मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध और मेघनादक हनुमान्जी केँ नागपाश मे बान्हिकय सभा मे लऽ गेनाय
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद हनुमान्जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध और मेघनादक हनुमान्जी केँ नागपाश मे बान्हिकय सभा मे लऽ गेनाय दोहा : देखि बुद्धि बल निपुण कपि कहली जानकी जाउ। रघुपति चरण हृदय धरू तात मधुर फल खाउ॥१७॥ भावार्थ:- हनुमान्जी केँ बुद्धि और बल मे निपुण … मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध और मेघनादक हनुमान्जी केँ नागपाश मे बान्हिकय सभा मे लऽ गेनाय









