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प्रवीण नारायण चौधरी

ओ सपूत जे अपना संग मिथिलाक ख्याति केँ विश्वस्तर पर बढा रहल छथिः प्रा. डा. रत्नेश्वर मिश्र संग भेंट

२८ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! प्रो. डा. रत्नेश्वर मिश्र – इतिहासविद् मिथिलाक किछु विद्वान् देश-विदेश सब ठाम नाम कमेलनि, अपन अकूत विद्याबल आ विद्वत कृतित्व सँ एहेन व्यक्तित्व बनौलनि जे प्रतिष्ठा हुनका संग-संग चललनि – एहेन महानायक लोकनिक जीवन आ आजीवन कयल गेल अभूतपूर्व योगदान सभक चर्चा हमरा लोकनि केँ करबाक चाही।   एहने एक ओ सपूत जे अपना संग मिथिलाक ख्याति केँ विश्वस्तर पर बढा रहल छथिः प्रा. डा. रत्नेश्वर मिश्र संग भेंट

सावन मासक महत्व आ मधुश्रावणीक अर्थ

सम‍सामयिक चर्चा – प्रवीण नारायण चौधरी साओन मासक महत्ता कि सब छैक   चूँकि मधुश्रावणी हालहि बीतल अछि, एहि सन्दर्भक कतेको चर्चा एखन बड जोर पर अछि… खास कय केँ ‘टेमी-प्रथा’। कतेको भारी-भरकम विद्वान् लोकनि काफी तर्क-वितर्क आ कुतर्को करैत देखाइत छथि, कतेको लोक टेमी प्रथा स्त्री अधिकार पर घात देखैत छथि, किछु लोक एकरा सावन मासक महत्व आ मधुश्रावणीक अर्थ

भारत केर सहयोग सँ बनल विराटनगरक मोरंग कैम्पस मे नव विज्ञान भवनक उद्घाटन सम्पन्न

२६ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! बीतल शुक्र दिन विराटनगरक सर्वथा प्राचीन आ प्रसिद्ध मोरंग कैम्पस केर परिसर मे नवनिर्मित विज्ञान भवनक उद्घाटन कयल गेल अछि। ई भवन भारत सरकार केर सहयोग सँ बनायल गेल अछि। एकर उद्घाटन पर भारतीय राजदूतावास द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार कहल गेल अछि जे एकर उद्घाटन राजदूतावास, जिला समन्वय समिति मोरंग भारत केर सहयोग सँ बनल विराटनगरक मोरंग कैम्पस मे नव विज्ञान भवनक उद्घाटन सम्पन्न

लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

समाजरूपी गाड़ीक दू पहिया थिकैक महिला आ पुरुष। अपन मिथिलाक कइएक विषय पर महिला लोकनिक सहभागिता सही मे बड कमजोर अवस्था मे रहैक। लेकिन अन्डर करेन्ट मे मिथिला महिला समाज केकरो सँ कम नहि छलीह, छथि वा रहती – ईहो सच छैक। तखन हुनका सब केँ आगाँ आनब केना? बस एतबे टा सवाल केर जवाब लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

मिथिला भारतीक किछु अंक आ ताहि मे समेटल गेल महत्वपूर्ण विषय पर आलेख

२३ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली-मिथिलाक नीक दस्तावेजीकरणक कार्य करयवला एक प्रसिद्ध पत्रिका ‘मिथिला भारती’ जे १९६९ ई. मे प्रथम बेर प्रकाशित भेल छल, तेकर आरो-आरो अंक मे कोन विषय पर किनकर लेख समेटल गेल अछि, से जानकारी ईसमाद प्रकाशन केर फेसबुक पेज सँ प्राप्त भेल अछि। संभवतः ई विषय-सूची सँ बहुतो जिज्ञासू केँ ई मिथिला भारतीक किछु अंक आ ताहि मे समेटल गेल महत्वपूर्ण विषय पर आलेख

कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

२२ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! पूर्व मे प्रकाशित एक लेख (लिंक http://www.maithilijindabaad.com/?p=6255 ) ‘मिथिलाक पाबैन चौरचनः एक संस्मरण’ मे मलकोका फूलक चर्चा आयल छल जाहि पर एक सज्जन मनीष झा आइ बड अनुपम जानकारी ‘जिज्ञासा’ केर क्रम मे रखलनि – “हम भैंट क फूल (मलकोका), फूल के ऊपर होई बला फल और एकर जैड़ में कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

भाषा-साहित्य संग मूर्तिकलाक विशेषज्ञ ‘विजय दत्त मणि’ जनकपुरधाम

२२ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली साहित्य समाजक सचिव श्री विजय दत्त मणि आइ अपन फेसबुक सँ स्वयं द्वारा सृजित नव मूर्तिकलाक प्रदर्शन मे कहार द्वारा द्विरागमन ओ बिदागरी मे दूल्हिन केँ एक स्थान सँ दोसर स्थान धरि माफा मे बैसाकय लय जेबाक सांस्कृतिक परम्परा – लोकसंस्कृति केँ झलकौलनि अछि। एहि संगे ओ कैप्शन मे भाषा-साहित्य संग मूर्तिकलाक विशेषज्ञ ‘विजय दत्त मणि’ जनकपुरधाम

अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी अपन इलाज अपने करू जेना कि एखन देखि रहल होयब, कतेको रास चिकित्सक या चिकित्सालय सेहो कोरानाक त्रास वा आशंका मे एहतियातन बन्द अछि – एहेन समय अपन इलाज अपनहि करबाक एकटा नीक सुझाव हमरा सभक पास मौजूद अछि। बीमारीक लक्षण सँ इलाज करबाक स्थापित विधान अनुसार हम सब स्वयं अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

२१ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! इंग्लैन्ड केर ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी द्वारा अप्रैल माह सँ लगातार टेस्ट कयल जा रहल कोरोना वायरस कोविड १९ बीमारी सँ लड़बाक लेल बनायल गेल वैक्सीन आखिरकार नीक परिणाम देखौलक अछि। मानव ऊपर कयल गेल परीक्षण मे एकर सकारात्मक परिणाम देखल गेलैक अछि। आगाँ ब्रिटेन सरकार केर तरफ सँ ८४ मिलियन स्टर्लिंग ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात

मिथिलाक महापुरुष सब पर आक्षेपक पड़ताल – प्रवीण नारायण चौधरी किछु दिन पहिने एकटा लेख मार्फत मिथलाक लोकक कूटनीति-रणनीति सँ नौकरशाहीक क्षेत्र मे उल्लेख्य कथा-गाथा पठेबाक अनुरोध कएने रही। किछु कथा एहेन आयल अछि जे पढिकय हमर मस्तिष्क मे एकटा सवाल ठाढ भेल अछि। कथा सेहो कोनो बेसी दूर के नहि, आ नहिये कोनो बेसी परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात