मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि”
मैथिली साहित्य आ जनसरोकार पर आधारित हमर विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि” मैथिली भाषाक अत्यल्पे रचना सँ हमरा समान कतेको अल्पबुद्धि परिचित होयत, परञ्च ताहि अत्यल्प रचनहु मे किछेक रचना एहेन अछि जे संसार रीति-थीति देखि बेर-बेर मोन पड़ैत अछि। एहने एक रचना अछि … मैथिलीक एक कालजयी रचना – “जग केँ युग परतारि रहल अछि”









