“सोशल मीडियाक बढ़ैत प्रभाव”

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— दिलिप झा।         

 

आजुक युग के सोशल मीडियाक क्रांतिक युग कही तs कोनो अतिस्योक्ति नहि जाहि में नित नव नव इजाद भs रहल अछि आ तहिना लोकप्रिय भs रहल अछि। के बच्चा, के बुढ़, के युवा, के पुरुष आ के स्त्रीगन सभ एकर अभ्यस्त भेल जा रहल अछि। एकर जतs हमरा सभक जीवन वा समाज पर सकरात्मक प्रभाव देखल जाइत अछि ओतहि नकारात्मक प्रभाव सेहो कम नहि। निर्भर उपयोगकर्ताक मानसिकता आ विवेक पर आधारित हाईछ। तैं विद्वान सबक बीच आई ई बहस के विषय बनि गेल अछि।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक गोट एहेन साधन थिक जाहि के माध्यम सs उपयोगकर्ता अपन अभिव्यक्ति, कोनो प्रचार, कोनो फोटो, कोनो विडियो, कोनो तरहक विचार विमर्स वा संवाद इत्यादि इत्यादि के एकहि क्षण में चुटकी बजितहि अपन लाखो अनुसरणकर्ता या अनुवाई तक द्रुतगति सs वितरण करवा में समर्थ होईत छैथ जे एकर लोकप्रियताक मूल कारण थिक। आजुक युग में एकरा नजर अंदाज नहि कैल जा सकैत छैक कारण ई हमर सभक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभैबा में आई सफल भs गेल अछि। जेना कि कोनो व्यवसायी अपन उत्पाद सामग्री के गुणवत्ता, सेवा आ सामग्री अपन ग्राहक के ऑनलाइन आसानी आ द्रुतगति सs पहुंचेवा में सक्षम भेल अछि आ संगहि अपन उत्पाद के ऑनलाइन बजार में विक्रय कs क ब्रांड बनैबा में सफल भेल अछि। कोनो ग्राहक क्रय करबाक लेल उत्पाद या सेवाक अन्य ग्राहक द्वारा देल गेल समीक्षा या प्रतिक्रिया पढि कs अपन अपन आत्म संतूष्टिक आधार पर स्मार्ट विकल्प के चयन करबा में समर्थ होईत छैथ।आजुक युग में एतबे नहि सोशल मीडिया एक महान शिक्षा उपकरण बनि गेल अछि जे कतेको शिक्षक के कार्य के सुगम बना देलक अछि जे हुनका अपन क्षमता, कौशल, ज्ञानक विस्तार के पता लगैवा में सहायक होइत अछि। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आयोजित कक्षा सभ अधिक अनुशासित और संरचित होइत अछि कियैक तs एहि आभासी पटल पर शिक्षण करेला सs हुनका आभास होइत छैन्ह जे सब शिक्षणार्थी एकरा देख रहल छैथ आ मनन कs रहल छैथ। सोशल मीडिया छात्र सब के एहि प्रतियोगिता प्रधान युग में ऑनलाइन नीक नीक उच्य स्तरीय शिक्षण सामाग्री सुगमता पूर्वक उपलब्ध कराबा कs ज्ञान संवर्धन में सहायक होईछ। एकर माध्यम स छात्र वीडियो आर चित्र देख सकैत छैथ, समीक्षा सभक जांच कs सकैत छैथ आ लाइव प्रक्रिया के देखि तत्काल आ त्वरित अपन संदेह शंका के दूर कs सकैत छैथ। छात्रे नहि अपितु शिक्षक सेहो एहि उपकरण, माध्यमक उपयोग कs क अपन व्याख्यान के अधिक रोचक आ शिक्षणार्थी के लेल सुग्रह्य बना सकैत छैथ। छात्र प्रसिद्ध शिक्षक, प्रोफेसर आर विचारक सभ के द्वारा ब्लॉग, आर्टिकल आर लेखन पढि कs अपन ज्ञान बढ़ा सकैत छैथ।
एतबे नहि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम सs आहां अपन इच्छित दर्शक सs अविलंब संपर्क साधि सकैत छी। सोशल मीडिया हमरा सभके केवल एक क्लिक में समाचार आ सब समकालीक वा पूर्वकलीक वैश्विक घटना के उपलब्ध करेबा में सक्षम होइछ। आर तs आर मनोरंजनक क्षेत्र में एकर अतुल्यनीय योगदान एकर लोकप्रियता के दिनानुदिन त्वरित गति सs शिखर पर पहुंचैवा में सफल भs रहल अछि।
हमरा संग सब किओ पिछला किछु वर्ष में सूचना आ सामग्रीक विस्फोट देखलहू अछि तैं हम सोशल मीडिया के ताकत सs इंकार नहि कs सकैत छी। समाज में महत्वपूर्ण जागरूकता पैदा करबा के लेल सोशल मीडियाक व्यापक रूप सs उपयोग कैल जा सकैत अछि। अतः एकर उपयोग समाज के विकाश के लेल कैल जा सकैत अछि।
एनजीओ आर अन्य सामाजिक कल्याण समिति सब द्वारा चलैल गेल कतेको महान कार्य सब में सेहो मददगार होईछ। सोशल मीडिया जागरूकता फैलाब आ अपराध स लड़बा में संबंधित एजेंसि सब आ सरकार के मदद करैत अछि। जे हमर सामाजिक विकाश में सहायक भूमिका प्रस्तुत करैत अछि।
एतेक सब रहितो सोशल मीडियाक नकारात्मक प्रभाव के अवहेलना करब तर्क संगत नहि लगैछ। एकर गलत उपयोग सs लोक सब के बहुत हानिकारक प्रभाव के सामना करय परैत छैन्ह। जेना कि साइबर बुलिंग, हैकिंग, जीबन शैली में अस्विकार्य आदत के उद्भव, घोटाला, हनीट्रैप्स और अश्लील एमएमएस द्वारा रिश्ता में धोखाधड़ी, प्रेम प्रसंग में फसा कs धोखा, शारीरिक आ मानसिक स्वास्थ समस्या के असामयिक प्रदुर्भाव आ समाज एवं परिवार सs बिलगाव आ की की ने।
अंततः कोनो चीज के सिर्फ सकारात्मक प्रभाव के कल्पना करब असंभव अछि कारण आदर्श शब्द सिर्फ़ कागज पर लिखबाक लेल बनल अछि। परन्तु हमर व्यक्तिगत अवधारणा थिक जे आधुनिक युग के देखैत एकर उपयोग अनिवार्य अछि आ सकरात्मक प्रभाव के बहुलता सs भरल अछि। हां मनैत छी जे किछु नकारात्मक प्रभाव सेहो छैक जाहि सs उपयोगकर्ता अपन बौद्धिक कौशलता, स्वस्थ मानसिकता आ विवेकपूर्ण उपयोगक परीचय दैत बंचित भs सकैत छैथ।