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प्रवीण नारायण चौधरी

गर्व

विचार – ईशनाथ झा मिथिलामे बास कयनिहार समस्त मैथिल मध्य दू टा नैसर्गिक गुण हमरा अत्यंत रोमांचकारी लगैत अछि। पहिल तँ ककरो मृत्यु पर श्रद्धांजलि देबाक हड़बड़ी आ दोसर बात-बातमे गर्व करबाक सुदीर्घ परंपराक पालन। ई गर्व करबाक पुनीत कार्य सभकें एकताक सूत्रमे बन्हबाक अभूतपूर्व काज करैत अछि। एक आदमी कोनो काज केलक वा किछु गर्व

कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

कन्यादान आ मिथिला   आशा करैत छी राखी नीक सँ मनेलहुँ, भाइ-बहिन बीच स्नेहबन्ध केर रक्षासूत्र बन्हबाक ई परम्परा सच मे मिथिलाक प्राचीन परम्परा सँ इतर हिन्दी सिनेमा द्वारा ‘भाइ-बहिनक प्रेम आ रक्षाबन्धन’ केर महिमामंडन केर असर मानल जाइत अछि – लेकिन भावना उच्च छैक, मानवीय सम्बन्ध मे प्रेम केर महत्व केँ बढेबाक कोनो भी कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

मिथिलाक विवाह मे ओठंगर केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक स्वरूप

कन्यादान यज्ञ   (लेख-संग्रह निरन्तरता मे)   बन्धुगण, एहि सप्ताह ‘दहेज मुक्त मिथिला’ समूह पर हमरा लोकनि ‘कन्यादान’ समान महायज्ञ ऊपर चर्चा कय रहल छी। भरि सप्ताह वैवाहिक सम्बन्ध केर एहि महत्वपूर्ण केन्द्रीकृत विषय ‘कन्यादान’ पर चर्चाक एकमात्र उद्देश्य यैह अछि जे एकर आध्यात्मिक महत्व केँ हम सब कतेक आत्मसात करैत छी आर कतय संशोधन मिथिलाक विवाह मे ओठंगर केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक स्वरूप

मिथिलाक विवाह – अत्यंत रोचक आ आध्यात्मिक विध-व्यवहारक वर्णन

मिथिलाक लोकपरम्परा आ विवाहः एक शोध दहेज मुक्त मिथिला फेसबुक समूह पर पैछला सप्ताह वैवाहिक परिचय केर संकलन भेल छल। विवाह लेल उपयुक्त सम्बन्धक विकल्प आजुक समय मे मिथिलावासी लेल चुनौतीपूर्ण भऽ गेल अछि। एहि चुनौतीक कारण कतेको रास महत्वपूर्ण आ आवश्यक परम्पराक क्षरण सेहो भऽ रहल अछि। तेँ समय-समय पर एतय सहभागी हजारों सदस्य मिथिलाक विवाह – अत्यंत रोचक आ आध्यात्मिक विध-व्यवहारक वर्णन

रक्षा बन्धन केर सूत्र आ एकर प्रति निज दायित्व-जिम्मेदारीक बोध आवश्यक

राखी पर प्रवीण शुभकामना   ई रक्षा सूत्र अपने सभक वास्ते!   येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अपि बद्ध्नामि रक्षे मा चल मा चल:!!   जहिना दानवक इन्द्र महाबली राजा बलि केँ ई रक्षा सूत्र बान्हि धर्म-कर्म मे उन्मुख कयल गेल छलन्हि जाहि सँ ओ प्रजाक रक्षार्थ अपन जीवन समर्पित कयलनि, सदिखन रक्षा बन्धन केर सूत्र आ एकर प्रति निज दायित्व-जिम्मेदारीक बोध आवश्यक

प्रा. डा. केष्कर ठाकुर केर अनुदित पोथी आरण्यक केर परिचय

साहित्यक नव कृतिक परिचय – डा. पंकज कुमार एवं डा. निक्की प्रियदर्शिनी पोथीक नाम- आरण्यक मूल लेखक – श्री विभूतिभूषण वंद्योपाध्याय अनुवादक – प्रो. (डॉ.) केष्कर ठाकुर प्रकाशन वर्ष – २०२०   मैथिली साहित्यमे उपन्यासक परम्परापर विचार करब त’ स्पष्ट होएत जे मैथिलीक उपन्यास साहित्यपर बंगलाक प्रभाव पड़ल अछि। मैथिलीमे अनूदित उपन्यासक परम्परा समृद्धशाली रहल प्रा. डा. केष्कर ठाकुर केर अनुदित पोथी आरण्यक केर परिचय

७ वर्ष बाद मात्र अंगीकृत नागरिकता देबाक बहुमत सँ निर्णय, कांग्रेस आर जसपा केर फरक मत

पुरान समाचार – सन्दर्भ लेल मात्र नागरिकता विधेयक बहुमत सँ पास समाचार साभारः अनलाइनखबर २०७७ असार ७ गते २१:०१ मे प्रकाशित राज्य व्यवस्था समितिक बैठक प्रतिनिधिसभाक राज्य व्यवस्था तथा सुशासन समिति द्वारा नेपाली पुरुष सँ विवाह कयनिहाइर विदेशी महिला केँ ७ वर्ष स्थायी बसोबास कयलाक बादे टा अंगीकृत नागरिकता देबाक व्यवस्था सहितक नागरिकता विधेयक बहुमत ७ वर्ष बाद मात्र अंगीकृत नागरिकता देबाक बहुमत सँ निर्णय, कांग्रेस आर जसपा केर फरक मत

सिर्फ नकल कय केँ मिथिलावादक पृष्ठपोषण कहियो संभव नहि होयत

नकल सँ आगू बढब असंभवः हाल-ए-मिथिलावाद ओना त एखन कोरोनाक भयावहताक बीच भँवर सँ हम मिथिलावासी संसारक आन भागक वासी सब जेकाँ कोहुना-कोहुना सुरक्षाक ध्यान रखैत जीवन बचेबाक प्रयत्न कय रहल छी, लेकिन संसार भरि मे जेना एखुनका समय बेस मात्रा मे राजनीतिक खेल-वेल सब देखाइत अछि ताहि मे सेहो हम सब केकरो सँ पाछू सिर्फ नकल कय केँ मिथिलावादक पृष्ठपोषण कहियो संभव नहि होयत

कन्यादान आ मानव जीवन मे एकर महत्व आ प्रभाव

कन्यादान   दहेज मुक्त मिथिलाक सम्पूर्ण सदस्य लोकनि केँ हम प्रवीण नारायण चौधरीक सादर अभिवादन!   आइ दिनांक १ अगस्त २०२० – कोरोनाकाल केर भयावहता सँ निकलि रहल हमरा लोकनिक मानव जीवनक पाँचम मास ‘भारतवर्ष’ मे थिक आर ईश्वर केर विशेष कृपा सँ हमरा लोकनि येनकेनप्रकारेन सुरक्षित छी, किछु अत्यन्त महत्वपूर्ण लोक एहि इहलोक सँ कन्यादान आ मानव जीवन मे एकर महत्व आ प्रभाव

राहुल सांकृत्यायनक ओ अविस्मरणीय योगदान

३० जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! राहुल सांकृत्यायन बहुत रास महत्वपूर्ण अभिलेख (दस्तावेज) अनने छलाह। एकर पान्डुलिपि सब बिहार रिसर्च सोसायटी (पटना) मे संरक्षित अछि। विलक्षण साहसी आ विश्वयात्रीक रूप मे सुपरिचित – बहुप्रतिभावान् व्यक्तित्व राहुल सांकृत्यायन जिनका शिक्षक, लेखक, स्वतंत्रता सेनानी आ साधू हर रूप मे जानल जाइत छन्हि – वैह तिब्बत (चीन) केर दुर्गम राहुल सांकृत्यायनक ओ अविस्मरणीय योगदान