“आधुनिक शिक्षा के प्रभाव और दुष्प्रभाव”

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बेबी झा।                                 

# आधुनिक शिक्षा के नीक प्रभाव
आ दुष्प्रभाव #

संपूर्ण जगत में जतेक जीव अछि ओहि में करीब – करीब सब गतिविधि हर जीव में विद्यमान रहैत अछि मुदा, एकटा शिक्षा एहन गुण अछि जे, मात्र मनुष्य में पाओल जाईत अछि |मात्र, शिक्षा के माध्यम स मनुष्य आई आकाश में उडबाक ताकत रखैत अछि |ओहियो में आधुनिक शिक्षा त मनुष्य के जीवन शैली में “चार चाँद ” लगा देलक |
शिक्षा के अर्थ मात्र किताबों शिक्षा नहि अपितु मानवजीवन के अनेक क्षेत्र शिक्षा स जुड़ल अछि | जेना – संगीत, नृत्य, पेंटिंग, भाषण, ब्यूटिशीयन, पाक कला, योग, आध्यात्म, सिलाई, बुनाई, कृषि, तकनीक इत्यादि के संग किताबी ज्ञान त अछिये | एहि बलबुत्ता पर मानव जीव में सर्वश्रेष्ठ आ सर्वोपरि अछि | कहल गेल अछि – शिक्षा के बिना त मनुष्य पशु के समान अछि | आधुनिक शिक्षा के माध्यम स मानव उत्कर्षक शिखर पर पहुँच गेल अछि | आई चांद पर जमीन बिका रहल अछि | अन्तरिक्ष के गतिविधि के ज्ञात करबाक लेल रंग – बिरंगक सेटेलाईट गतिमान अछि |मौसम के जानकारी, वारिश, ओला , कुहासा इत्यादि आ प्राकृतिक आपदा के जानकारी पूर्व स ज्ञात भय जाईत अछि |
पहीलका समय छल जे एकटा अगिलग्गी भेला पर गामक – गाम सुड्डाह भय जाईत छल आ एखुनका समय में त, खाली सूचना भेटबाक चाही फायरबिग्रेड आबि दस मिनट में स्थिति सामान्य बना दैत अछि | मोबाइल, इन्टरनेट आ लेपटॉप त एकर प्रमुख साधन बनि गेल अछि |केहनो सन बिकट समय में जेना कि – एखन कोरोना के प्रकोप चलि रहल अछि तथापि, पढय बलाक लेल घर बैसल शिक्षा सम्भव अछि | आधुनिक शिक्षाक प्रतिफल अछि जे हमसब आई हमसब लगभग सत्तर हजारक संख्या में जुडि एक – दोसर के अभिव्यक्ति स अवगत होईत छी आ नीक स नीक प्रकाशन में बिना चक्कर कटने लेख छपनाई समभव होईत अछि | आई घर बैसल अमेरिकन इत्यादि कम्पनी के काज कय लैत छी | कठिन परिस्थिति में सेहो धनोपार्जेन भय जाईत अछि |शिक्षाक लेल समय आ पैसा दुनु के बचत होईत अछि |एकदोसरा के कला स अवगत भय चयन कय लैत छी | जतय पैसा ल क चलला पर चोर – उचक्का के डर खाईत छल ओतय ए टी एम ल कय निर्भिक चलैत छी आ सब काज क लैत छी | रंग – बिरंगक समान बिना गयने घर पहुँच जाईत अछि |केहनो सन जानकारीक लेल एक बेर सर्च मारु सामने रहैत अछि | अनेको मिडिया के जानकारी, सूचना, समाचारक लेल आधुनिक शिक्षा खडा़ उतरैत अछि | आर त आर बिबाक परिचय, ठीक -ठाक आ देखासुनी तक विडियो काल स तय भय जाईत अछि | अप्पन रिश्तेदारी के आखोदेखा हाल आधुनिक शिक्षा कतेक सहज बना देलक |पुत्र यदि पिताक सान्निध्य में नहियो छथि तथापि मरणोपरांत मुखाग्नि नहि हुए से आब नहि होईए |
आधुनिक शिक्षा जतय हमरा सबके हर सुख – सुबिधा प्रदान करैत अछि ओतय एकर किछु दुष्प्रभाव सेहो अछि | एक स एक धुर्त व्यक्ति फेक आईडी बना कतेको के परेशान कय दैत छथि |ओटीपी के माध्यम स दोसर के अकाउंट स पैसा निकाली लैत छथि | मोबाइल के माध्यम स कतेको गुप्त जानकारी प्राप्त कय क्षति पहुँचबैत छथि | रंग – बिरंगक नशा इत्यादि सुंघा की स की भ जाईत अछि | बच्चा सब मोबाइल में गलत चीज देखि चरित्रहीनता दिश अग्रसर होईत छथि पबजी में, बात करबा में समय व्यर्थ करैत छथि | लड़का लड़की सब फोन पर बात कय घर स भागि जाईत छथि | घरे में सब चीज उपलब्ध भेला स आ तकनीकी सुबिधा भेला स बीमारी दिश अत्यधिक अग्रसर होईत छथि | समाजिक मिलाप के बजाय फोन पर व्यस्त रहैत छथि | जाहि स आपसी सहभागिता बहुत कम भय गेल |बच्चा सबहक बंशज संसकार अपेक्षाकृत कम भय गेल |नारी शिक्षाक फलस्वरूप बिबाह टुटबाक संख्या बढि गेल |
एकरा समाधानक लेल हमरा सबके चाही जे आधुनिक चीज के सदुपयोग करी | किए त हर वस्तु के नीक – बेजाय दु टा पहलु होईत छैक | ते हमसब ओकर नीक उपयोग करी नहि की, दुरपयोग |
जय मिथिला जय जानकी 🙏🙏