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रील केर दुरुपयोग सँ समय, स्वास्थ्य आ संस्कार तीनू केँ नुकसान अछि

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लेख विचार
प्रेषित: आभा झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :– रील : लाभदायक आकि हानिकारक

आजुक डिजिटल युगमे मोबाइल आ इंटरनेट मनुष्यक जीवनक महत्वपूर्ण हिस्सा बनि गेल अछि। सोशल मीडिया पर बनाओल जाए वाला छोट-छोट वीडियो, जाहि के “रील” कहल जाइत अछि, आइ बहुत लोकप्रिय भऽ गेल अछि। बच्चा सँ लऽ कऽ बूढ़ धरि सब गोटे रील देखबाक आ बनेबाक शौकीन भऽ रहल छथि। रील मनोरंजन, जानकारी आ प्रतिभा देखेबाक एकटा सशक्त माध्यम बनि गेल अछि, मुदा एकर अत्यधिक प्रयोग समाज लेल चिंताक विषय सेहो बनि रहल अछि। एहिपर विचार करब आवश्यक अछि जे रील वास्तव मे लाभदायक अछि कि हानिकारक।

रीलक सबसँ पैघ लाभ ई अछि जे एकरा माध्यम सँ कम समय मे बहुत जानकारी प्राप्त भऽ जाइत अछि। शिक्षासँ जुड़ल रील विद्यार्थीसभ लेल उपयोगी साबित भऽ रहल अछि। भोजन बनेबाक विधि, हस्तकला, खेती, स्वास्थ्य, भाषा सीखब आदि विषय पर रील लोकसभक ज्ञान बढ़बैत अछि। बहुत गोटे अपन प्रतिभा—जेना गायन, नृत्य, अभिनय, चित्रकारी आदि—रीलक माध्यम सँ दुनियाक सामने आनैत छथि आ प्रसिद्धि प्राप्त करैत छथि। कतेको छोट व्यवसाय सेहो रीलक माध्यम सँ अपन प्रचार करि सफल भऽ रहल अछि। एहि दृष्टिसँ रील आधुनिक समयक एकटा उपयोगी साधन कहल जा सकैत अछि।

मुदा, जतेक लाभ अछि, ततेक नुकसान सेहो देखल जा रहल अछि। बहुत युवा घंटों मोबाइल पर रील देखैत-देखैत अपन पढ़ाइ आ आवश्यक काज सँ दूर भऽ जाइत छथि। समयक बर्बादी एकर प्रमुख हानि अछि। लगातार रील देखबाक आदत मानसिक तनाव, आँखिक समस्या आ एकाग्रतामे कमी पैदा करैत अछि। कतेको रील अश्लीलता, फूहड़पन आ गलत संदेश फैलाबैत अछि, जाहिसँ बच्चासभक मन-मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ैत अछि।

आइकाल्हि बहुत युवा केवल प्रसिद्धि पाबय लेल खतरनाक स्टंट करैत छथि आ एकरा रील पर अपलोड करैत छथि। एहि कारण दुर्घटना आ अपराधक घटनामे वृद्धि सेहो देखल गेल अछि। लोकसभ वास्तविक जीवन सँ बेसी आभासी दुनियामे व्यस्त भऽ रहल छथि। परिवारक संग समय बितेबाक प्रवृत्ति घटि रहल अछि। ई स्थिति समाजक सांस्कृतिक आ नैतिक मूल्य लेल खतरा बनि सकैत अछि।

असल मे रील स्वयं खराब नहि अछि, बल्कि एकर गलत उपयोग हानिकारक बनैत अछि। यदि सीमित समय धरि आ सही उद्देश्य सँ रील देखल जाए, तँ ई ज्ञान आ मनोरंजन दूनू दे सकैत अछि। अभिभावक सभक दायित्व अछि जे बच्चासभक गतिविधि पर ध्यान राखैथ आ हुनका सही दिशा देखाबैथ। युवासभ केँ सेहो चाही जे समयक महत्व बुझि सकारात्मक सामग्रीक उपयोग करैथ।

अंत मे कहल जा सकैत अछि जे रील आधुनिक तकनीकक एकटा प्रभावशाली माध्यम अछि। एकर सदुपयोग समाजक विकास मे सहायक बनि सकैत अछि, मुदा दुरुपयोग मनुष्यक समय, स्वास्थ्य आ संस्कार तीनू केँ नुकसान पहुँचा सकैत अछि। अतः आवश्यक अछि जे हमसभ रीलक उपयोग समझदारी आ संतुलनक संग करी। जय मिथिला, जय मैथिली।

 

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