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प्रवीण नारायण चौधरी

महादेव केर पूजन लिंङ्गरूप मे कियैक – विस्तृत माहात्म्य

स्वाध्याय आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी भगवान् शिव केर लिङ्ग एवं साकार विग्रह केर पूजाक रहस्य तथा महत्वक वर्णन स्रोतः शिवपुराण, विद्येश्वरसंहिता, अध्याय ३ सँ ८ केर संछिप्त सारांश आधारित (लेख निरन्तरता मे अछि) महादेव मात्र केर लिंग पूजन कियैक स्वाध्याय केर केन्द्रविन्दु एखन शिवपुराण में एहि गूढ़ रहस्य केँ ताकि रहल अछि। विद्येश्वरसंहिता में महादेव केर पूजन लिंङ्गरूप मे कियैक – विस्तृत माहात्म्य

कोटा सँ सब बच्चा केर घर वापसी हो – ट्वीटर पर ट्रेन्ड कय रहल अछि मिथिलावादीक अभियान

दरभंगा, १८ अप्रैल २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! एखन कोरोना महामारी के कारण स पूरा विश्व हलकान अछि। भारत में सेहो लॉकडाउन के दोसर क्रम चलि रहल अछि। सोशल डिस्टेंसिंग के अहि बिमारी स बचाव के मुख्य तरीका मानल जा रहल अछि।   अहाँ सबके जनतब होयत जे राजस्थानक कोटा शहर इंजीनियरिंग आ मेडिकल प्रवेश परीक्षाक तैयारी कोटा सँ सब बच्चा केर घर वापसी हो – ट्वीटर पर ट्रेन्ड कय रहल अछि मिथिलावादीक अभियान

राक्षस जाति केर इतिहास आ रावणक विशेष परिचय

आलेख – अनुवादक प्रवीण नारायण चौधरी राक्षस केर उत्पत्ति केना भेल? एखन भारतीय दूरदर्शन सँ ३३ वर्ष उपरान्त रमानन्द सागर कृत् रामायण धारावाहिक केर दोबारा प्रदर्शन चलि रहल अछि। एक तरफ कोरोना वायरस केर प्रकोप सँ लगभग पूरे मानव संसार ठप्प पड़ि गेल अछि, दोसर दिश मानव जीवन मे आगाँ कोना जीवन प्रक्रिया निरन्तरता पाओत राक्षस जाति केर इतिहास आ रावणक विशेष परिचय

मैथिली स्रष्टा विन्देश्वर ठाकुर केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

व्यक्तित्व विशेषः मैथिली युवा सर्जक विन्देश्वर ठाकुर केर जन्मदिनक उपलक्ष्य – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली स्रष्टा विन्देश्वर ठाकुर केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना   पृथ्वी पर अवतारक बहुत खिस्सा-पिहानी हम सब सुनैत-पढैत छी। अपनहुँ चारूदिस ताकैत छी त एहेन बहुत अवतारी लोक केँ देखैत मंत्रमुग्ध भऽ जाइत छी। एहने एक मैथिलीपुत्र अवतारी सपूत देखाइत छथि मैथिली स्रष्टा विन्देश्वर ठाकुर केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

आजुक दिवस घटदान केर परम्परा अछि मिथिला में

13 अप्रैल 2020 । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ नव विक्रम संवत साल 2077 केर शुभारंभ भेल। राजा विक्रमादित्य केर समय सँ निर्धारित सालक गणना आइ 2077म वर्ष में प्रवेश पाबि गेल अछि। आजुक दिवसक आर कतेको महत्व शास्त्र पुराण में वर्णित अछि। मिथिला में आजुक दिन पाबनि रूप में सतुआ खेबाक विशेष परम्परा अछि। दहेज मुक्त आजुक दिवस घटदान केर परम्परा अछि मिथिला में

लॉकडौन में आयुशा केर चित्रकला

कलाकार परिचय आयुशा झा, बि. ई. इलेक्ट्रिकल अध्ययनरत (५ सेमेस्टर), त्रिभुवन बिश्वविद्यालय, काठमांडू – मूल ग्राम देवडीहा, जनकपुर, नेपाल । मिथिला चित्रकला केर किछु अनुपम कृति जे विद्यमान लॉकडौन केर अवधि में बनेलीह अछि:

प्रवीणक किछु रचना संग्रह

१. ११ अप्रैल २०१३ः अनमोल जीवन जीवन धन बड मूल्यकेँ, देलनि अछि भगवान्! सच्चरित्र शिष्टा-सुन्दर, बनियौ बस इनसान!! हमर वृत्ति जे हमहि करी, देखबय लेल नहि धर्म! जीवन साफल बनल ओकर, कयलक जे निज कर्म!! देखू न आवरण देह के, पाबू निज मति दाम! अपन-अपन स्वभावसँ, बनबू मिथिला गाम!! रहल ई पावन देश सदा, अयला प्रवीणक किछु रचना संग्रह

कि हेतय आगू?

विचार-मंथनः प्रवीण नारायण चौधरी   किछु मोनक बात…. आइ कतेको दिन सँ आन्तरिक उद्वेलित मन बहुत किछु चाहियो कय लिखय नहि चाहैत अछि…. पता नहि एहेन स्थिति केँ कोन संज्ञा दी! लेकिन अजीब हाल अछि। कतेको बेर अपना केँ बुझबैत छी, बौंसैत छी, खेलबैत छी, हँसबैत छी…. लेकिन घुरि-फिरिकय वैह अजीब अनिश्चितता सँ भरल भविष्य कि हेतय आगू?

कोरोना महामारी मे दीपोत्सव – कतेक सार्थक कतेक निरर्थक

विशेष सम्पादकीय काल्हि ५ अप्रैल २०२० भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केर विशेष अपील पर राति ९ बजे ९ मिनट लेल दीप जरेबाक एकटा जनप्रिय संवाद अनुसार नहि केवल भारत मे बल्कि समूचा विश्वक अनेकहुँ राष्ट्र मे दीप जराकय अन्हार (एखुनका अनिश्चितता आ भयावहताक त्रास) सँ प्रकाश (आत्मरक्षार्थ एक नव आशा) दिश जन-जन केँ बढैत रहबाक कोरोना महामारी मे दीपोत्सव – कतेक सार्थक कतेक निरर्थक

कोरोना संक्रमण आ वैश्विक संकटः नागरिक पत्रकारिता एकमात्र विकल्प

आलेख – धर्मेन्द्र झा (नेपाली सँ मैथिली अनुवाद – ध्रुव कुमार झा, जनकपुर) अखन सम्पुर्ण मानव सभ्यता वैश्विक महामारी कोरोनाके ल’क’ आक्रान्त बनल छइ । मनुख्खके हरेक युग आ समयमे सूचना आवश्यक अछि तकर इतिहास साक्षी छैक । सुचना मनुख्खके सब आवश्यक्ता पूरा करैत छइ आ सब समस्याके समाधान करैत छैक से बिश्वाश कएल जाइत कोरोना संक्रमण आ वैश्विक संकटः नागरिक पत्रकारिता एकमात्र विकल्प