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प्रवीण नारायण चौधरी

राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि

स्वाध्याय लेख – श्री धर्मेन्द्र जी गोयल (संकलन एवं अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) भगवान् समस्त मनुष्य समुदाय पर समान कृपाक भाव रखैत प्रेम करैत छथि। हुनका ओतय गरीब-धनिक, छोट-पैघ कियो नहि होइछ। राजा हो अथवा रंक, सब केँ एक समान दृष्टि सँ देखल जाइछ। हुनकर कृपादृष्टि धर्मक आधार पर सेहो कोनो भेदभाव नहि करैत अछि; राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि

दरभंगा एयरपोर्ट केर निर्माण कार्य जल्द पूरा होः संजय झा

२५ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! गये दिन सामाजिक संजाल मे एहि बात पर चर्चा कयल जाइत अछि जे लोकसभा चुनाव सँ पहिनहि दरभंगा मे एयरपोर्ट संचालन आ एम्स खुलबाक घोषणा मिथिलाक चर्चित नेता संजय झा द्वारा कयल गेल छल जे चुनावक बाद शिथिल भऽ गेल, आर त आर दरभंगा सँ स्पाइसजेट केर विमान संचालन होयबाक दरभंगा एयरपोर्ट केर निर्माण कार्य जल्द पूरा होः संजय झा

ज्योतिरिश्वर रंग सम्मान एवं श्याम दरिहरे रंग सम्मान देबाक घोषणा केलक मैलोरंग दिल्ली

२५ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली लोक रंग अर्थात् मैलोरंग – नई दिल्ली द्वारा २०१९ केर दुइ गोट महत्वपूर्ण सम्मान मैथिली रंगक्षेत्रक दुइ महान् हस्ती केँ देबाक निर्णय कयल गेल अछि जाहि सम्बन्ध मे संस्थाक संचालक डा. प्रकाश झा कहलनि अछिः “ज्योतिरीश्वर रंग सम्मान -2019 स’ सम्मानित होयताह डॉ. कमल मोहन चुन्नू (सहरसा). सर केँ ज्योतिरिश्वर रंग सम्मान एवं श्याम दरिहरे रंग सम्मान देबाक घोषणा केलक मैलोरंग दिल्ली

मुम्बई प्रवासी मैथिल द्वारा महाबैसार – आन्दोलन शुरू होयबाक बनि रहल अछि संभावना

सूचना प्रेषकः दीपक कुमार मैथिल, मुम्बई, २५ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! “महाबैसार : २८ जुलाई, २०१९” ********* सप्रेम-आमंत्रण ****** सेवामे, मुंबई प्रावाशी मैथिल, मुंबई । आगामी २८ जुलाई, २०१९ यथा रविदिन ४.०० बजे दिनसँ कांदिवली स्थित ७ स्टार हॉस्पिटल, आशानगर, कांदिवली (पू०) मे मुंबई प्रवासी मैथिल समाजक महाबैसारक आयोजन कयल जा रहल अछि । विदित मुम्बई प्रवासी मैथिल द्वारा महाबैसार – आन्दोलन शुरू होयबाक बनि रहल अछि संभावना

श्रीराधामाधव केर कृपा-कटाक्ष सँ धन्य स्वामी विवेकानन्द

स्वाध्याय लेख स्वामी श्री गम्भीरानन्द जी (प्रेषकः डा. सुरेशचन्द्र जी शर्मा) – अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी सन् १८८७ मे स्वामी विवेकानन्द कोलकाता सँ परिव्राज्यक संन्यासीक रूप मे उत्तर भारत केर तीर्थक यात्रा पर निकलि पड़लाह। वाराणसी एवं अयोध्याधाम सँ होइत ओ अगस्त केर प्रथम सप्ताह मे श्रीधाम वृन्दावन पहुँचलाह। वृन्दावन मे ओ काला बाबू केर श्रीराधामाधव केर कृपा-कटाक्ष सँ धन्य स्वामी विवेकानन्द

बाढ़िक विपत्ति मे हर मानव द्वारा मानवीय सहयोग सँ बड पैघ राहत बँटायल अछि

तत्काल राहत बिहार सरकार केर तरफ सँ हरेक परिवार (कार्डधारक) केँ ६००० टका बैंक खाता मे पठा देल गेलैक अछि।   अनाज, दबाई, आ तत्काल निवास लेल प्लास्टिक तिरपाल, आदिक सेहो वितरण भेलैक अछि। गाम-पंचायक केँ सख्त हिदायत छैक जे जान-माल केर सुरक्षा लेल जेहेन कोनो व्यवस्था चाही ताहि लेल प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिला बाढ़िक विपत्ति मे हर मानव द्वारा मानवीय सहयोग सँ बड पैघ राहत बँटायल अछि

राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति

स्वाध्यायः राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति – श्री जयदीप सिंह (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   ब्रह्मवैवर्त्तपुराणक अनुसार स्वायम्भु मनु केर वंश मे उत्पन्न महाराज सुयज्ञ सप्तद्विपती वसुन्धराक एकछत्र चक्रवर्ती सम्राट छलाह। ओ महाभागवत ध्रुव केर पुत्र छलाह और हुनकहि समान भगवान् नारायण केर अनन्य भक्त छलाह। ओ पुष्कर तीर्थ मे एक हजार राजसूय यज्ञ राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति

मिसिरजी द्वारा बाढि राहत वितरण – रोचक प्रसंग

व्यंग्य – धर्मेन्द्र कुमार झा प्रलयकारी बाढि देखि मिसरजी के मन मे सेहो सेवा भाव जागृत भेलनि । 😊😊 बहुत रास संस्था और किछ पार्ट टाइम सेवक सब के देखाउंस में गाम घरक लोक के सेहो तैयार केलाह, चंदा सेहो पांच हजार धरि जमा भेल, मिसरजी के संग तड़पु बाबू, घूरना, घिचला आरो बहुत रास लोकनि राहत मिसिरजी द्वारा बाढि राहत वितरण – रोचक प्रसंग

कृष्णप्रिया राधा केर अवतार-रहस्य – पढिते मुंह पर आबय ‘राधा-राधा’

स्वाध्यायः कृष्णप्रिया राधा केर अवतार-रहस्य पौराणिक कथा पर आधारित ३ गोट महत्वपूर्ण प्रसंग (साभार – धर्म-संसार, वेब दुनिया, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   कथा १ः राधा द्वापर युग मे श्री वृषभानु केर घर प्रगट होइत छथि। कहल जाइछ जे एक बेर श्रीराधा गोलोकविहारी सँ रुसि गेलीह। ताहि समय गोप सुदामा प्रकट भेलाह। राधा केर मान कृष्णप्रिया राधा केर अवतार-रहस्य – पढिते मुंह पर आबय ‘राधा-राधा’

अपना सँ पैघ सर्जक केर अनुकरण करैत छी, नव लेखिका केँ प्रोत्साहनक जरूरतः ममता झा

विचार – ममता झा कोनो आदमी जन्म सँ न मूर्ख होइयऽ आ ने विद्वान्। बच्चा केर देख-रेख मे सब पैघ केर हाथ होइत छैक। ओहि मे परिवार, समाज दुनू केर बहुत पैघ योगदान होइत छैक। सब बच्चा रंग, रूप, व्यवहार, पद, प्रतिष्ठा मे अलग-अलग होइयऽ। सब चाहैत छैक जे संतान खूब पैघ लोक बनय, लेकिन अपना सँ पैघ सर्जक केर अनुकरण करैत छी, नव लेखिका केँ प्रोत्साहनक जरूरतः ममता झा