अगस्त ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!
आब दिल्लीक ३० लाख मैथिल जनमानस केँ अपन मातृभाषा मे भेटतनि मासिक पत्रिका – जानकारी करौलनि अछि संजीब सिन्हा जे पेशा सँ पत्रकार त छथिये, मैथिली-मिथिलाक विभिन्न अभियान मे सेहो अपन समर्पण सँ लागल एक गणमान्य व्यक्तित्व सेहो छथि।
सुपरिचित मैथिल अभियानी श्री संजीव सिन्हा दिल्ली सं एकटा मासिक मैथिली पत्रिका प्रकाशित करय मे जुटि गेल छथि। एहि पत्रिका केर नाम रहत ‘‘मिथिला संवाद’’।
महाकवि विद्यापति स्मृति दिवस पर 13 नवंबर 2016 कें नई दिल्ली मे एकर लोकार्पण होएत। मैथिली साहित्य महासभाक महासचिव, मिथिला राज्य निर्माण सेनाक कोषाध्यक्ष अओर मैथिली पत्रकार समूहक समिति सदस्य श्री संजीव सिन्हा बतौलनि, ‘‘हालहि मे नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब मे मैथिली पत्रकारिता पर आयोजित एकटा संगोष्ठी मे ई गप उभरि क’ आएल जे मैथिली पत्रकारिताक 111 बरख पूर्ण भ’ चुकल अछि। लगभग अढाई सौ सं बेसी पत्र-पत्रिका प्रकाशित भ’ चुकल अछि, मुदा बेसी पत्रिकाक प्रमुख स्वर साहित्यिके रहल अछि। एहन मे एकटा समाचार आ विचारमूलक मैथिली पत्रक आवश्यकता रेखांकित भ’ रहल अछि। इएह सोचि क’ हम नियार कएलहुं जे दिल्ली सं एहि अभावक पूर्ति हो आ एहि तरहक एकटा मासिक मैथिली पत्रिका प्रकाशित कएल जाए।’’
मिथिला संवादक माध्यम सं कोन मुद्दा केँ उठेनाय प्राथमिकता रहत, पूछला पर ओ कहलनि, ‘‘एहि पत्रिका मे मैथिली भाषा, साहित्य, समाज आ संस्कृतिक संग-संग विज्ञान, कृषि, आर्थिक, खेलकूद, सिनेमा आ राजनीति पर आलेख एवं समाचार होयत। मिथिला मे विकास-कार्य केँ गति मिलय, एहि पर सेहो जोर रहत। संगहि, ई पत्रिका मिथिला राज्य निर्माण हेतु वैचारिक प्रबोधनक कार्य करत अओर राष्ट्रवादी विचारधारा केँ पुष्ट करयबला रहत।’’
श्री सिन्हा पत्रिकाक स्वरूप केर संबंध मे बतौलनि, ‘‘मिथिला संवाद मे आम पाठक केँ सहज समझ मे आबयबला सरल मैथिली केर प्रयोग होयत। एहि पत्रिका मे मजदूर, रिक्शावाला, लेखक, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी सहित सभ वर्गक मैथिलक अनुभव आ विचार प्रस्तुत कएल जायत।’’
एतय बता दी जे श्री संजीव सिन्हा वरिष्ठ पत्रकार सेहो छथि। भाजपा केंद्रीय मुखपत्र ‘कमल संदेश’क सहायक संपादक आ प्रतिष्ठित वेबमंच प्रवक्ता डाॅट काॅम केर संस्थापक संपादक छथि। ओ दिल्ली पत्रकार संघक कार्यकारिणी सदस्य आ नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया)क विशेष आमंत्रित कार्यकारिणी सदस्य सेहो छथि।
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2 Comments
Aabhar maithilijindabaad.com aa ekar sampadak PNCji kein.
Sanjiv baabu, bahut shubh samaad.Maithily me Delhi San patrika bahaar karab.shubhkaamna
Radha Madhav Bharadwaj,