअय – मैथिली सँ सम्पूर्ण मिथिला केँ नीक अपेक्षा

कोरोनाक त्रास संग नेपाल-भारत सम्बन्ध बिगड़बाक भयावह त्रास

कोरोनाक त्रासक बीच नेपाल-भारत सम्बन्ध बिगड़बाक भयावह त्रास   एहि कोरोनाकाल मे राजनीतिक उथल-पुथल सेहो कय तरहक करोट फेरि रहल अछि। विश्व भरि मे कतेको ठाम आपसी प्रतिस्पर्धा आ द्वंद्व केर कारण विवादक माहौल बनल देखल जाइछ त कतेको ठाम युद्ध समान स्थिति सेहो बनल देखि सकैत छी। एहेन अवस्था मे भारतीय उपमहाद्वीप मे भारत-चीन, कोरोनाक त्रास संग नेपाल-भारत सम्बन्ध बिगड़बाक भयावह त्रास

मैथिलीक विखंडित करबाक आरोप आ मैथिली-भोजपुरी अकादमीक उपाध्यक्ष पाठकक स्पष्टीकरण

९ जुलाई २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भोजपुरी अकादमी द्वारा मैथिली केर विभिन्न बोली केँ भाषाई दर्जा दैत फेसबुक पेज द्वारा लाइव प्रस्तुति दिएबाक सूचना मे पूर्वाञ्चल व बिहारक जनपदक बोली आदिक संज्ञा देबाक विन्दु पर काल्हि सामाजिक संजालक संग कोर्ट मे याचिका दायर करबाक स्थिति तक बनैत देखि अकादमीक उपाध्यक्ष अपन फेसबुक पेज सँ मैथिलीक विखंडित करबाक आरोप आ मैथिली-भोजपुरी अकादमीक उपाध्यक्ष पाठकक स्पष्टीकरण

मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली केँ मिथिला संघ केर दुइ टूक: गलती सुधारू नहि त केस लड़ू

८ जुलाई २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली जिन्दाबाद केर आजुक समाचार जे मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली अपन फेसबुक पेज पर मैथिली-भोजपुरी भाषा केँ विखंडित करबाक लेल विभिन्न बोली आदिक नाम पर मंच उपलब्ध करा रहल अछि, गैर-संवैधानिक एवं राजनीतिक शब्दक आधार पर उद्देश्य सँ हंटिकय एहेन काजक विरोध हेबाक चाही – एहि पर अखिल भारतीय मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली केँ मिथिला संघ केर दुइ टूक: गलती सुधारू नहि त केस लड़ू

ई कोन नवका उपद्रव थिक अकादमीकः सन्दर्भ मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली

८ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! वर्तमान कोरोनाकाल मे भाषा-साहित्यक अकादमिक कार्य सभा-समारोहक बदला आनलाइन वर्सन मे सम्पन्न कयल जा रहल अछि। विगत किछु समय मे नीक-नीक आयोजन आ अत्यन्त सक्रियतापूर्वक भाषा-संस्कृति-साहित्य केँ आगू बढेबाक लेल चिर-परिचित नाम “मैथिली भोजपुरी अकादमी, नई दिल्ली” द्वारा अचानक किछु घोषणा राजनीतिक स्वार्थ हित लेल कयल जेबाक आरोप मैथिली साहित्यकार ई कोन नवका उपद्रव थिक अकादमीकः सन्दर्भ मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली

दौरमा गामक लोकआस्था आ परम्परा पर आपत्तिजनक टीका-टिप्पणी कियैक?

सांस्कृतिक-पुरातात्विक संपदाक चोर-तस्करक गिरोह मिथिला मे सक्रिय विश्व भरि मे महत्वपूर्ण एन्टिक्स केर चोरी-तस्करीक समाचार सुनिते रही, आब मिथिला मे सेहो विगत किछु वर्ष सँ एहि तरहक चोरी काफी उच्चस्तर पर घटि रहल अछि। देखिते-देखिते हमरा नजरि मे मात्र रहुआ (मधुबनी) केर पारसनाथ महादेव केर चोरी, कुर्सों राम-जानकी मन्दिर सँ मूर्तिक चोरी, दसौतक राधाकृष्ण मन्दिर दौरमा गामक लोकआस्था आ परम्परा पर आपत्तिजनक टीका-टिप्पणी कियैक?