लेख विचार
प्रेषित: प्रिया झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
#विषय :- मिथिला मे अतिथीक सत्कार
मिथिला आ मैथिल केर वर्णन खेनाई केर विन्यास आ अतिथि सत्कार लेल नामी अछि। मिथिलाक संस्कृति
मे अतिथि केर स्वागत सत्कार प्रशंसनीय अछि ।
मिथिलाक खेनाई पीनाई आ अतिथि सत्कार परंपरा सँ
जुड़ल सेहो अछि । अतिथि देवो भवः…ई तऽ प्रचलित अछि ……से तहिना अतिथिक स्वागत कएल जाइत छैक
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परंपरा सँ रंग बिरंग के तरकारी आ पकवानक विन्यास
तरूआ आ खीर चाहे मखान के वा चौर के बनैत छल ।
#पग_ पग _पोखरि _#माछ_मखान ,माछ के सेहो बड़ विन्यास मिथिला मे तहिना मखान तऽ पावैनि आ अतिथि सत्कार मे प्रशंसनीय अछि।
#पकवानक विन्यास …..मालपुआ, खजूरिया, नीमकी पीरूकिया , अनरसा, पूरी …..आदिक विन्यास प्रशंसनीय अछि ।
#तीमन मे…….ओलक सन्ना, ठरिया साग,,ईरहर,
रामरूचि,बरी,डालना, कुम्हरौरी, भाटा अदौरी सँ आर विन्यास भऽ जाइत अछि ।
#तरूआ……तिलकोरा,भाटा,परोर,पथरचूरक,खमौर तरूआक विन्यास ….अतिथि लेल बनिते अछि ।
#माछ तऽ मिथिलाक भोज भात मे रहते अछि तैयार अतिथिक स्वागत मे माछ सेहो प्रशंसनीय अछि ।
#मखानक /चौर के खीर आ दही तऽ रहबे करैत अछि।
#मधुर मिठाई……ई तऽ तीमन तरकारी आ खीर के गप्प भेल… ..
आब मधुर मिठाई बिनु स्वागत अधूरा रहैत अछि ।
#पान….मिथिला मे अतिथिक स्वागत सत्कार के गप्प होय आ पान नञि से कोना भऽ सकैत अछि। मिथिला मे पानक खेती होइत रहय ई अनिवार्य रूप सँ पूजा पाठ मे उपयोग होईत छल । समय अनुसार पान अतिथि सत्कार
के महत्वपूर्ण हिस्सा भऽ गेल चाय भेल तऽ #पान भोजन भेल तऽ पान,मिथिला आ मिथिलाक स्वागत सत्कार
प्रशंसनीय अछि आ रहत अहि लेल मिथिला मे पाहुन सभ भगवान आ संत ज्ञानी सभ भेला तऽ अतिथिक
स्वागत सत्कार महत्वपूर्ण आ प्रशंसनीय होइत रहत ….
अतिथि के सदिखन भगवानक रूप मानल जाइत रहत आ स्वागत सत्कार अहिना होइत रहत ……!
अनवरत…………….!
मिथिलाक संस्कृति अतुलनीय,
मान आ सम्मान प्रशंसनीय,
जनकपूरधाम मे पड़ल राम के चरण,
सदिखन पाहुन के स्वागत सत्कार वर्णनीय ।।
जय मिथिला,जय मैथिली,
जय मिथिलाक संस्कृति,
जय मिथिलाक देवरूप अतिथि ।
