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तिला संक्रान्तिमे सात डूम नहेबाक विशेष रेवाज छै

478 भ्यूज

लेख विचार
प्रेषित: नीलम झा निवेधा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय- तिला संक्राति पहिने आ आब

शिशिर ऋतुमे जखन जाड़ चरम सीमा पार करए लगैत अछि त’ होइत अछि समय परिवर्तन। सूर्यदेव जखन उतरायण होइत छथि आ मकर ऋतुमे प्रवेश करैत छथि त’ मौसमक बदलावके देल जाइत अछि पर्वक रूप। तिला संक्रांति महज एकटा पावनि नञि अपितु तील गुड़ सँ जुरल एकटा खास विश्वासक प्रतीक। जेना कि पहिने तील गुड़ आ चाउड़ लए घरक जतेक छोट सदस्य रहैत छलखीन हुनका खुआएल जाइत छल आ पूछल जाइत छल जे हमर तील बहबिहीन?? अर्थात एहि तीलक मोल रूपमे हमरा बेर बखत पर सहायता करबिहीन। मुदा एखुनका तिला संक्रातिमे सभहक घरमे धिया -पुता नञि रहैत छथिन त’ ई कहां भ’ पबैत अछि।

पहिने लोक नेना सभकें एहि जाड़ मासमे भोरे-भोर नहेबालेल प्रलोभन दैत छल जे , जतेक डूब अहां सभ नहाएब ततेक तिलबा भेटत आ बच्चा सभ खुशी सँ भोरे-भोर पोखैरके जमकल पाइन मे नहा अबैत छल मुदा ई आब बिल्कुल नञि देखल जाइत अछि।

पहिने संयुक्त परिवार रहैत छल त’ लोक दस दिन अगे सँ लाइ-चुरलाइ बनबैत छल। घरक सभ सदस्य ओहि गुड़क बनल समानके खूम प्रसन्नता सँ खाइत छलाह/छलीह परंच एखनो ई बनैत अछि मुदा खायबला कियो नञि।

पहिने कतबो प्रकार अपना घरमे बनैत छल मुदा तिला संक्रांति दिन ब्राह्मण भोजन लेल लोक बाट जोहैत छल मुदा आब ब्राह्मणक सत्कार आ दान पूण्य पहिने सँ बहुत बेसी मुदा उत्साहित ब्राह्मण कहां?

पहिने बेटी-पूतौह नैहर-सासुरक मोटरीके बाट जोहैत छल मुदा आब कहत ई सभ बेकारके समान हमरा नञि चाहि। बस तिला संक्रांति के हार्दिक शुभकामना लिखीकए मना लैत अछि माय- सासु संग तिला संक्रांति।मुदा अपन धिया पुता के ई जरूर बताबी कि तीला संक्रांति गुड़ आ तीलक मधुर मिश्रण सभहक जीवनमे नव मिठास लए अबैत अछि तैं ई पावनि परंपरागत मनेबाक चाही।

 

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