नेपालक प्रधानमंत्रीक भारतक चारि दिवसीय यात्रा, कोनो महत्वपूर्ण उपलब्धि नहि भेटबाक अन्दाज

नेपाली आ भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा क्रमशः कटैया आ रक्सौल बिजली प्लान्ट केर पावर अपग्रेडेशन युनिटक उद्घाटन

नई दिल्ली, २४ अगस्त, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

काल्हि बुध दिन नेपालक प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा भारतक चारि दिवसीय यात्रा पर राजधानी दिल्ली पहुँचलाह, एयरपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हुनकर स्वागत केलखिन। दुनू नेता द्वारा क्रमशः ट्विटर पर एक-दोसर प्रति सद्भाव भरल समाद लिखल गेल। आइ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संग नेपाली प्रधानमंत्री देउवाजी भेंटघांट करता आर दुइ देश बीच वृहत् समझौता लेल द्विपक्षीय सरोकार पर चर्चा कएल जायत। परञ्च नेपाल मे विद्यमान राजनीतिक संकट केर कारण भारतक स्थिति एहेन छैक जे कोनो खास उत्साह आ उपलब्धिमूलक समझौता वर्तमान परिस्थिति मे हेतैक से संभव नहि देखा रहल अछि।

प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा केर अथक प्रयासक बादो नेपालक संसद मे संविधान सँ असन्तुष्टिक किछु महत्वपूर्ण विन्दु पर संशोधन प्रस्ताव वांछित दुइ-तिहाई बहुमत नहि जुटा सकबाक कारण पास नहि कयल जेबाक कारण भारत लेल किंकर्तब्यविमूढताक स्थिति छैक। मानल बात छैक जे नेपाल केर वर्तमान राजनीतिक परिवेश मे मधेश आ मधेशीक समस्या जाबत धरि समाधान नहि पाओत, नेपाल देशक दीर्घकालीन शान्ति आ विकासक मार्ग प्रशस्त नहि भऽ सकैत अछि। मधेशक समस्या राजनीतिक समस्या सँ बेसी लगभग २५० वर्ष धरि औपनिवेशिक समुदाय बनि दोसर वर्गक नागरिक जेकाँ राज्य द्वारा दमनपूर्ण व्यवहार पेलाक प्रतिक्रियास्वरूप राज्य विरुद्ध एक प्रकारक विद्रोह केर समान देखाएत अछि। एखनहु मधेश आ मधेशीक मांग केँ एतुका वरिष्ठ राजनीतिकर्मी आ दल इत्यादि शंकाक दृष्टि सँ देखैत अछि जाहि कारण सँ मधेशी मे असन्तोष आ विरोधक स्वर कम नहि भऽ सकल अछि। हलांकि राज्य द्वारा एहि समस्त द्वंद्वक बीचहु मे बनायल गेल नव संविधान केँ सुस्थापित करबाक भरपूर प्रयास कयल जा रहल अछि, परञ्च यथार्थतः असन्तोषक स्वर एखनहु दबल नहि अछि बल्कि तरे-तरे ई आरो वीभत्स रूप धारण कएने जा रहल देखाएत अछि।

भारतक आन्तरिक सुरक्षा लेल नेपाल मे शान्ति स्थापनाक चुनौती सर्वविदिते अछि। भारतक बेर-बेर आह्वानक बादो – कतेको बेर मध्यस्थकर्ताक भूमिका निर्वाह कएलाक बादो – नेपालक बड़का राजनीतिक दल सब द्वारा कोनो स्थाई समाधान नहि निकालल जा सकल छैक। संविधान मे संशोधनक बात बहुतो मास सँ चर्चा मे छल। हालक देउवा सरकार द्वारा संशोधन सदन मे रखलाक बाद बहुमत एकर पक्ष मे रहलाक बादो संशोधन पास हेबाक लेल आवश्यक जादुइ संख्या नहि जुटि सकबाक कारणे ई प्रस्ताव सदन मे नकारल गेल अछि। प्रदेश संख्या २ यानि कोसी सँ गण्डकी बीचक क्षेत्र जे विशुद्ध मिथिला क्षेत्र थिक ताहि ठाम मात्र मधेश केँ समेटबाक रणनीतिक संग नेपाल सरकार एखन धरि एहि ठाम स्थानीय निकायक चुनाव नहि करा सकल अछि। एहि क्षेत्र मे वर्चस्व रखनिहार राजनीतिक दल राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) सब सँ पैघ असन्तुष्ट राजनीतिक पक्ष केर रूप मे आइ २ बजे चुनाव मे सहभागिता देबाक वा नहि देबाक घोषणा करत। बेसी उम्मीद जे प्रदेश २ मे राजपा सहित सब राजनीतिक दल चुनाव मे भाग लेत। कारण ई स्पष्ट छैक जे संशोधन अथवा समाधान लेल संख्या चाही – प्रतिनिधित्व चाही आर ताहि लेल चुनाव टा एकमात्र उपाय बाँचल छैक। प्रजातांत्रिक राष्ट्र मे कोनो झंझटिक दीर्घकालीन समाधान हेतु चुनाव मार्फत चुनल गेल प्रतिनिधि आ सदन सँ समाधान तकबाक उपाय रहैत छैक। तखन नेपालक भितरहि अशान्ति आ अराजक स्थितिक कारण भारत द्वारा कोनो दीर्घगामी योजना पर समझौता होयत ई कल्पना करब ब्यर्थ अछि।

तथापि, दुइ देश बीच जे मित्रता आ सौहार्द्रताक संग जनस्तरीय सम्बन्ध अछि तेकरा आरो मजबूत करबाक लेल एजेन्डा आ समझौता सब हेब्बे करत। दुनू देशक आर्थिक विकास लेल लगानीकर्ता एक-दोसर ओतय कोना पहुँचत ताहि दिशा मे सेहो किछु महत्वपूर्ण निर्णय कएल जेबाक संभावना अछि। आर्थिक विकासक गति तेज करबाक लेल नेपाल मे उपलब्ध अवसर आ संसाधनक उपयोग करैत दुनू देशक जनताक सुख-सुविधा लेल किछु महत्वपूर्ण घोषणाक अपेक्षा कएल जा रहल छैक। आतंकवाद विरुद्ध भारतक अन्तर्राष्ट्रीय अभियान मे नेपालक भूमि सँ कोनो तरहक घटना नहि घटय, नेपालक अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थल आ दुनू देशक बीच केर खुल्ला सीमा सँ कोनो तरहक सुरक्षा विरुद्ध गतिविधि नहि हो – भारतक ध्यान ओहि दिशा मे बेसी केन्द्रित रहत।

हरिः हरः!!