चनादाय केर सवाल पुरूष प्रधान समाज सँ छन्हि – वाणी भारद्वाजक टटका लघुकथा
लघुकथा – वाणी भारद्वाज एकपक्षीय निर्णय सं क्षुब्ध चनादाय चनादाय तीन साल पर अपन माँ लग जा रहल छलीह. गृहस्थी मे ओझरायल तइयो एहि बेर चारिये दिनक असगरे धिया-पुताक घरबला पर छोड़ि स्वयं नैहरा जाय लेल उत्साहित छलीह. माँ अपन छोट बालक आ हुनकर पत्नी तथा दुइ टा बच्चा संगे रहैत छलीह. जेना अपन खुट्टा … चनादाय केर सवाल पुरूष प्रधान समाज सँ छन्हि – वाणी भारद्वाजक टटका लघुकथा









