दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत
संस्मरण – रूबी झा वाणी दीदी के संस्मरण पढिकय हमरो अपन बालपन के दुर्गा पूजा मोन पड गेल।आ बहुत रास दृश्य आँखिक सामने आबि गेल। ओहि मे सँ किछु अपन पाठक लोकनि संग साझा कय रहल छी। हमरा गाँव मे तँ दुर्गा पूजा नहि होइत छलय, लेकिन अगल-बगल केर गाम मे होइत छलैक। बगले मे … दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत









