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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी १ः प्रवीणक किछु अनुभूति

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – जानकी कृपाक अद्भुत दर्शन मैथिली मे कोनो वृहत् स्तरक कार्यक्रम करबाक लेल त्याग, बलिदान, योगदान, आह्वान, सम्मान आदिक अद्भुत संगम चाही। सफलता तखनहि अपूर्व भेटैछ जखन निश्छल आ निश्चल मोन सँ आयोजन कयल जाय। कतहु सँ कोनो प्रकारक वापसीक अपेक्षा रखने बिना – सिर्फ आ सिर्फ मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी १ः प्रवीणक किछु अनुभूति

अल डोसरी पार्कमे सम्पन्न भेल- हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन

विन्देश्वर ठाकुर, दोहा। ९ नवम्बर २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि शुक्र दिन दोहा कतारक सहानिया स्थित रहल अल डोसरी पार्कमे हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल अछि। एहि अधिवेशन सँ अध्यक्ष पद लेल सेवक राम कल्याण महतो जीक चयन कएल गेल अछि। कार्यक्रम चन्द्रवीर कुमार यादव द्वारा संचालन कएल गेल छल त शिव अल डोसरी पार्कमे सम्पन्न भेल- हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन

दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल काल्हि सँ आरम्भ भेल

दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल   जानकीजीक कृपा सँ चारूकात परमानन्द बरैस रहल अछि   मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, होता वही है जो मंजूरे खुदा होता है – एहि कहाबत केँ पूर्णता पबैत देखि सकैत छी   मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर भव्य शुरुआत भेल अछि। स्वयं जानकीजीक कमान्ड मे दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल काल्हि सँ आरम्भ भेल

ब्राह्मण आ विधाताक खिस्सा – ईशनाथ झाक टटका आ मजेदार मैथिली खिस्सा

खिस्सा – ईशनाथ झा एकटा निरक्षर दरिद्र ब्राह्मण छलाह। जन्मक बाद जे विधाता भाग्य लिखै छथि से ओहि ब्राह्मणकें दण्डित करबाक लेल एक विचित्र बात लिखि देलखिन कि ओ कहियो भरिपेट भोजन नहि कए सकत। आधा पेट भोजन सँ बेसी एकरा कहियौ नै भेटि सकत। ब्राह्मण भाग्यक अमिट लेख स्वीकारि कहुना जीवन खेपि रहल छल। ब्राह्मण आ विधाताक खिस्सा – ईशनाथ झाक टटका आ मजेदार मैथिली खिस्सा

सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत

चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी विश्वक कइएक देश रहत समुद्रक अन्दर   सन् २०५० धरि विश्व केर नक्शा मे बहुत पैघ परिवर्तन आबि जायत। समुद्रक तलहटीक स्तर जाहि गति सँ बढि रहल अछि ताहि कारणे समुद्र किनारक कतेको महत्वपूर्ण महानगर-नगर आ आबादीक्षेत्र २०५० धरि पानिक (समुद्रक) भीतर समा जेबाक खतरा अछि। एहनो नहि छैक जे सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत

मधेशी आयोग केर अध्यक्ष विजय दत्त केँ सौंपल गेल ज्ञापनः मैथिली-मिथिलाक संरक्षण-संवर्धन-प्रवर्धनक मांग

६ नवम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा एवं मिथिला संस्कृति संरक्षण-संवर्धन-प्रवर्धन निमित्त मधेशी आयोग केँ ज्ञापनपत्र देल गेल मैथिली साहित्यकार सभाक सभापाल (मुखिया) एवं मैथिलीक साहित्यकार-कवि प्रेम विदेह ललन मैथिली जिन्दाबाद सँ बातचीत मे कहलनि अछि जे पैछला दिन २ नवम्बर जनकपुर मे मैथिली भाषा संग-संग मिथिलाक बहुमूल्य संस्कृति आ लोकपरम्पराक संरक्षण-संवर्धन-प्रवर्धन मे नेपालदेश मे मधेशी आयोग केर अध्यक्ष विजय दत्त केँ सौंपल गेल ज्ञापनः मैथिली-मिथिलाक संरक्षण-संवर्धन-प्रवर्धनक मांग

ध्वस्त ताजमहलः विजेता चौधरीक टटका कथा

कथा – विजेता चौधरी ध्वस्त ताजमहल आंखिमे रहस्यमयी चञ्चलताक विम्ब लऽ कऽ घुमैत रहैत छथि ओ । किछ तऽ छैक हुनक आँखिमे जे हमरा हरदम आकर्षित करैत अछि । हुनक आँखि अभिव्यक्तिक सिम्बोलसन एकदम्म बाचाल छैक । नैनक भाषा होइत छैक से सुनल छल मुदा एतेक मुखर भऽ सकैछ से पहिलबेर देखल । शनि दिन ध्वस्त ताजमहलः विजेता चौधरीक टटका कथा

पर्यटन लेल अद्भुत स्थल अछि देवही टोलः एक सँ एक निर्माणक अनुपम छवि-छटा बनल अछि

पर्यटन स्थलक परिचय – विवेक चन्द्र मिश्र, देवही टोल, मधुबनी (साभार लेखकक फेसबुक पर राखल गेल पोस्ट, जहिनाक तहिना) ई थीक हमर गाम के बाबा देवेश्वर नाथ महादेव के स्थान। ई स्थान झंझारपुर सँ लगभग ७ किलोमीटर पूर्व में अवस्थित अछि। लखनौर और दीप के मध्य में दीप पश्चिम पंचायतान्तर्गत हमर गामक नाम #देवही_टोल अछि। पर्यटन लेल अद्भुत स्थल अछि देवही टोलः एक सँ एक निर्माणक अनुपम छवि-छटा बनल अछि

मैथिली मात्र नहि बल्कि आनहु भाषा मे विज्ञता आ जनजुड़ाव नगण्ये होइत छैक

मैथिलीक हरेक मंच, हरेक पुरस्कार, हरेक पत्रिका, हरेक अभियान आ हरेक गतिविधि मे सबके चेहरा देखायत तखने सबकेँ अनुभूति हेतैक। – आदरणीय डा. सुरेन्द्र लाभ आइ सामाजिक संजाल मे जानल-मानल सामाजिक-सांस्कृतिक अभियन्ता राजकुमार महतो नेपालीय मिथिलाक्षेत्रक जानल-मानल विद्वान् डा. सरेन्द्र लाभ केर उपरोक्त उक्ति शेयर कयलनि अछि। जनकपुर मे लगातार एहि विषय पर मंथन चलि मैथिली मात्र नहि बल्कि आनहु भाषा मे विज्ञता आ जनजुड़ाव नगण्ये होइत छैक

कि जातिवाद आ वर्गवादक अन्त संभव अछि?

विचार-मंथन – प्रवीण नारायण चौधरी नर आ बानर – विज्ञानक कहब छैक जे बानरहि सँ नर केर विकास भेल अछि। नर केर आदम पुरुष बानर छल। विकासक्रम मे बानर जखन सभ्य भेल त नर केर रूप मे परिणति पाबि गेल। जखन कि सामान्य तर्कबुद्धि सँ हम सब बुझि रहल छी जे बानर एक जानवर थिक, कि जातिवाद आ वर्गवादक अन्त संभव अछि?