कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’
बेटी – सुमन झा, कोलकाता बेटी छथि जग के निर्माता, बेटिये त छथि धरती माता। कियै लगै छथि बेटी भारी, हुनके स त आँगन वारी। बाबु के ओ दुलरी गुडिया, दुख्खो में ओ सुखक पुडिया। बेटी छथि जग के निर्माता बेटिये त छथि धरती माता बेटी होइथ गोर या कारी लेकिन बनैथ कुलवंती नारी। सीता … कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’









