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प्रवीण नारायण चौधरी

भगवती केँ साँझ आइयो देखबैत छियनि मुदा ओ पहिलुका आनन्द कहाँ

संस्मरण – सविता झा आइ दुर्गापूजा देखय जा रहल छलहुँ त मेला देखकय अपन बाबूजीक याद आबि गेल। बात ओहि समयक अछि जखन हम बड़ छोट रही। साँझ में बाबूजी आबैथ त हम सब तैयार भ क बैसल रहैत छलहुँ जे मेला घुमअ जायब। ओही ठाम अन्तिम चारि दिन धूमधाम स पूजा होइत छलैक। दुर्गापूजा भगवती केँ साँझ आइयो देखबैत छियनि मुदा ओ पहिलुका आनन्द कहाँ

मिथिलाक भोज आ बारीकक महत्व

लेख – वाणी भारद्वाज भोज मे बारीकक महत्व समाजक बदलैत स्वरूप मे सबकिछु बदलैत जा रहल अछि. ताहि क्रम मे भोज-भातक आ बारीक मे सेहो बदलाव अवश्यमभावी छैक. हमर नेनपन गाम मे किछु समय बीतल अछि. कतेको भोज गाम-घर मे खेने छी. गाम सब मे भोजो कतेको तरहक होइत अछि. जेना, बरियतिया भोज, मुरनक भोज, मिथिलाक भोज आ बारीकक महत्व

बुरबक बेटा टक्के काबिल – पवन कुमार झा ‘अग्निबाण’ केर प्रखर विचार पर प्रतिविचार

विचार – पवन कुमार झा ‘अग्निवाण’ बुरबक बेटा टक्के काबिल मैथिल आ मिथिला के अवनति में सामूहिक सोच के विपरीत व्यक्तिगत सोच के अधिक प्रभाव छै. संभव छै हम गलत छी लेकिन हमर अपन अनुभव अछि जे मिथिला में जे कोनो तरीका स पाई कमा ललक तकरे टा पूछ छै आ एयेह समाज के पतनशील बुरबक बेटा टक्के काबिल – पवन कुमार झा ‘अग्निबाण’ केर प्रखर विचार पर प्रतिविचार

पटना मे वर्षाक जलजमाव सँ उत्पन्न बाढि सन स्थिति मे मानवीय सहायताक अपील

पटना मे बाढिक अवस्था आ स्वयंसेवी मार्फत सहयोग लेल अपील   ई संवाद कनी देरी सँ लिखय लेल क्षमायाचनाक संग….   बिहारक राजधानी पटना मे निरन्तर वर्षा आ जलजमावक कारण जनजीवन त्रस्त अछि। किछु क्षेत्र मे पानि एतेक लागि गेल अछि जे घर सँ बाहर निकलनाय तक लोक लेल आफद भेल छैक। जलनिकासीक सारा इन्तजाम पटना मे वर्षाक जलजमाव सँ उत्पन्न बाढि सन स्थिति मे मानवीय सहायताक अपील

महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब

आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी माँ दुर्गाक प्रथम चरित्र   एक राजा अपन राज्य सँ बेदखल कयल गेल अछि। एकटा वैश्य अपन व्यापार, परिवार, पत्नी, पुत्र, अरजल सम्पत्ति, स्वजन, परिजन सभक द्वारा त्यागल गेल अछि। दुनू परेशान भऽ भागिकय जंगल पहुँचि गेल। ओतय एक मेधा नामक ऋषिक आश्रम पहुँचि हुनकहि आश्रय मे रहि रहल महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब

उग्रतारा महोत्सवक भव्य शुभारंभ – मिथिलाक्षेत्रक विशिष्टता सँ विश्व केँ परिचय मुख्य उद्देश्य

अजय कुमार, ३० सितम्बर २०१९, सहरसा. मैथिली जिन्दाबाद!! महिषी मे तीन दिवसीय उग्रतारा महोत्सव केर डीआइजी, डीएम द्वारा कयल गेल उद्घाटन सहरसा जिलाक महिषी स्थित राजकमल क्रीड़ा मैदान मे आयोजित तीन दिवसीय उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सवक शुभारंभ सोम दिन कयल गेल अछि। मुख्य अतिथिक रूप मे डीआईजी सुरेश प्रसाद चौधरी, जिलाधिकारी शैलजा शर्मा, आरक्षी अधीक्षक राकेश उग्रतारा महोत्सवक भव्य शुभारंभ – मिथिलाक्षेत्रक विशिष्टता सँ विश्व केँ परिचय मुख्य उद्देश्य

हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

लघुकथा – किरण प्रभा ।।हे दैब।। साँझक समय छल । फरीदा मौसी क हाथ म तरकारी बला छिट्टा । मोन उदास, बड़ उदास छलैन । ओना त हमरा जते याद अहि हुनका उदासे देखलों, मुदा आइ आँखि क कोण म पैनक किछ बूंदो देखलों त पाछु ध लेलौं । आंगन एली आ धम्म स बैस हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

साहित्य – सत्य नारायण झा हमरा गामक पूब कमलाक धार छैक । आब त एहि धारक कोनो अस्तित्व नहि छैक मुदा हम जखन नेना रही तखन एहि धारक बाढ़ि सँ लोक त्रस्त रहैत छल । ओ भीषण क्षण एखनो केखनो कय मोन परि जाइत अछि त देह सिहरि जाइत अछि । चारि मास लोक एहि बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

भजन – सूर्योधन कुमार घर घरमे घटस्थापनाक खुशी मनावल अछि। मंदिरके चारोवर खूब धूमधाम स सजावल अछि॥ नवरात्रिके नउ दिन मैया नव नव रूप धरत । नित दिन देखैलेल भक्तजन के भिड़ बढ़हत ॥ आगन प्रांगण सबतर पंडाल विछावल अछि । मंदिरके चारोवर ………. रंग बिरंगी फूल आ भोग लेल राखल अछि थार। नउ दिन कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

खिस्सा गंगेश बाबूक बेटी प्रति भेद करयवला… आ परिणाम कि भेटलनि… रूबी झाक टटका लघुकथा

लघुकथा  – रूबी झा जेकरे लेल अरजलथि वैह बुढ़ापा मे कय देलकनि परित्याग – कथा गंगेश बाबूक विभेदपूर्ण व्यवहारक बेटा के पेट, आ बेटी के पीठ बहुत लोक बुझैत छथि, ताहि बहुत लोक में सँ एक गोटे के कहानी आइ अपन पाठक वर्गक सोझाँ राखि रहल छी। एकटा छलथि गंगेश बाबू, नाम गंगेश आ क्रिया खिस्सा गंगेश बाबूक बेटी प्रति भेद करयवला… आ परिणाम कि भेटलनि… रूबी झाक टटका लघुकथा