“पारिवारिक जीवन पर सोशल मीडियाक प्रभाव”

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— रिंकू झा।   

मनुष्य एक टा सामाजिक प्राणी अछी । जाहि समाज में मनुष्य रहै छैथ, ओहि समाज के बारे में ओ बेशी स बेशी जानकारी प्राप्त करै चाहै छैथ । समाज में कतय,कखन, किया,केना आर कि भ रहल छै? ई सब जानै के एक मात्र माध्यम मीडिया छै।जे मात्र एक बटन दबावैत देरी सम्पूर्ण जानकारी सामने आनी दै छै, यानि जिज्ञासा के पुर्ण कय दै छै । साधारण शब्द में कहीयौ त सोशल मीडिया हमरा अहा के इन्टरनेट के दुनिया स अवगत करावैया जेना -फेशबुक,व्हाटसप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट,गुगल आदि के माध्यम स अहां दुनिया भैर के बात जानि सकै छी आर अप्पन बात दुनिया तक पहुंचा सकै छी।आदीयो काल में ई माध्यम रहै मुदा धीमी गति बला संचार रहै जेना रामायण के पौराणिक कथा के अनुसार रामभक्त हनुमान जी रावण के लंका में दुत बनि क संवाद पहुचावै गेल रहथीन , मेघदूत के रचयिता कालीदासजी अपन संवाद दुनिया तक मेघ के माध्यम बना क पहुचेलखीन। अहि सब में समय लागै छलै ,। पहीले के समय में पत्र के आदान -प्रदान केल जाय छलै ,डाक के द्वारा, इमरजेंसी में टेलीग्राम सेवा उपलब्ध रहै, बहुत बहुत दीन तक लोक अपन परिजन स दुर रहैत बिरह वेदना सहै छलैथ । बहुत समय एहनो होई छलै की जाही काज लेल टेलीग्राम केल जाय छलै ओ समाप्त भेला के बाद ओही व्यक्ति के खबर पहुंचई छलै ।
आधुनिक युग पुर्ण रुपे सोशल मीडिया के युग छै ,कारण सोशल मीडिया चारु तरफ अपन वर्चस्व बनेने जा रहल अछी। चाहे नेता होईथ या अभिनेता, उधोगपति रहैथ या साहित्यकार बुर्ह स लय क बच्चा तक कामकाजी लोक होइथ वा घरेलू महिला लोकनी ,सब सोशल मीडिया पर एक्टिव रहै छैथ। अपना आप के अपडेट राखै छैथ। तकनीकी विकास जतय बहुत किछु द रहल अछि ओतही बहुत किछु छीनो रहल अछि। जेना हर सिक्का के दु टा पहलु होई छै तहीना सोशल मीडिया के सेहो दु टा पहलु छै नीक आर खराब,ई हमरा आंहा के उपर अछि की कोना क एकर लाभ बेशी आर हानी कम अपना अंदर ली।लेबहो बला पर निर्भर करै छै कि ओ कते आर की गर्हण क रहल छैथ।कारण कोनो भी चीज के अति निक नहीं होई छै।अही स युवा पीढ़ी बेशी प्रभावित भ रहल छैथ, हुनका मन आर मस्तिष्क पर एकर असर बेशी भ रहल छै।अकर कीछु सकारात्मक परिणाम भेल जेना – अखन के समय में आहां चाहि त क्षण भैर में घरे बैसल मिलों दुर बसल अपन परिजन यानी बाल, बच्चा,पति भाई,बहीन आदी नैहर-सासुर के लोक स बात क सकै छी,भीडीयो कल स हुनका देख सकै छी। बर्षो स बिछरल स्कूल, कलेज के मित्र जिनका स कोनो सम्पर्क नहीं अछि हुनका ढुर्ही क बात क सकै छी, पुराण दीन के याद ताजा क सकै छी।घरे बैसल दवाई, राषनके समान, कपड़ा -लत्ता, उपहार आदि के खरीदारी क सकै छी।होटल, सिनेमा, यात्रा के टिकट बुक करा सकै छी।गैस आर बिजली के बिल भैर सकै छी। अपना रिश्ता के प्रति जिम्मेदारी निभा सकै छी जेना दुख- सुख में शुभकामना आर संवेदना प्रकट क सकै छी, जन्मदिन आर बैबाहिक सालगिरह पर उपहार भेज सकै छी कतवो व्यस्त रहु आसानी स सब किछु क सकै छी, कोनो बिशेष दीन बिसरी जाएब त मीडिया ओहो मोन पारी देत। बहुत सारा सोशल नेटवर्किंग साइट स लोक सब आई-काल्ही जीविकापार्जन के साधन से हो ढुर्ही लेलैथ हे, घरेलू महिला सब अपन हुनर देखा क जेना गीत, नृत्य,कला आर कुकींग के भीडियो अपलोड कय क पैसा कमा रहल छैथ आर केवल अपन शहर -गांव में नहीं बल्कि पुरा दुनियां में नाम कमा रहल छैथ । बच्चा सब एक स एक पढ़ाई क रहल छैथ, आफिस के काज , मीटिंग,कोनफिरेंस सब किछु सुचारू रूप स भ जाईया।कोरोना काल में त जीवै के सहारे सोशल मीडिया छल ।संगे नकारात्मक प्रभाव सेहो छै जेना- युवा पीढ़ी सब संस्कार बिसैर सोशल मीडिया के जाल में फसल छैथ ,हर वक्त मो० में घुसल रहै छैथ। परिवार में रहीतो अलग-थलग अपन जीवन में व्यस्त रहै छैथ,एक टा कोन में ढुकल रहै छैथ, पहीले कम स कम छः महीना में एके बेर सही मिलै त छलैथ ,आब फोन पर बात भ जाई छै सालो – साल भेट नहीं। किछु लोक सोशल मीडिया के जरीए देश आर समाज में अशांति फैला दै छथीन , कोनो -कोनो पोस्ट देश आर विश्व के लेल मुद्दा बनी जाई छै।नकली अकाउंट बना क, पहचान बदली क अपहरण आर हत्या जेहन साजिश के रची दै छैथ। वाहन चलवऐत काल फोन पर लागल रहै स एक्सीडेंट भय जाई छैन ।
ठीक ओही तरहे पारिवारिक जीवन अही स अछुत नहीं अछि, जेना -पहीले लोक पुरा परिवार दीन भरी के काज समाप्त कय एक दोशर लग वैसै छलऐथ मोनक बात एक दोशर के सुनवै छलैथ,पैघ-छोट के बीच आदर पाति होई छलै । महिला सब खाली समय में लुरी-व्यबहार सब सिखै छलैथ इक्टठा भय सब संगे हंसी -मजाक करै छलैथ ।आव सब अपना में लीन मो० मे घुसल रहै छैथ,ठीक स बातो नही करै छैथ घरक लोक स । पति -पत्नि कखनो क अंजान जका एक दोशर के छोरी मो०मे ढुकी जाई छैथ,की खेलैथ, नऐखएलऐथ अंदाजो नहीं रहै छैन । बच्चा सब पर ठीक स ध्यान नहीं दै जाई छथीन।कखन खेलहु कखन सुतलहुं कोनो समय के ठीक नहीं रहै छैन लाईक , कमेंट करय मे वीजी रहै छैथ। बच्चा सब के मो०आर टीबी में घुसा अपनो घुसी जाई छैथ ओहि दुनिया में। सोशल मीडिया पर लोक पोस्ट डालै छथीन केवल बाहरी जीवन के देखावैत दीखावा करै छैथ ,नीजी कहानी कीयो नहीं देखवै छथीन, मुदा कीछु लोक हुनका देखी हुनकर जीवन स प्रभावित भ अपन उम्मीद बढा लै छैथ,हुनके अनुकरन करै चाहै छैथ, ओहि स बहुत घर बर्बाद भ जाईया।एक टा हाईकोर्ट के जज के कहब छलैन की सोशल मीडिया के कारण कोनो चीज के गोपनीयता नहीं रहै के वजह स बैबाहिक जीवन पर खतरा मंडरा रहल अछि,कारण लोक सब जीवन संगी के तरफ कर्तव्य, सम्मान आर निष्ठा के अभाव देखबै छथीन। पहीले धी-बेटी सासुर जाई छलैथ महीनों तक नैहर स सम्पर्क नहीं रहै छलैन ओ सआसूरक लोक के अपन बना खुश रहै छलैथ , मुदा आब पल-पल के खबैर नैहर तक पहुंचावै छथीन,आर नैहरक लोक के हस्तक्षेप स कतेको के घर स्वर्ग स नर्क बनी जाईया। हमरा हिसाब स सोशल मीडिया के पुरा दोष नहीं द क एक टा समय सीमा निर्धारित कय एकर उपयोग करी त अही स निक चीज आर किछु नही अछि, अपना घर-परीवार के हीत में सोचैत हुनके साथ अमुल्य समय बिताबी। सामाजिक बनी एकरा एक टा वरदान बनाबी नहीं की अभिशाप।
जय मिथिला जय मैथिली 🙏🏽🌹
✍️ रिंकु झा, ग्रेटर नोएडा