बीतल सप्ताह खोजपुर मधुबनी मे प्रशासनक बलजोरीक विरोध मे भड़कल ग्रामीण हिंसा

फेसबुक मैसेन्जर द्वारा प्राप्त समाचारः जहिनाक तहिना

मधुबनी [जेएनएन]। बाबूबरही थाना क्षेत्र के खोजपुर गांव में बुधवार की आधी रात के बाद करीब एक बजे उस वक्त तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब कुछ माह पूर्व खुदाई में मिले एक प्राचीन शिवलिंग को लाने गए भारी प्रशासनिक अमले और विरोध कर रहे ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई।

झड़प ने तब विकराल रूप ले लिया जब पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया और बचाव में पुलिस को हवाई फायरिंग, लाठीचार्ज करना पड़ा। इस भिड़ंत में एक दुकानदार मांगन साहु की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है ।
 
ग्रामीणों का कहना है कि सदर एसडीओ की गाड़ी ने उसे घसीट दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं चार ग्रामीणों के घायल होने की बात भी कही जा रही है। पुलिस, प्रशासनिक अमला के लोग मौके से भाग निकले।
 
ग्रामीणों ने प्रशसन के चार चौपहिया वाहन, एक जेसीबी और दो बाइक में आग लगा दी। स्थिति बहुत तनावपूर्ण है। गुरुवार सुबह लोगों ने मांगन साहु की लाश के साथ बाबूबरही-खुटौना मुख्य पथ को खोजपुर गांव में जाम कर दिया है।
 
मिली सूचना के मुताबिक बुधवार रात करीब एक बजे तीन दर्जन से अधिक पुलिस, प्रशासन की गाड़ियों से प्रशासनिक अमला अचानक खोजपुर गांव जा पहुंचा। वहां के सोमनाथ मंदिर में स्थापित किए गए प्राचीन शिवलिंग को वह अपने कब्जे में करना चाहता था। इस शिवलिंग पर आधिपत्य को लेकर खोजपुर और नवका टोल के ग्रामीणों के बीच कुछ महीनों से विवाद चल रहा है।
 
पुलिस, प्रशासन के आने की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली वहां भारी तादाद में ग्रामीण जुट गए और शिवलिंग ले जाए जाने का विरोध करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने अंधाधुंध लाठी चार्ज कर दिया और करीब दस राउंड हवाई फायरिंग भी की।
 
उसी अफरातफरी में ग्रामीणों के मुताबिक सदर एसडीओ अभिलाषा कुमारी की गाड़ी से घिसटकर एक स्थानीय दुकानदार मांगन साहु की मौत हो गई। वहीं चार लोग घायल बताए जाते हैं। चारों ओर बेतरतीब घुमाए जा रहे जेसीबी की ठोकर से वहां के हनुमान मंदिर की दीवार भी ढह गई।
 
ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख पुलिस, प्रशासन वहां से भाग निकला। आक्रोशित लोगों ने चार चौपहिया वाहन, एक जेसीबी और दो बाइक को आग के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उस शिवलिंग को ले गया, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध के कारण भागना पड़ा और शिवलिंग अभी भी ग्रामीणों के कब्जे में ही है।
 
गुरुवार सुबह मांगन साहु के शव के साथ लोगों ने खुटौना-बाबूबरही पथ को खोजपुर गांव में जाम कर दिया है। घटनास्थल पर पुलिस, प्रशासन नहीं है।
 
क्या है विवाद
 
गत रामनवमी के दिन खोजपुर कोसी नहर के निकट मिट्टी खुदाई के क्रम में एक प्राचीन शिवलिंग मिला था। इसे वहां के ग्रामीणों ने गांव के पश्चिम सोमनाथ मंदिर परिसर में स्थापित कर दिया।
 
वहीं बेला पंचायत के नवका टोल के ग्रामीण शिवलिंग प्राप्ति स्थल को अपने गांव के सीमा क्षेत्र में होने का दावा करते उसे वहीं प्राप्ति स्थल पर ही स्थापित करने की मांग करते धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम करते रहे। कई राउंड शांति समिति की बैठक भी हुई। पुलिस ने दोनों गांवों के दर्जनों लोगों के खिलाफ धारा 107, 108 के तहत निषेधाज्ञा भी लगा रखा है।
 
कहा-सदर एसडीपीओ ने
 
“शांति समिति की बैठक में ग्रामीणों ने शिवलिंग विवाद को सुलझाने के ख्याल से उसे प्रशासन के कब्जे में दिए जाने पर सहमति जताई थी। इसी कारण पुलिस, प्रशासन बुधवार रात शिवलिंग लाने खोजपुर गांव पहुंचा था। लेकिन वहां असमाजिक तत्वों ने उसपर हमला बोल दिया और पुलिस, प्रशासन को बगैर शिवलिंग लिए वापस लौटना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है।
“मिहिर कुमार झा ‘बेला’