दहेज मुक्त मिथिला मुहिम
– प्रवीण नारायण चौधरी
राजा हिमवान आ रानी मैनाक घर पार्वती केर जन्म भेल आ संयोगवश एक दिन नारद ब्राह्मण (ऋषि) राजाक घर पहुँचि जाएत छथि। कन्याक कुंडली देखलनि आ कहलखिन जे कोनो बुढ़ वर संग विवाह लिखल छन्हि। मैना चिन्तित भ गेलीह। पुछलखिन जे पंडीजी केहेन भाग विधाता लिखलनि हमर सुकोमल बेटी केँ, एकर किछु निराकरण कहू। नारदजी कहलखिन जे लिखल त बूढ़े वर छन्हि, तखन एहेन लक्षण सर्वसमर्थ महादेव केर सुनने छी आ ई चाहैथ त हुनको वरण कय सकैत छथि। महादेव समान वर बिना तपस्या नहि भेटथिन। पार्वती केँ ई मत नीक लगलैन, घोर तप केलिह, सप्तऋषि घटक बनि एलाह, कन्या केर परीक्षा लेलनि आ सब किछु निरीक्षण कएला उपरांत निर्णय भेल जे पार्वती केर बियाह शिव संग हेतनि।जहिना गौरी तहिना आजुक बेटी, मिथिला में घरही गौरी छथि आ महादेव केर खोज करबाक लेल घटकैती प्रथा प्रसिद्ध अछि। मुदा वर्तमान सुगम संचार व् प्रवास केर विभिन्न स्थान पर छितैर कय रहबाक कारण आब घटक महाराज अपन वृत्ति छोड़ि देलनि। किछु घटक छिटफुट कतहु देखबो करैत छथि त ओतेक सँ समाधान नगण्य देखाइत अछि। ई चिन्ता लगातार बढैत देखा रहल अछि जे आखिर विवाह योग्य वर आ कनियां केँ कुटमैती कोना तय करायल जाय। कतेक ठाम एकर दुष्परिणाम सब सेहो सोझाँ अभरय लागल अछि। जबान बेटी, समय सँ बियाह नहि भेल, ओ अपना मोने जेहेन-तेहेन निर्णय कय केँ घर सँ निकैल गेल। कोनो जमाना मे एहेन बियाह करब बड पैघ कलंक केर रूप मे जानल जाएत छल, लोक सब उलहन दैत चर्चा करैक जे फल्लाँक बेटी उरहैर गेल। आब तऽ बेटा सेहो उरहैर रहल छैक। बेटी उरहरैक वा नहि, बेटा उरहरबाक कइएक केस सब देखय मे आबि रहल अछि। ई सब घोर चिन्ताक विषय थीक। घटक महाराज केर कमीक कारण ई सब भऽ रहल अछि कहबा मे कोनो हर्ज नहि अछि हमरा।
मुम्बई मे प्रवासी मैथिल समाज सब एकजुटता सँ एकरा वास्ते समाधान तकलैन अछि। ओ सब एकटा वेबसाइट निर्माण कएलनि अछि मैथिल डट ओर्ग! जे कियो इच्छूक होएथ ओ अपन विवाह योग्य परिचय एहि वेबसाइट पर लोड कय सकैत छथि। आगामी २३ अक्टुबर वर-वधू परिचय सम्मेलनक आयोजन होमय जा रहल अछि। एहि तरहें समाधानक किछु बाट त जरुर प्रशस्त होयत। लोकक बेटा-बेटी उरहरत नहि!
दहेज मुक्त मिथिला आइ निरंतर कतेको वर्ष सँ अपन लुक्खी प्रयास करैत आबि रहल अछि। अपन फेसबुक पेज सँ होइ, व्हाट्सअप ग्रुप सँ होइ, मैथिली जिन्दाबाद केर वेबसाइट सँ होइ – हर जगह सँ एक्के टा अपील करैत आबि रहल अछि जे भले घटकैती करेबाक लेल घटक महाराज नहि बनल जा सकैछ, लेकिन परिचय संकलन कय एक-दोसरा केँ आपस मे वार्ता करबाक लेल अवसर जरुर देल जा सकैत छैक। घरे बैसल अहाँक मोनमाफिक घटकैती पक्ष जँ सोझाँ आबि जाय आ मोबाइल फोन, विडियो कन्फ्रेन्सिंग आ कि-कि सुविधाक युग मे अहाँ केँ सीधा-सीधी एक दोसर सँ घटकैती तय करय मे नीक होयत। बस, एतबे लुक्खी प्रयास सँ अपन समाजक लोक मे वर्णसंकर पद्धति प्रवेश नहि करय से उम्मीद लगायल जा रहल अछि।
हमरा लंग बहुत रास परिचय अबैत रहैत अछि। कतेक उम्मीद सँ लोक हमरा संग अपन परिचय दैत छथि, मोनेमन हम मनन करैत छी आ ईश्वर प्रति धन्यवाद करैत छी जे कम सँ कम ईहो सेवा लायक बुझैत छथि। मुदा हम परिणामप्रदायक सहयोग अपन सीमित क्षमता सँ बहुत स्थान पर नहि दय पबैत छी। तैयो, जतेक परिचय भेटैत अछि ताहि सब केँ एकत्रित कय एकटा डायरेक्ट्रीक रूप मे मैथिली जिन्दाबाद पर राखि दैत छी। कतेको महानुभाव एहि डेग केँ खूब सराहना करैत छथि। लेकिन परिचय पठेनिहारक संख्या एखनहु ओतेक नहि बढल अछि जेकरा हम कही कि संतोषप्रद अछि। अतः छूछ प्रशंसा नहि करय जाउ…. बरु एहि मे अपन परिचित परिजनक परिचय राखिकय सहयोग करय जाउ। बेर-बेर निवेदन!
हरिः हरः!!

1 Comment
Dahej mukat mithla ego bahoot nik muhim aai or ham sab pura samrthan karai chi kiya ki dahej cancer sai paig bimari aai or e bimari pura samaj kai kharab karai chai kataik baap apn beti kai dolly mai bida karai chaith aa dahej lobhi hunka arthi par pahucha dai chai jai samaj kai kail bad kalnk kai baat tai dahej pratha khatm hoba kai cha hi