— आभा झा। 
#गणतंत्र _दिवस_के_महत्व
इतिहास में 26 जनवरीक दिन बेहद महत्वपूर्ण अछि।गणतंत्र दिवस भारत के राष्ट्रीय पर्व अछि।26 जनवरी 1930 कऽ पूर्ण स्वराज घोषित करय के तारीख के महत्व देबय लेल 26 जनवरी 1950 कऽ संविधान लागू कयल गेल और 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस घोषित कैल गेल। अहि दिन सन् 1950 कऽ भारत सरकार अधिनियम (1935)के हटा कऽ भारतक संविधान लागू कयल गेल छल। 26जनवरी के ताहि दुवारे चुनल गेल छल कियैकि 1930में एहि दिन भारतीय कांग्रेस (आई-एन-सी-)भारत के पूर्ण स्वराज घोषित केने छल। ई भारतक तीन राष्ट्रीय अवकाश में सं एक अछि,अन्य दू
स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती अछि।73 वर्ष पहिने अहि दिन भारतीय संविधान लागू भेल छल। गणतंत्र दिवस मनाबै के मुख्य उद्देश्य ई अछि कि 26 जनवरी 1950कऽ पूरा 2साल 11महीना और 18 दिन लगा कऽ बनाओल गेल संविधान लागू कयल गेल छल और अपन भारत देश के पूर्ण गणतंत्र घोषित कयल गेल। ओना तऽ भारत देश 15 अगस्त 1947 कऽ अंग्रेजक चंगुल सँ आजाद भऽ गेल छल परंतु अहि आजादी के रूप 26 जनवरी कऽ देल गेल।26 जनवरी 1965 कऽ भारत के हिंदी राष्ट्र घोषित कैल गेल छल।26 जनवरी कऽ 21 तोपक सलामी के संग देशक राष्ट्रपति द्वारा भारतक राष्ट्रीय ध्वज के ध्वजारोहण होइत छैक। गणतंत्र दिवस के दिन हम ओहि महान पुरुषक बलिदान के याद करैत प्रेरणा लैत छी कि हमहुँ एहि महान लोकक जेकां अपन देशक लेल अपन प्राण त्यागब और देशक आन मान और शानक रक्षाक लेल हरदम तैयार रहब और दोबारा कखनो अपन देश के गुलाम नहिं होबय देब।अहि दिन हर भारतीय अपन देशक लेल प्राण देबय वाला प्रत्येक व्यक्ति के श्रद्धांजली अर्पित करैत अछि,गणतंत्र दिवसक पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति राष्ट्र के नाम संदेश दैत छथिन। स्कूल,काॅलेज और कार्यालय सब में कार्यक्रम आयोजित कयल जाइत छैक। गणतंत्र दिवसक तैयारी कतेक पहिने सं प्रारंभ भऽ जाइत छैक। एनसीसी(NCC)के छात्र परेड विभिन्न प्रकारक नुक्कड़ नाटक,देश-भक्ति गीत,खेलकूदक तैयारी करैत छथि।प्रभात फेरी निकालल जाइत अछि,विद्यालय में ध्वजारोहण होइत छैक। बच्चा सब के पुरस्कार वितरण संग मधुर सेहो बांटल जाइत छैक। पूरा देश में कार्यक्रम आयोजित होइत छैक। राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम आकर्षणक केंद्र होइत छैक। अहि कार्यक्रमक शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर माल्यार्पण करय के संग होइत छैक,ताकि देशक लेल अपन बलिदान देबय वाला सैनिक के याद कैल जा सकै।अलग-अलग राज्य के झांकी सेहो निकालल जाइत छैक। बच्चा सब के बहादुरी पुरस्कार संग देशक लेल प्राण न्योछावर करय वाला शहीद सबके सेहो पुरस्कार सँ सम्मानित कैल जाइत छैन। बीटिंग द रिट्रीट भारतक गणतंत्र दिवस समारोहक सूचक अछि।अहि कार्यक्रम में थल सेना,वायु सेना,नौ सेनाक बैंड पारंपरिक धुनक संग मार्च करैत छैक। ई सेनाक बैरक वापसीक प्रतीक अछि।एहि समारोहक स्थल रायसीना हिल्स और बगलग चौकोर स्थल(विजय चौक) होइत छैक।एहि दिनक लेल जे बलिदान देलनि हुनका सबके नहिं बिसरबाक चाही। जय हिंद 🙏🇮🇳🇮🇳
आभा झा (गाजियाबाद)
