राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि
स्वाध्याय लेख – श्री धर्मेन्द्र जी गोयल (संकलन एवं अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) भगवान् समस्त मनुष्य समुदाय पर समान कृपाक भाव रखैत प्रेम करैत छथि। हुनका ओतय गरीब-धनिक, छोट-पैघ कियो नहि होइछ। राजा हो अथवा रंक, सब केँ एक समान दृष्टि सँ देखल जाइछ। हुनकर कृपादृष्टि धर्मक आधार पर सेहो कोनो भेदभाव नहि करैत अछि; … राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि









