- अमित कुमार चौधरी, महिषीधाम। मई २, २०१५, मैथिली जिन्दाबाद!
“मिथिला मे खुजत ‘वेद विद्या मन्दिर’ – पारंपरिक शिक्षाक संग वैदिक शिक्षा देबाक योजना – छात्र आ छात्रा लेल अलग-अलग विद्यालय तथा आवासीय परिसर बनत – चाही करीब १५-२० एकड़ जमीन – जमीनदाताक खोजी – जमीनदाताकेँ ट्रस्टी बनायल जायत – जमीन दानक अभाव मे न्युनतम् दाम पर जमीन खरीद संभव – इच्छूक व्यक्ति संपर्क करी ‘अमित चौधरी – संयोजक – संपर्क: ९९७१६६६७१४’ – मिथिलाक्षेत्रक कोनो भी जिलामे विद्यालय स्थापनाक योजना”
विस्तृत प्रस्तावना:
मानवलोक केर ज्ञान व विवेक संग व्यवहार आ नीति केर जैड़ वेद केँ मानल जाइत अछि। सर्वथा सर्वमान्य सनातन धर्म तथा समग्र मानवताक आधारविन्दु वेद केँ मानल जाइछ। खासकय हिम्दू धर्म आ ब्राह्मण संस्कार केर जैड़ सेहो वेद थीक। विज्ञानक चमत्कार जेना-जेना अपन विस्तार सँ व्यवहारिक दुनियाक दृश्य मे परिवर्तन आनि रहल अछि, वेदक गरिमा आरो बेसी महत्त्वपूर्ण भेल जा रहल अछि, कारण जे बात विज्ञानक आविष्कार सँ प्राप्त होइछ तेकर चर्चा वेद अपन विधान मे पूर्वहि मे कय चुकल अछि। एखन आरो बहुत विकास वेदानुसार होमय लेल मानव सभ्यताक वर्तमान परिवेश लेल बाकिये देखाइछ।
पूर्व मान्यता रहल अछि जे हिन्दू आ खासकय ब्राह्मणक बच्चाकेँ वैदिक शिक्षा अनिवार्य रूप सँ देल जाय। अपन जैड़ सँ लोक जतबा दूर जाइत अछि ओतबा असफलता आ भयावह दुष्परिणामक समीप पहुँचबाक खतरा रहैत छैक। बच्चाकेँ पारंपरिक शिक्षाक संग वैदिक शिक्षा पेबाक चाही। पारंपरिक शिक्षा सँ ओकरामे आधुनिक जीविका स्रोतक प्राप्ति हेतैक आर वैदिक शिक्षा सँ ओकर आध्यात्मिक स्वास्थ्यक देखभालक संग पोषण भेटतैक। वैदिक शिक्षा ताहि हेतु बच्चाकेँ चौथा वर्ग आ ताहि उपरान्त अन्य केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा समिति वा अन्य राज्य स्तरीय शिक्षा समिति द्वारा निर्धारित विषय-वस्तुक संग देबाक चाही।
काञ्चीपुरम् पीठ द्वारा देश भरि मे उपरोक्त पद्धतिक शिक्षा व्यवस्था लागू करबाक प्रयास कैल जा रहल अछि। एहि मे छात्र तथा छात्रा लेल अलग-अलग विद्यालय केन्द्रिय माध्यमिक शिक्षा समिति द्वारा निर्धारित विषय-वस्तुक संग वैदिक शिक्षा देबाक लेल खोलबाक योजना अछि। विद्यालय सबहक लेल खुल्ला रहत जाहिमे सामान्य छात्र केँ पारंपरिक विद्यालय समान सामान्य (सीबीएसई) विषयक पढाई करायल जायत, जखन कि छात्रावास मे रहनिहार केँ भोर तथा साँझक समय मे वैदिक शिक्षा, योगाभ्यास आर संस्कृत शिक्षा उपलब्ध कराओल जायत।
मिथिला मे विद्यालय खोलबाक निर्णय:
मिथिलाक्षेत्र मे एक एहेन विद्यालय खोलबाक प्रस्ताव पर निर्णय कैल जा चुकल अछि जाहि ठाम उपरोक्त पद्धतिक शिक्षा उपलब्ध करायल जायत। विद्यालय स्वकीय वित्तीय कोष सँ संचालित होयत आर एकर संपूर्ण सार-संभार ट्रस्ट द्वारा वहन कैल जायत। एहेन विद्यालय हेतु कम सँ कम १५-२० एकर जमीनक आवश्यकता होयत जतय छात्र एवं छात्रा लेल अलग-अलग विद्यालय परिसरक निर्माण कैल जायत।
शुरुआत कोनो एक पूर्वस्थापित केन्द्रिय माध्यमिक शिक्षा समितिक पद्धति पर चलि रहल विद्यालय मार्फत कक्षा ४ सँ वैदिक शिक्षा उपलब्ध करबैत कैल जा सकैत अछि। ई विद्यालय पूर्णतया नि:शुल्क आ आवासीय सुविधाक संग खोलल जायत। जमीनदाताकेँ ट्रस्टी बनबैत – विद्यालय मे एक सुनिश्चित स्थान सेहो देल जायत जाहि सँ हुनक दानक समुचित सम्मान भेटबाक गारंटी होयत। जमीनदाता उपलब्ध नहि होयबाक हालत मे न्युनतम दाम पर जमीन किनलो जा सकैत अछि।
इच्छूक व्यक्ति जरुर सम्पर्क कय सकैत छथि:
अमित कुमार चौधरी
(संयोजक)
फोन नंबर: ९९७१६६६७१४.




4 Comments
Mahishi ,Saharsa will be the best place to open university on the name of Mandan Mishra and Vidushi Bharti,it will be tribute to them.
मैथिली जिन्दाबाद पर अपनेक प्रतिक्रिया सेहो मैथिली मे हो, ई बेसी प्रीतिकर होयत। एतय हम सब मैथिलीभाषी थिकहुँ। अपनहि भाषा केँ संवर्धन-प्रवर्धन हेतु ई वेबसाइट लांच कैल गेल अछि। महिषी सहरसा मे जमीन उपलब्ध हो तऽ जरुर संयोजनकर्ता जे स्वयं महिषी गामहि सँ छथि, हुनका जानकारी कराबी।
मैथिली जिंदाबाद केर खबर केर असर :
प्रस्तावित वेद विद्या केंद्र आ स्कूल केर स्थापना केर लेल मैथिलि जिंदाबाद केर संयोजनकर्ता प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा अपील प्रकाशित करतहि हाजीपुर सं श्री श्याम नारायण चौधरी जी के खबर भेटल जे ओ केंद्रक स्थापना केर लेल अपन गाम सिसवा (पंडौल ) में ज़मीन देबाक लेल इच्छुक छैथ आ हमरा पूर्ण सहयोगक वचन दलैथ. श्री चौधरी जी के ओहि ठाम ठाकुरबाड़ी आ एकटा मध्य विद्यालय सेहो छैन आ ओ सेहो अपने शोध कार्य सं पूर्ण रूपेण जुडल रहला। कांचीपुरम पीठम स सेहो हमरा अहि दिशा में आँगा बढ़बाक सम्मति भेटल। मैथिली जिंदाबाद केर समूर्ण टीम आ ख़ास के श्री प्रवीण जी के मोन सं खूब बधाई।
राम बाबु , महिषी (सहरसा) में सेहो हम अहि तरहक केंद्र आ स्कूल खोलबाक लेल प्रयासरत छि. मुदा मुख्य दिक्कत ज़मीन केर आबि रहल अछि। अगर अहाँ केर नज़र में कियो ज़मीन दानदाता छैथ त कहू। हमर फ़ोन नंबर देल गइल अछि.