Search

प्रवीण नारायण चौधरी

भक्त प्रह्लाद सँ सीखू ई ५ बात – बालोपयोगी नैतिक कथा

होलीक उमंग बीच किछु एहेन सबक जे हमरा सबकेँ भक्त प्रह्लाद केर जीवन सँ सीखबाक चाही हरेक वर्ष होलीक पर्व अबैत अछि। लोक खुशी आ उल्लास सँ भरल माहौलमे होलिकाक दहन करैत छथि। फेर रंगक उत्सव होएत अछि। कतेको रास यादे राखय योग्य बातक संग होली हमरा सबसँ विदाई लैत अछि जाहिसँ फेर ऐगला वर्ष नव भक्त प्रह्लाद सँ सीखू ई ५ बात – बालोपयोगी नैतिक कथा

मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

आलेख – साभार प्रतीक डेली, विरगंज (नेपाल) सँ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक ‘क’वर्गीय पत्रिका सँ लेखकः प्रा. बासुदेवलाल दास, सहप्राध्यापक, इतिहास विभाग, ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस, वीरगंज लेखकक बारेमेः मिथिलाक इतिहास आ पुरातात्विक सर्वेक्षणपर गहिंर शोध आ कतेको रास पुस्तक प्रकाशित छन्हि। मिथिलाक लोककला, संस्कृति आदिपर सेहो लेखक द्वारा समय-समयपर अनेकों स्तम्भ व आलेख सब नेपाली सहित अन्य-अन्य भाषाक मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

मैथिली मचान – दिल्ली विश्व पुस्तक मेला विभिन्न दृष्टिकोण मे

मैथिली मचानः दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली भाषाक स्वतंत्र सहभागिताक पहिल अनुभवक पाँच दिन बीतल भारतक राजधानी क्षेत्र मे मैथिलीभाषीक जनसंख्या जतबा विशाल अछि ओतबा विशाल छैक अपन मातृभाषा मैथिली प्रति सभक लगन, समर्पण आ लगाव। दिल्ली सन जगहपर भाषा-साहित्यसँ जुड़ल कार्यक्रममे विगत किछु वर्ष सँ निरन्तर बढोत्तरी भऽ रहलैक अछि जेकर सकारात्मक प्रभाव आब मैथिली मचान – दिल्ली विश्व पुस्तक मेला विभिन्न दृष्टिकोण मे

मिथिलाराज्य सँ पहिने आर्थिक उपेक्षा तुरन्त प्रभाव सँ दूर हो, डिवलपमेन्ट काउन्सिलक मांग तेज

दरभंगा, जनवरी १०, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला राज्य निर्माण सेनाक जमीनी नेतृत्व मे सुसुप्तता केँ तोड़ैत महासचिव राजेश झा मिथिलाक ऐगला ललित बाबू उपनाम सँ प्रसिद्ध नेता संजय झा संग भेंटघाँट करैत राज्य निर्माण जा धरि अपन प्रक्रिया मे अछि ताहिमे सहयोगक अपेक्षा रखलनि, जखन कि विकासक कार्य लेल निरन्तर राजनीति मे अपन जीवन लगेनिहार संजय झा मिथिलाराज्य सँ पहिने आर्थिक उपेक्षा तुरन्त प्रभाव सँ दूर हो, डिवलपमेन्ट काउन्सिलक मांग तेज

मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

आलेख – राकेश झा ‘क्राफ्टवला’ मिथिला चित्रकला पर मिथिला की महिलाओं का एकाधिकार है। वे अपने आंगन की दीवारों को लीप पोत के उनपर अपनी कल्पनाओं को उकेर उनमें रंग भर जीवंत बना देती है । यह कला एक प्रकार का पारंपरिक चित्रकला है जो स्थानीय लोगों के जीवन शैली, परंपरा और संस्कृति सहित प्राकृतिक मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

आलेख – एस. सी. सुमन “KOBAR” Kohbar (nuptial chamber) painting is full of symbols which include all aspects of Maithili life with its wisdom full of practical meaning. The kohbar painting includes different symbolic expression that conveys special meanings according to the icons used there. Kohbar painting. Beside, parrot, tortoises, and fish are drawn representing Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

‘महेश-मञ्जरी’क संग-संग अनेकों मैथिली पोथीक विमोचन, विश्व रेकर्ड बनेबाक लेल भेट रहल सहयोग

जनवरी १०, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिलीभाषामे संस्कृत शब्दक अनुपम-उत्कृष्ट प्रयोगक संग छन्द शैलीमे रचना कयनिहार मधुप-शिष्य महेश झा डखरामीक लोकप्रिय रचना सामाजिक संजाल सँ पोथी-युग मे प्रवेश पाबि गेल अछि। काल्हि ९ जनवरी दिल्ली पुस्तक मेलाक मैथिलीक एकमात्र समर्पित स्टाल ‘मैथिली मचान’ पर हिनक पहिल रचना ‘महेश मञ्जरी’क विमोचन उपस्थित विद्वान् साहित्यकार डा. गंगेश गुञ्जन, ‘महेश-मञ्जरी’क संग-संग अनेकों मैथिली पोथीक विमोचन, विश्व रेकर्ड बनेबाक लेल भेट रहल सहयोग

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

विमर्श – प्रवीण नारायण चौधरी जिज्ञासा जानकार सज्जन सँः विषय कोहवर आ मिथिलाक लोकपरम्परा विवाहोपरान्त वर-कनियां केर प्रथम मिलन लेल निर्मित पवित्र स्थल, एतय सृष्टि-चक्र केर भित्ति-चित्र अंकित करबाक परम्परा अछि मिथिला संस्कृति मे।   गर्व करबाक विषय ई भेल जे ‘सृष्टि-चक्र’ केँ दरसाबैत कोहवरक देवालपर चित्रक अंकन कोनो-न-कोनो रूपमे नवविवाहित जोड़ीकेँ विवाहोपरान्त सन्तानोत्पत्तिक अधिकार दैत मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

गुरुद्रोह केर परिणति   (एक नैतिक कथाः साभार अखिल विश्व गायत्री परिवार – अखण्ड ज्योति)   अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   भूमिकाः सर्वप्रथम गुरुदेव – गुरुतुल्य – गुरुचरण केँ प्रणाम! ई कथा जरुरत मे राखि रहल छी, जेकरा पढिकय कतेको गुरुद्रोह कयनिहारक आँखि खुजैत अछि। वर्तमान समय मे एहि तरहक नैतिकताक सीख सिखनाय सभक लेल गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली पर किसलय विचारः मस्ट रीड स्टोरी

विचार – किसलय कृष्ण, समाचार सम्पादक, मैथिली जिन्दाबाद, नव दिल्ली । विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली : एकगोट सकारात्मक पहल   सम्प्रति नई दिल्लीक प्रगति मैदानमे आयोजित विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली मचानक धम्मकसँ जतबे उत्साह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रमे रहनिहार मिथिलावासी पोथीप्रेमी आ अभियानीमे देखल जा रहल अछि, ततबे जिज्ञासा आ प्रसन्नता दिल्लीसँ दूर रहनिहार मैथिलीक कलमजीवी दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली पर किसलय विचारः मस्ट रीड स्टोरी