“एकटा सफल नेतृत्वकर्ताक गुण”

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— भावेश चौधरी।               

नेतृत्व -व्यक्ति के विशेष गुण जे सरलता,स्वामित्व,सुझाव आ सम्मान के मिश्रण होय अछि। अपन योग्यता, सृजनशीलता,पहल शक्ति आ सहानुभूति के व्यक्त करबाक क्षमता के सहायता स संगठन प्रक्रिया में मनोबल के निर्माण करैत लोगक विश्वास, सहयोग आ काज करय के तत्परता प्राप्त करय छथि ।नेतृत्वकर्ता में ई गुण होइत छनि कि हुनकर बात के भरोसा करईत समाज स्वेच्छा पूर्वक बिना कोनो दबाव के हुनका स्वीकार करई छनि ।
नेतृत्व के बिना कोनो सामाजिक/धार्मिक/राजनीतिक/औद्योगिक संचालन संभव नई। बिना नेतृत्व समाज में अराजकता भा जायत। सामाजिक व्यवस्था खतम भा जायत। एकटा सफल नेतृत्वकर्ता के सरल, स्वाभाविक, न्यायप्रिय, कठोर नितिन,निपुण आ ज्ञानी होबाक चाहियन ताकि ओ अपना आप के सबसे अलग साबित क पबैथ। हुनका में हरदम किछु नया सीखय के इच्छा होबक चाहियन,जाहि सा और बेहतर ढंग सा अपना आप के लोगक सामने प्रस्तुत क पबैथ। एकटा सही नेता में असगर ठाड़ होबय के आत्मविश्वास , कठिन निर्णय लेबा के साहस आ दोसर के जरूरत के समझय के काबिलियत होयत छनि। नेतृत्व करबई लेल शैक्षणिक योग्यता स बेसी व्यवहारिक योग्यता महत्वपूर्ण। शिक्षा,सुविधा,अर्थ आदि के अभाव रहितो नेता बनई के कतेको उदाहरण भेट जायत।गामक छोट कार्यक्रम होय या वैश्विक पटल पर कोनो पैग सम्मेलन- ओकर सफलता सही प्रबंधन आ नेतृत्व पर पूरा टिकल रहैत छै।जॉन सी मैक्सवेल के अनुसार एकटा नेता वाह छथि जे सही रास्ता जानइत छैथ, सही रास्ता पर च लैत छैथ आ सबके सही रास्ता देखाबैत छैथ।
आई के युग मे बच्चा सबमें नेतृत्व के गुण देनाय बहुत जरूरी अछि। अहि स हुनक भविष्य उज्ज्वल होबय के पूर्ण संभावना होइत छैन। ओ जेतो जेता,अपन छाप छोड़ता। नेतृत्व के गुण बहुत कम लोग लग होई छनि। लेकिन सही मेहनत आ लगन सा एकरा हासिल कायल जा सकय अई। जय मिथिला, जय मैथिली।।